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Fatehpur News: प्रत्यंचा चढ़ाते वक्त टूटा शिव धनुष, सीता संग रचाया विवाह
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फोटो-08-खागा की रामलीला में परशुराम-लक्ष्मण संवाद का मंचन करते कलाकार। संवाद
खागा। नगर की रामलीला में शनिवार रात सीता स्वयंवर, राम-सीता विवाह और परशुराम-लक्ष्मण संवाद का जीवंत मंचन हुआ। अयोध्या मंदिर परिसर में आयोजित इस लीला को देखने के लिए नगरवासियों की भारी भीड़ उमड़ी और देर रात तक दर्शक डटे रहे।
लीला में दिखाया गया कि श्रीराम, लक्ष्मण और गुरु विश्वामित्र के साथ जनकपुर पहुंचते हैं। यहां राजा जनक की पुत्री सीता का स्वयंवर हो रहा है। शर्त थी जो शिव धनुष तोड़ेगा वही सीता का वरण करेगा।
कई राजाओं ने प्रयास किया, लेकिन धनुष हिला भी नहीं सके। गुरु की आज्ञा पर श्रीराम ने धनुष उठाकर जैसे ही प्रत्यंचा चढ़ाई, तभी शिव धनुष टूट गया। इस पर जय श्रीराम के नारों से वातावरण गूंज उठा। इसके बाद राम-सीता विवाह का दृश्य प्रस्तुत हुआ। दर्शकों ने पुष्पवर्षा की, मंगल गीत गाए और राम-सीता की आरती उतारी।
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धनुष टूटने की गर्जना सुनकर परशुराम का आगमन हुआ। उन्होंने धनुष भंजन करने वाले से मिलने की इच्छा जताई। इस पर लक्ष्मण और परशुराम के बीच रोचक संवाद का मंचन हुआ। मंचन के दौरान प्रकाश पांडेय, अश्वनी, विक्रम सिंह, राजाराम अग्रहरि सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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लीला में दिखाया गया कि श्रीराम, लक्ष्मण और गुरु विश्वामित्र के साथ जनकपुर पहुंचते हैं। यहां राजा जनक की पुत्री सीता का स्वयंवर हो रहा है। शर्त थी जो शिव धनुष तोड़ेगा वही सीता का वरण करेगा।
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कई राजाओं ने प्रयास किया, लेकिन धनुष हिला भी नहीं सके। गुरु की आज्ञा पर श्रीराम ने धनुष उठाकर जैसे ही प्रत्यंचा चढ़ाई, तभी शिव धनुष टूट गया। इस पर जय श्रीराम के नारों से वातावरण गूंज उठा। इसके बाद राम-सीता विवाह का दृश्य प्रस्तुत हुआ। दर्शकों ने पुष्पवर्षा की, मंगल गीत गाए और राम-सीता की आरती उतारी।
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धनुष टूटने की गर्जना सुनकर परशुराम का आगमन हुआ। उन्होंने धनुष भंजन करने वाले से मिलने की इच्छा जताई। इस पर लक्ष्मण और परशुराम के बीच रोचक संवाद का मंचन हुआ। मंचन के दौरान प्रकाश पांडेय, अश्वनी, विक्रम सिंह, राजाराम अग्रहरि सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।