फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   Police to collect WhatsApp chat data of cyber criminals from Meta

Fatehpur News: मेटा से साइबर अपराधियों की व्हाट्सएप चैटिंग का डाटा लेगी पुलिस

Wed, 03 Dec 2025 01:27 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 03 Dec 2025 01:27 AM IST
विज्ञापन
Police to collect WhatsApp chat data of cyber criminals from Meta
फतेहपुर। सेवानिवृत्त रेलवे कर्मी मोतीलाल को मनी लांड्रिंग में फंसाने व गिरफ्तारी का डर दिखाकर 41.10 लाख रुपये की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय तीन साइबर अपराधियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर सभी को जेल भेजा गया है। पुलिस आरोपियों के पास से मिले मोबाइल फोन, सिम कार्ड, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, चेकबुक, लैपटाॅप टैबलेट व अन्य इलेक्ट्राॅनिक उपकरण, कूटरचित दस्तावेजों की जांच में जुटी है। पुलिस वारदात में साइबर अपराधियों के इस्तेमाल किए गए व्हाट्सएप का डाटा निकालने के लिए मेटा से संपर्क कर रही है।
विज्ञापन

गुल्ला का पुरवा निवासी मोतीलाल से साइबर अपराधियों ने चार से 17 नवंबर के बीच 41 लाख 10 हजार ठग लिए थे। साइबर थाना पुलिस ने ग्रेटर नोएडा परी चौक क्षेत्र से इंटेलीजेंस विंग की टीम के साथ दिल्ली के कीर्तिनगर थाने के मानसरोवर गार्डेन निवासी सार्थक ग्रोवर, गाजियाबाद खोड़ा निवासी राहुल शर्मा, गाजियाबाद खोड़ा निवासी संतोष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। संतोष इटावा जिले के बकेवर का मूल निवासी है। आरोपियों के सरगना एक मोबाइल नंबर से व्हाट्एसप पर एटीएस चीफ बसंतलाल बनकर मोतीलाल से संपर्क किया था।
विज्ञापन

पुलिस की जांच में पता चला कि सार्थक ग्रोवर का नेटवर्क दुबई तक फैला है। पुलिस को व्हाट्सएप समेत विभिन्न एप के माध्यम से बातचीत की चैटिंग सार्थक के मोबाइल से मिली है। व्हाट्सएप मैसेज की वास्तविक सामग्री को मेटा सुरक्षित करता है। इसी वजह से पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटाने के लिए पीड़ित के मोबाइल पर भेजे गए मैसेज का डाटा चाहती है। मैसेज भेजने और प्राप्त करने का समय, फोन नंबर, आईपी एड्रेस, अन्य डिजिटल फुटप्रिंट की जानकारी पुलिस हासिल कर सकेगी। जिससे नेटवर्क में जुड़े अन्य साइबर अपराधियों तक पुलिस पहुंच सकेगी। साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि व्हाट्सएप चैटिंग समेत अन्य डाटा की जानकारी जुटाई जा रही है। जिससे गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों के नाम सामने आ सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed