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मानकविहीन वाहनों से स्कूल जाते हैं बच्चे

Fri, 20 Jan 2017 12:32 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर Updated Fri, 20 Jan 2017 12:32 AM IST
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sub standard vehicles in school
कुंवरपुर रोड में टेंपो से लटक स्कूल जाते बच्चे - फोटो : Amar ujala
 जिले में भी मानक विहीन स्कूली वाहन बड़ी घटनाओं को दावत दे रहे हैं। कुछ स्कूलों को छोड़ अधिकांश में निजी सवारी वाहन बच्चों को लाने और ले जाने के लिए संबद्ध हैं। इनमें बच्चों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। ऐसी हालत में कभी भी एटा की तरह के हादसे से यहां भी इनकार नहीं किया जा सकता।
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जिले के महर्षि विद्या मंदिर सीनियर सेकेंड्री स्कूल, चिल्ड्रेन पब्लिक सीनियर सेकेंड्री स्कूल, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज वीआईपी रोड, सरस्वती बाल मंदिर इंटर कालेज रघुवंशपुरम के पास बच्चों को लाने और ले जाने के लिए निजी बसें हैं। इनमें खिड़कियों में शीशा के साथ रॉड लगे हैं, जिससे बच्चे खिड़की से बाहर सिर न निकाल सकें, लेकिन शहर में जगह-जगह खुले मांटेसरी स्कूलों ने भी बच्चों को लाने ले जाने की व्यवस्था कर रखी है। इने स्कूल संचालकों ने टेंपो, विक्रम और सवारी रिक्शे लगा रखे हैं जबकि इन वाहनों से बच्चों को लाना ले जाना वर्जित है। ऐसे में कभी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इसके बाद भी प्रशासन, शिक्षा और पुलिस विभाग ऐेसे वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। हर रोज ऐसे वाहनों में बच्चों को लटककर स्कूल जाते देखा जाता है। यातायात प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि अन्य वाहनों की तरह स्कूली वाहनों की भी चेकिंग की जाती है। कमी पाए जाने पर जुर्माने की कार्रवाई की जाती है।
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- तीन माह पहले बकेवर थाना क्षेत्र में टेंपो पलटने से पांच बच्चे हुए थे घायल
-तीन माह पहले सीपीएस स्कूल की बस का पचास नंबर गेट पुल पर ब्रेक फेल हुआ था। हालांकि सभी सकुशल बच गए थे।
- एक माह पहले सेंट मेरी स्कूल की बस हाईवे पर दुर्घटनाग्रस्त हुई। बच्चे घायल नहीं हुए थे।
-बीस दिन पहले इलाहाबाद के छात्रों से भरी बस शहर के नउवाबाग के पास डीसीएम से भिड़ी। बच्चे सकुशल रहे।


क्या हैं स्कूल वाहन के मानक:-
-वाहन में बच्चों के बैठने के लिए सीटें
-परिवहन विभाग में स्कूल वाहन के नाम से पंजीयन
-खिड़कियों के बाहर लोहे की जाली या फिर रॉड लगे होना
-सिर्फ एक दरवाजा मजबूत लॉक वाला होना
-खिड़कियों में मजबूत शीशा लगा होना
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