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ट्रैक्टर की टक्कर से टीचर की मौत
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Tue, 04 Oct 2016 11:38 PM IST
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सुशील कुमार क ानपुर कल्यानपुर आवास विकास निवासी एपी कुमार के बेटे थे। तीन साल पहले किशनपुर ग्राम पंचायत गढ़ा ग्राम सभा के क्योंखर परिषदीय विद्यालय में तैनात थे। यहां खागा में किराए के कमरे में रहते थे। स्कूल बंद होने के बाद बाइक से रायबरेली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के सैंबसी गांव मित्र के तिलक समारोह में शामिल होने जा रहे थे।
थरियांव हाईवे के कमालीपुर के पास गलत दिशा से आ रहे ट्रैक्टर से बाइक सवार की सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद शिक्षक बाइक से छिटककर रोड पर गिरे। ट्रैक्टर में बाइक फंसी हुई कुछ दूर तक घसीटती चली गई। हादसा देखकर राहगीर लोग रुके और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने छानबीन में मिले शिक्षक के मोबाइल से उनके मित्र सुंदर लाल को खबर दी।
उनके मित्र सुंदर लाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि विजयीपुर बीआरसी में विद्यालय की किताबें आई थी। वहीं सुशील ने उन्हें किताबे स्कूल पहुंचाने के लिए दी थी और खुद को तिलक समारोह में जाने की बात कहकर चले गए थे। बीआरसी से कमरे खागा गए होगे। वहां से तैयार होकर लालगंज रवाना हुए होगे। देर शाम परिजन मार्च्युरी हाउस पहुंचे।
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कानपरु जाजमऊ से आए शिक्षक के ससुर अवधेश कुमार ने बताया कि बेटी अवनीश की शादी दस साल पहले हुई थी। दो मासूम बच्चे आभास और अनुश्री हैं। घटना के बाद से परिवार रो-रो कर बेहाल है। शिक्षक परिवार मूल रूप से लालगंज सैंबसी गांव का रहने वाला है।
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थरियांव हाईवे के कमालीपुर के पास गलत दिशा से आ रहे ट्रैक्टर से बाइक सवार की सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद शिक्षक बाइक से छिटककर रोड पर गिरे। ट्रैक्टर में बाइक फंसी हुई कुछ दूर तक घसीटती चली गई। हादसा देखकर राहगीर लोग रुके और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने छानबीन में मिले शिक्षक के मोबाइल से उनके मित्र सुंदर लाल को खबर दी।
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उनके मित्र सुंदर लाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि विजयीपुर बीआरसी में विद्यालय की किताबें आई थी। वहीं सुशील ने उन्हें किताबे स्कूल पहुंचाने के लिए दी थी और खुद को तिलक समारोह में जाने की बात कहकर चले गए थे। बीआरसी से कमरे खागा गए होगे। वहां से तैयार होकर लालगंज रवाना हुए होगे। देर शाम परिजन मार्च्युरी हाउस पहुंचे।
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कानपरु जाजमऊ से आए शिक्षक के ससुर अवधेश कुमार ने बताया कि बेटी अवनीश की शादी दस साल पहले हुई थी। दो मासूम बच्चे आभास और अनुश्री हैं। घटना के बाद से परिवार रो-रो कर बेहाल है। शिक्षक परिवार मूल रूप से लालगंज सैंबसी गांव का रहने वाला है।