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असगर का नाटक महाबली व्यास सम्मान के लिए नामित
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हसवा। हिंदी साहित्य में उपन्यास, नाटक, संस्मरण, कहानियों के माध्यम से जिले का गौरव बढ़ाने वाले असगर वजाहत को तुलसीदास पर आधारित नाटक महाबली में व्यास सम्मान के लिए नामित किया गया है। इसके लिए उन्हें केके बिरला फाउंडेशन की ओर से चार लाख रुपए नकद, प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिह्न भेंट किया जाएगा। खास बात यह है कि इस नाटक का पाठ फतेहपुर के पवित्र स्थल ओम घाट पर हो चुका है।
कवि एवं शायर शिवशरण बंधु हथगामी ने बताया कि वर्ष 2021 के व्यास सम्मान के लिए लेखक डॉ. असगर वजाहत के नाटक महाबली को चुना गया है। रामचरित मानस के रचयिता तुलसीदास पर आधारित इस पुस्तक का प्रकाशन 2019 में हुआ था। फतेहपुर में इस नाटक के विषय में परिचर्चा भी हो चुकी है। पुरस्कार के लिए स्वामी विज्ञानानंद जी, जिले के साहित्यकार जफर इकबाल जफर, डॉ. ओम प्रकाश अवस्थी, कमर सिद्दीकी, शिव शरण सिंह चौहान अंशुमाली, राम लखन सिंह परिहार प्रांजल, डॉ. वारिस अंसारी, प्रेम नंदन, जमाल अहमद, राज फतेहपुरी, शिवम हथगामी, केके त्रिपाठी, सैयद अब्दुल्लाह जाफरी, जरगाम साहब, राजेंद्र साहू, शिवसिंह सागर और वसीक सनम ने उन्हें बधाई दी है।
केके बिरला फाउंडेशन के दूसरे सबसे प्रतिष्ठित व्यास सम्मान के लिए नामित किया गया नाटक महाकवि तुलसीदास पर आधारित है। लेखक असगर वजाहत ने बताया की यह नाटक तुलसीदास और उनके महाकाव्य रामचरितमानस के आधार पर लिखा गया है। तुलसीदास के समय रामकथा केवल संस्कृत भाषा में उपलब्ध थी। तुलसीदास ने रामकथा को लोकप्रिय बनाने के लिए उसे जन भाषा अवधी में लिखने का बीड़ा उठाया और संस्कृत से अवधी भाषा में रामकथा का वर्णन करने का कुछ लोगों ने विरोध भी किया था।
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कवि एवं शायर शिवशरण बंधु हथगामी ने बताया कि वर्ष 2021 के व्यास सम्मान के लिए लेखक डॉ. असगर वजाहत के नाटक महाबली को चुना गया है। रामचरित मानस के रचयिता तुलसीदास पर आधारित इस पुस्तक का प्रकाशन 2019 में हुआ था। फतेहपुर में इस नाटक के विषय में परिचर्चा भी हो चुकी है। पुरस्कार के लिए स्वामी विज्ञानानंद जी, जिले के साहित्यकार जफर इकबाल जफर, डॉ. ओम प्रकाश अवस्थी, कमर सिद्दीकी, शिव शरण सिंह चौहान अंशुमाली, राम लखन सिंह परिहार प्रांजल, डॉ. वारिस अंसारी, प्रेम नंदन, जमाल अहमद, राज फतेहपुरी, शिवम हथगामी, केके त्रिपाठी, सैयद अब्दुल्लाह जाफरी, जरगाम साहब, राजेंद्र साहू, शिवसिंह सागर और वसीक सनम ने उन्हें बधाई दी है।
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केके बिरला फाउंडेशन के दूसरे सबसे प्रतिष्ठित व्यास सम्मान के लिए नामित किया गया नाटक महाकवि तुलसीदास पर आधारित है। लेखक असगर वजाहत ने बताया की यह नाटक तुलसीदास और उनके महाकाव्य रामचरितमानस के आधार पर लिखा गया है। तुलसीदास के समय रामकथा केवल संस्कृत भाषा में उपलब्ध थी। तुलसीदास ने रामकथा को लोकप्रिय बनाने के लिए उसे जन भाषा अवधी में लिखने का बीड़ा उठाया और संस्कृत से अवधी भाषा में रामकथा का वर्णन करने का कुछ लोगों ने विरोध भी किया था।
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