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जिला अस्पताल में आक्सीजन संकट समाप्त
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फतेहपुर। जिला अस्पताल में ऑक्सीजन का संकट समाप्त हो गया है। अब जिला अस्पताल में पाइप लाइन बिछाकर 80 बेडों में ऑक्सीजन आपूर्ति की सुविधा शुरू कर दी गई है। मई में ऑक्सीजन की कमी की वजह से बड़ी संख्या में कोरोना रोगियों की मौत हो गई थी।
मई में कोरोना संक्रमितों की ऑक्सीजन की कमी से बड़ी तादाद में लोगों की मौत हुई थी। अस्पताल का एक वाहन दिनभर ऑक्सीजन सिलिंडर ढो रहा था, लेकिन ऑक्सीजन पूरी नहीं पड़ रही थी। इस समस्या को देखते हुए जिला अस्पताल में केंद्र सरकार की मदद से 45 जंबो सिलिंडर की क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। यह प्लांट चालू कर दिया गया है।
प्लांट को जिला अस्पताल के वार्डों को ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाकर दी गई है। अस्पताल के तीनों वार्डों के 80 बेडों में ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए सुविधा दी गई है। अब जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल एक साथ 80 रोगियों को बिना किसी समस्या के ऑक्सीजन की आपूर्ति कर सकेगा। बिजली न रहने पर प्लांट जनरेटर से भी चलाया जा सकेगा। प्लांट के लिए स्वास्थ्य विभाग अलग से जनरेटर की व्यवस्था कर रहा है। सीएमएस डॉ. प्रभाकर का कहना है कि ऑक्सीजन प्लांट चालू होने से ऑक्सीजन संकट की समस्या खत्म हो गई है। अस्पताल में अब एक साथ 80 बेडों पर ऑक्सीजन आपूर्ति की जा सकती है।
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मई में कोरोना संक्रमितों की ऑक्सीजन की कमी से बड़ी तादाद में लोगों की मौत हुई थी। अस्पताल का एक वाहन दिनभर ऑक्सीजन सिलिंडर ढो रहा था, लेकिन ऑक्सीजन पूरी नहीं पड़ रही थी। इस समस्या को देखते हुए जिला अस्पताल में केंद्र सरकार की मदद से 45 जंबो सिलिंडर की क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। यह प्लांट चालू कर दिया गया है।
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प्लांट को जिला अस्पताल के वार्डों को ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाकर दी गई है। अस्पताल के तीनों वार्डों के 80 बेडों में ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए सुविधा दी गई है। अब जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल एक साथ 80 रोगियों को बिना किसी समस्या के ऑक्सीजन की आपूर्ति कर सकेगा। बिजली न रहने पर प्लांट जनरेटर से भी चलाया जा सकेगा। प्लांट के लिए स्वास्थ्य विभाग अलग से जनरेटर की व्यवस्था कर रहा है। सीएमएस डॉ. प्रभाकर का कहना है कि ऑक्सीजन प्लांट चालू होने से ऑक्सीजन संकट की समस्या खत्म हो गई है। अस्पताल में अब एक साथ 80 बेडों पर ऑक्सीजन आपूर्ति की जा सकती है।
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