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भाजपा ने खोले पत्ते, पुराने प्रत्याशियों पर लगाया दोबारा दांव ...
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फतेहपुर। सियासी गलियारे में चल रहे तमाम कयासों को किनारे करते हुए भाजपा ने देर शाम जिले की छह में से चार विधानसभा सीटों पर दावेदारों की सूची जारी कर दी। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की ओर से जारी की गई सूची में पार्टी ने मौजूदा विधायकों पर ही दोबारा दांव लगाया है। पार्टी ने 240 फतेहपुर सदर, 241
अयाहशाह, 242 हुसैनगंज और 243 खागा विधानसभा सीट के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिया। इनमें खागा से कृष्णा पासवान, हुसैनगंज से रणवेंद्र प्रताप उर्फ धुन्नी सिंह, अयाह शाह से विकास गुप्त और फतेहपुर सदर से विक्रम सिंह को प्रत्याशी बनाया है।
प्रत्याशियों की सूची ने टिकटों को लेकर चल रही सभी अटकलों को दरकिनार कर दिया। इससे पूर्व में पार्टी की ओर से जारी हुई प्रत्याशियों की प्रथम सूची में जिस तरह से मौजूदा विधायकों के टिकट काटकर नए चेहरे लाए गए थे, उसके बाद से जिलेभर में प्रत्याशियों के टिकटों के बदले जाने की चर्चा आम हो रही थी। आमजन तो दूर पार्टी
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के कई पदाधिकारी और नए-पुराने नेता खुद ही इन अटकलों को आधार मानकर टिकट के लिए लाइन में लगे थे। कई ने तो अपना टिकट पक्का मानकर क्षेत्र में प्रचार-प्रचार शुरू कर दिया था। कुछ लोग मौजूदा विधायकों के विकल्प के तौर पर खुद को जताने के लिए पूरे तामझाम के साथ काफिला लेकर घूम रहे थे। कुछ दिल्ली और
लखनऊ में अपने आकाओं की खुशामद में लगे थे लेकिन प्रदेश हाईकमान ने सभी अटकलों को विराम दे दिया। हालांकि अभी बिंदकी और जहानाबाद से दावेदारों के नामों की घोषणा होना बाकी है। यहां टिकट का हकदार कौन होगा, यह भविष्य के गर्त में है।
इनसेट
जानिए अपने प्रत्याशियों को
फोटो 17 - कृष्णा पासवान
243 खागा विधानसभा क्षेत्र (सुरक्षित) से भाजपा ने कृष्णा पासवान को टिकट दिया है। वह मौजूदा कार्यकाल को मिलाकर तीन बार से विधायक हैं। पहली बार 2002 में तत्कालीन परिसीमन के अनुसार रही किशनपुर विधानसभा क्षेत्र से वह भाजपा से विधायक हुईं थी। 2007 का विधानसभा चुनाव हारने के बाद पार्टी ने इन्हें पहले जिलाध्यक्ष और फिर क्षेत्रीय संयोजक बनाया। 2012 में बदले हुए परिसीमन के बाद बने खागा विधानसभा क्षेत्र से कृष्णा पासवान भाजपा से दोबारा विधायक बनीं। 2017 में भी वह लगातार दूसरा चुनाव जीतीं। अब चौथी बार पार्टी ने इन्हें टिकट देकर फिर से विश्वास जताया है।
फोटो 18- रणवेंद्र प्रताप उर्फ धुन्नी सिंह
242 हुसैनगंज विधानसभा क्षेत्र से पार्टी ने रणवेंद्र प्रताप उर्फ धुन्नी सिंह को टिकट दिया है। मौजूदा विधायक होने के साथ ही वह प्रदेश सरकार में खाद्य रसद व नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री हैं। 2002 में पहली बार इन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़कर 26 हजार से अधिक वोट झटके थे। इसके बाद 2005 में राजनाथ सिंह के नेतृत्व में इन्होंने भाजपा की सदस्यता ली। 2007 में पार्टी से टिकट मिला और वह विधायक बने। 2012 में चुनाव हारने के बाद पार्टी ने जिलाध्यक्ष बनाया। 2017 में वह फिर विधायक बने। अब पार्टी ने इन्हें फिर से टिकट दिया है।
फोटो 16 - विक्रम सिंह
240 फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी ने विक्रम सिंह को तीसरी बार टिकट दिया है। 2012 में गैर जनपद से आकर इन्होंने खुद को फतेहपुर लोकसभा सीट के प्रत्याशी के रूप में प्रोजेक्ट किया। लेकिन पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में साध्वी निरंजन ज्योति को टिकट दिया था। इसी दौरान फतेहपुर विधानसभा से सपा विधायक रहे सैय्यद कासिम हसन का इंतकाल हो गया। लोकसभा चुनाव और फतेहपुर विधानसभा का उपचुनाव एक साथ हुआ। जिसमें विक्रम सिंह को उपचुनाव में भाजपा ने अपने प्रत्याशी के तौर पर उतारा। इस चुनाव में विक्रम सिंह भारी मतों से जीत दर्ज कराई थी। इसके बाद 2017 के चुनाव में विक्रम दोबारा भाजपा से विधायक बने और अब तीसरी बार पार्टी ने फिर से इन पर दांव लगाया है।
फोटो 19 - विकास गुप्त
241 अयाहशाह विधानसभा क्षेत्र से विकास गुप्त को पार्टी ने दोबारा टिकट दिया है। इनके पिता राधेश्याम गुप्त फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र 1996 और 2007 में विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। विकास गुप्त को पहली बार पार्टी ने 2017 के चुनाव में अयाह शाह क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया था। इस सीट से चार बार से लगातार विधायक और मंत्री रहे तत्कालीन बसपा नेता अयोध्या पाल को इन्होंने शिकस्त दी थी। अब 2022 के चुनाव में पार्टी ने फिर से इन पर दांव आजमाया है।
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अयाहशाह, 242 हुसैनगंज और 243 खागा विधानसभा सीट के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिया। इनमें खागा से कृष्णा पासवान, हुसैनगंज से रणवेंद्र प्रताप उर्फ धुन्नी सिंह, अयाह शाह से विकास गुप्त और फतेहपुर सदर से विक्रम सिंह को प्रत्याशी बनाया है।
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प्रत्याशियों की सूची ने टिकटों को लेकर चल रही सभी अटकलों को दरकिनार कर दिया। इससे पूर्व में पार्टी की ओर से जारी हुई प्रत्याशियों की प्रथम सूची में जिस तरह से मौजूदा विधायकों के टिकट काटकर नए चेहरे लाए गए थे, उसके बाद से जिलेभर में प्रत्याशियों के टिकटों के बदले जाने की चर्चा आम हो रही थी। आमजन तो दूर पार्टी
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के कई पदाधिकारी और नए-पुराने नेता खुद ही इन अटकलों को आधार मानकर टिकट के लिए लाइन में लगे थे। कई ने तो अपना टिकट पक्का मानकर क्षेत्र में प्रचार-प्रचार शुरू कर दिया था। कुछ लोग मौजूदा विधायकों के विकल्प के तौर पर खुद को जताने के लिए पूरे तामझाम के साथ काफिला लेकर घूम रहे थे। कुछ दिल्ली और
लखनऊ में अपने आकाओं की खुशामद में लगे थे लेकिन प्रदेश हाईकमान ने सभी अटकलों को विराम दे दिया। हालांकि अभी बिंदकी और जहानाबाद से दावेदारों के नामों की घोषणा होना बाकी है। यहां टिकट का हकदार कौन होगा, यह भविष्य के गर्त में है।
इनसेट
जानिए अपने प्रत्याशियों को
फोटो 17 - कृष्णा पासवान
243 खागा विधानसभा क्षेत्र (सुरक्षित) से भाजपा ने कृष्णा पासवान को टिकट दिया है। वह मौजूदा कार्यकाल को मिलाकर तीन बार से विधायक हैं। पहली बार 2002 में तत्कालीन परिसीमन के अनुसार रही किशनपुर विधानसभा क्षेत्र से वह भाजपा से विधायक हुईं थी। 2007 का विधानसभा चुनाव हारने के बाद पार्टी ने इन्हें पहले जिलाध्यक्ष और फिर क्षेत्रीय संयोजक बनाया। 2012 में बदले हुए परिसीमन के बाद बने खागा विधानसभा क्षेत्र से कृष्णा पासवान भाजपा से दोबारा विधायक बनीं। 2017 में भी वह लगातार दूसरा चुनाव जीतीं। अब चौथी बार पार्टी ने इन्हें टिकट देकर फिर से विश्वास जताया है।
फोटो 18- रणवेंद्र प्रताप उर्फ धुन्नी सिंह
242 हुसैनगंज विधानसभा क्षेत्र से पार्टी ने रणवेंद्र प्रताप उर्फ धुन्नी सिंह को टिकट दिया है। मौजूदा विधायक होने के साथ ही वह प्रदेश सरकार में खाद्य रसद व नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री हैं। 2002 में पहली बार इन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़कर 26 हजार से अधिक वोट झटके थे। इसके बाद 2005 में राजनाथ सिंह के नेतृत्व में इन्होंने भाजपा की सदस्यता ली। 2007 में पार्टी से टिकट मिला और वह विधायक बने। 2012 में चुनाव हारने के बाद पार्टी ने जिलाध्यक्ष बनाया। 2017 में वह फिर विधायक बने। अब पार्टी ने इन्हें फिर से टिकट दिया है।
फोटो 16 - विक्रम सिंह
240 फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी ने विक्रम सिंह को तीसरी बार टिकट दिया है। 2012 में गैर जनपद से आकर इन्होंने खुद को फतेहपुर लोकसभा सीट के प्रत्याशी के रूप में प्रोजेक्ट किया। लेकिन पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में साध्वी निरंजन ज्योति को टिकट दिया था। इसी दौरान फतेहपुर विधानसभा से सपा विधायक रहे सैय्यद कासिम हसन का इंतकाल हो गया। लोकसभा चुनाव और फतेहपुर विधानसभा का उपचुनाव एक साथ हुआ। जिसमें विक्रम सिंह को उपचुनाव में भाजपा ने अपने प्रत्याशी के तौर पर उतारा। इस चुनाव में विक्रम सिंह भारी मतों से जीत दर्ज कराई थी। इसके बाद 2017 के चुनाव में विक्रम दोबारा भाजपा से विधायक बने और अब तीसरी बार पार्टी ने फिर से इन पर दांव लगाया है।
फोटो 19 - विकास गुप्त
241 अयाहशाह विधानसभा क्षेत्र से विकास गुप्त को पार्टी ने दोबारा टिकट दिया है। इनके पिता राधेश्याम गुप्त फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र 1996 और 2007 में विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। विकास गुप्त को पहली बार पार्टी ने 2017 के चुनाव में अयाह शाह क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया था। इस सीट से चार बार से लगातार विधायक और मंत्री रहे तत्कालीन बसपा नेता अयोध्या पाल को इन्होंने शिकस्त दी थी। अब 2022 के चुनाव में पार्टी ने फिर से इन पर दांव आजमाया है।