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छिवलहा में भेष बदल निकले बच्चे, रामलीला का आगाज
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छिवलहा। कस्बे में हर साल होने वाली तीन दिवसीय रामलीला का शुक्रवार को परंपरागत तरीके से आगाज हुआ। कस्बे के बच्चों व युवाओं ने देवी-देवताओं, जंगली जीवों का भेष धारण किया और पूरे कस्बे में भ्रमण किया। रामलीला पांच अप्रैल से शुरू होने वाली है।
रामलीला कमेटी के संयोजक मुन्ना महाराज ने बताया कि होली के बाद बुढ़वा मंगल को रामलीला की झांकियां निकलती हैं। इस वर्ष रामलीला का आयोजन पांच, छह व सात अप्रैल को होगा। इसमें छह अप्रैल मंगलवार को झांकियों का भ्रमण होगा। कमेटी सदस्य राधाकृष्ण व संजय पांडेय ने बताया कि कमेटी की देखरेख में शुक्रवार को परम्परा के अनुसार गांव के कस्बे के नवयुवक, छोटे बच्चों व बुजुर्गों द्वारा भेष बदलकर भ्रमण किया गया।
इसमें कोई शेर, तो कोई चीता बना। राक्षस, मां काली, ताड़का, राम-लक्ष्मण व सीता के रूप में भी बच्चे निकले। इस मौके पर लालचंद्र, मोहसिन, नईम, नीरू, अनुराग त्रिपाठी, राजेंद्र सोनी, अमन गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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रामलीला कमेटी के संयोजक मुन्ना महाराज ने बताया कि होली के बाद बुढ़वा मंगल को रामलीला की झांकियां निकलती हैं। इस वर्ष रामलीला का आयोजन पांच, छह व सात अप्रैल को होगा। इसमें छह अप्रैल मंगलवार को झांकियों का भ्रमण होगा। कमेटी सदस्य राधाकृष्ण व संजय पांडेय ने बताया कि कमेटी की देखरेख में शुक्रवार को परम्परा के अनुसार गांव के कस्बे के नवयुवक, छोटे बच्चों व बुजुर्गों द्वारा भेष बदलकर भ्रमण किया गया।
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इसमें कोई शेर, तो कोई चीता बना। राक्षस, मां काली, ताड़का, राम-लक्ष्मण व सीता के रूप में भी बच्चे निकले। इस मौके पर लालचंद्र, मोहसिन, नईम, नीरू, अनुराग त्रिपाठी, राजेंद्र सोनी, अमन गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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