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दोआबा में उगने लगा ताइवान का पपीता
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शाहजहांपुर गांव में ताइवान पपीता की तैयार हो रही पौध
- फोटो : FATEHPUR
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चौडगरा। दोआबा की धरती पर ताइवान का पपीता उगने लगा है। क्षेत्र के सब्जी उत्पादक किसान, परंपरागत उत्पादन गोभी और टमाटर के साथ ताइवान के पपीता की फसल भी उगाने की राह चल पड़े हैं।
ताइवान पपीता की पौध शाहजहांपुर व कोरसम गांव के खेत पर बड़ी हो रही हैं। लागत के सापेक्ष उम्दा उत्पादन के बेहतर आसार देेखकर किसान खासे उत्साहित हैं।
वैसे तो मलवां ब्लाक के यह दोनों गांव सब्जी उत्पादक गांव के रूप में जाने जाते हैं लेकिन इधर डेढ़ साल से कुछ किसानों ने खेतीबाड़ी का नजरिया बदलकर ताइवान का पपीता उगाने की पहल की है।
मौजूदा समय में पांच किसानों के बीच करीब 15 बीघा में ताइवान पपीता का बीज बोया गया है। जिसमें कोरसम गांव में कल्लू उत्तम ने 10 बीघा खेत पर ताइवान पपीता लगाया है।
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जितेंद्र उत्तम ने एक बीघा में ताइवान पपीता की फसल तैयार भी कर ली है। शाहजहांपुर गांव के प्रेम शंकर, राम शंकर, व प्रेमनाथ ने भी इस फसल को अपने अपने खेत का हिस्सा बनाया है।
पेेशे से अधिवक्ता प्रेम शंकर बताते हैं कि उन्होंने मई महीने में गोभी की नर्सरी के साथ ताइवान पपीता की भी नर्सरी लगाई थी। गोभी की फसल कट चुकी है। पपीता भी तैयार है। मार्च में कटना शुरू हो जाएगा। (संवाद)
10 हजार का आता खर्च
ताइवान पपीता की खेती मुनाफे का सौदा है। ताइवान बीज की कीमत तीन लाख 80 हजार रुपये प्रति किलो है। एक यह 10 ग्राम की पुड़िया पर उपलब्ध है। एक बीघा खेत में 20 ग्राम बीज डालना होता है।
इस लिहाज से एक बीघा में 3800 रुपये का बीज लगता है। सिंचाई व खाद की रकम को मिलाकर करीब 10 हजार रुपये का खर्च आता है। पैदावार की बात करें तो एक बीघा में लगभग 600 पौधे लगते हैं।
एक पेड़ में 60 किलो की पैदावार होती है। बाजार में ताइवान का कच्चा पपीता खपता है। इसकी कीमत 15 से 20 रुपये प्रति किलो तक है।
ऑनलाइन मंगा कर बोया बीज
शाहजहांपुर (मझिलेेगांव) के किसान जितेंद्र उत्तम ने बताया कि पिछले साल सितंबर के महीने में ताइवान रेड लेडी 786 बीज को एक बीघा पर बोया था।
परंपरागत खेती के साथ दूसरी फसल करने का इरादा बनाकर ही यह बीज उन्होंने ऑनलाइन मंगाया था। 20 ग्राम बीज मंगाने में करीब 7800 रुपये का खर्च आया। अब यह बीज बिंदकी की एक एजेंसी के जरिये भी उपलब्ध है।
और बढ़ सकता है दायरा
वैसे तो अभी जिले के मलवां ब्लाक के शाहजहांपुर (मझिलेगांव) व कोरसम गांव में ताइवान का पपीता उगाया जा रहा है। जिस तरह से इस फसल को करने वाले किसान उत्साहित हैं।
उससे तमाम किसान ताइवान पपीता की फसल करने का मन बना रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो आने वाले समय ताइवान पपीता का उत्पादन, सब्जी उत्पादक खेती पर बढ़ सकता है।
शाहजहांपुर के सुनील कुमार कहते हैं कि वैसे तो बीज काफी महंगा है, जिसे मंगाना हर किसान के बस का नहीं लेकिन इस फसल का भविष्य अच्छा है।
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ताइवान पपीता की पौध शाहजहांपुर व कोरसम गांव के खेत पर बड़ी हो रही हैं। लागत के सापेक्ष उम्दा उत्पादन के बेहतर आसार देेखकर किसान खासे उत्साहित हैं।
वैसे तो मलवां ब्लाक के यह दोनों गांव सब्जी उत्पादक गांव के रूप में जाने जाते हैं लेकिन इधर डेढ़ साल से कुछ किसानों ने खेतीबाड़ी का नजरिया बदलकर ताइवान का पपीता उगाने की पहल की है।
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मौजूदा समय में पांच किसानों के बीच करीब 15 बीघा में ताइवान पपीता का बीज बोया गया है। जिसमें कोरसम गांव में कल्लू उत्तम ने 10 बीघा खेत पर ताइवान पपीता लगाया है।
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जितेंद्र उत्तम ने एक बीघा में ताइवान पपीता की फसल तैयार भी कर ली है। शाहजहांपुर गांव के प्रेम शंकर, राम शंकर, व प्रेमनाथ ने भी इस फसल को अपने अपने खेत का हिस्सा बनाया है।
पेेशे से अधिवक्ता प्रेम शंकर बताते हैं कि उन्होंने मई महीने में गोभी की नर्सरी के साथ ताइवान पपीता की भी नर्सरी लगाई थी। गोभी की फसल कट चुकी है। पपीता भी तैयार है। मार्च में कटना शुरू हो जाएगा। (संवाद)
10 हजार का आता खर्च
ताइवान पपीता की खेती मुनाफे का सौदा है। ताइवान बीज की कीमत तीन लाख 80 हजार रुपये प्रति किलो है। एक यह 10 ग्राम की पुड़िया पर उपलब्ध है। एक बीघा खेत में 20 ग्राम बीज डालना होता है।
इस लिहाज से एक बीघा में 3800 रुपये का बीज लगता है। सिंचाई व खाद की रकम को मिलाकर करीब 10 हजार रुपये का खर्च आता है। पैदावार की बात करें तो एक बीघा में लगभग 600 पौधे लगते हैं।
एक पेड़ में 60 किलो की पैदावार होती है। बाजार में ताइवान का कच्चा पपीता खपता है। इसकी कीमत 15 से 20 रुपये प्रति किलो तक है।
ऑनलाइन मंगा कर बोया बीज
शाहजहांपुर (मझिलेेगांव) के किसान जितेंद्र उत्तम ने बताया कि पिछले साल सितंबर के महीने में ताइवान रेड लेडी 786 बीज को एक बीघा पर बोया था।
परंपरागत खेती के साथ दूसरी फसल करने का इरादा बनाकर ही यह बीज उन्होंने ऑनलाइन मंगाया था। 20 ग्राम बीज मंगाने में करीब 7800 रुपये का खर्च आया। अब यह बीज बिंदकी की एक एजेंसी के जरिये भी उपलब्ध है।
और बढ़ सकता है दायरा
वैसे तो अभी जिले के मलवां ब्लाक के शाहजहांपुर (मझिलेगांव) व कोरसम गांव में ताइवान का पपीता उगाया जा रहा है। जिस तरह से इस फसल को करने वाले किसान उत्साहित हैं।
उससे तमाम किसान ताइवान पपीता की फसल करने का मन बना रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो आने वाले समय ताइवान पपीता का उत्पादन, सब्जी उत्पादक खेती पर बढ़ सकता है।
शाहजहांपुर के सुनील कुमार कहते हैं कि वैसे तो बीज काफी महंगा है, जिसे मंगाना हर किसान के बस का नहीं लेकिन इस फसल का भविष्य अच्छा है।