{"_id":"651c61c32aa584b2b3051f24","slug":"people-used-to-become-christians-as-soon-as-they-took-a-dip-in-the-pond-fatehpur-news-c-12-1-knp1023-426858-2023-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: कुंड में डुबकी लगाते ही ईसाई बन जाते थे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: कुंड में डुबकी लगाते ही ईसाई बन जाते थे लोग
विज्ञापन
फतेहपुर। लखनऊ से पकड़े गए शुआट्स के प्रशासन निदेशक डाॅ. विनोद बी लाल ने एसआईटी की पूछताछ में धर्मांतरण के कई राज उगले हैं। धर्मांतरण के लिए शुआट्स परिसर में बने यीशू दरबार स्थित कुंड का इस्तेमाल किया जाता था। निदेशक ने बयान में बताया कि शुआट्स कुलपति भाई आरबी लाल के साथ मिलकर भोले-भाले हिंदुओं का धर्मांतरण कराता था। कुंड में डुबकी लगाते समय लोग हिंदू धर्म को नीचे छोड़ आते थे, बाहर आने पर ईसाई बन जाते थे।
सदर कोतवाली के ईसीआई और प्रेस बिटेरियन चर्च में धर्मांतरण कराए जाने के पांच मुकदमों में नामजद शुआट्स का प्रशासनिक निदेशक डाॅ. विनोद बी लाल को दूसरे मामलों में प्रयागराज पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कोतवाली में दर्ज मामलों की जांच में जुटी एसआईटी आरोपी के बयान दर्ज करने पहुंची थी। एसआईटी विवेचक सीओ वीर सिंह ने निदेशक से करीब 15 से 20 सवाल धर्मांतरण और जिले में फैले नेटवर्क को लेकर किए।
निदेशक ने बताया कि मिशनरी की संस्थाओं के लोग भोले-भाले हिंदुओं को नौकरी, अच्छी लड़की से शादी, मिशनरी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई, रोजगार का लालच देकर दरबार में लेकर आते थे। यहां हिंदुओं के मन को ईसाई धर्म का ज्ञान देकर कुलपति भाई डाॅ. आरबी लाल बहकाते थे। इसके बाद यीशू दरबार के कुंड में यह कहकर डुबकी लगवाई जाती है कि उन्होंने हिंदू धर्म नीचे छोड़ दिया है। वह डुबकी लगाकर बाहर निकलेंगे तो ऊंचाई की ओर ईसाई धर्म में हो चुकेंगे। एसआईटी यीशू दरबार में कुंड की जांच करने भी पहुंची।
विज्ञापन
कुंड की फोटोग्राफ और अन्य तफ्तीश की है। पूछताछ में एटा जिले का मूल निवासी विनोद बी लाल ने विदेशी फंडिंग के बारे में अनभिज्ञता जताई। एसआईटी बैंक खातों की जांच कर फंडिंग का पता लगाने में जुटी है। धर्मांतरण करने वाले हिंदुओं की संख्या भी नहीं बता सका है। एसआईटी सीओ वीर सिंह ने बताया कि निदेशक से पूछताछ कर बयान दर्ज किए गए हैं। बयान के अनुसार चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
जिले में पादरी ढिल्लो नेटवर्क का सरगना
एसआईटी की पूछताछ में सामने आया कि देवीगंज स्थित प्रेस बिटीरियन चर्च का पादरी विमल कुमार ढिल्लो ने शुआट्स के कुलपति और निदेशक के इशारे पर धर्मांतरण का जाल फैला रखा था। उसने धर्मांतरण की चलाई जा रही मुहिम के तहत वर्ल्ड विजन संस्था, ब्राडवेल मिशन हाॅस्पिटल और चर्चों के प्रमुख लोगों को शामिल कर रखा था। संस्थाओं के जरिए लोगों का ब्रेनवॉश किया जाता था। पादरी मूल रूप से बिहार प्रांत के आरा जिले का रहने वाला है। उसे शुआट्स से ही चर्च पर तैनाती के साथ मासिक तनख्वाह और धर्मांतरण के लिए फंडिंग मिलती थी। शुआट्स ने करीब एक दशक पहले प्रेस बिटेरियन चर्च में पादरी की तैनाती की थी। धर्मांतरण के मुकदमों में पादरी फरार चल रहा है। उसकी संपत्ति कुर्क के आदेश भी कोर्ट ने किए हैं।
विज्ञापन
सदर कोतवाली के ईसीआई और प्रेस बिटेरियन चर्च में धर्मांतरण कराए जाने के पांच मुकदमों में नामजद शुआट्स का प्रशासनिक निदेशक डाॅ. विनोद बी लाल को दूसरे मामलों में प्रयागराज पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कोतवाली में दर्ज मामलों की जांच में जुटी एसआईटी आरोपी के बयान दर्ज करने पहुंची थी। एसआईटी विवेचक सीओ वीर सिंह ने निदेशक से करीब 15 से 20 सवाल धर्मांतरण और जिले में फैले नेटवर्क को लेकर किए।
विज्ञापन
निदेशक ने बताया कि मिशनरी की संस्थाओं के लोग भोले-भाले हिंदुओं को नौकरी, अच्छी लड़की से शादी, मिशनरी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई, रोजगार का लालच देकर दरबार में लेकर आते थे। यहां हिंदुओं के मन को ईसाई धर्म का ज्ञान देकर कुलपति भाई डाॅ. आरबी लाल बहकाते थे। इसके बाद यीशू दरबार के कुंड में यह कहकर डुबकी लगवाई जाती है कि उन्होंने हिंदू धर्म नीचे छोड़ दिया है। वह डुबकी लगाकर बाहर निकलेंगे तो ऊंचाई की ओर ईसाई धर्म में हो चुकेंगे। एसआईटी यीशू दरबार में कुंड की जांच करने भी पहुंची।
विज्ञापन
कुंड की फोटोग्राफ और अन्य तफ्तीश की है। पूछताछ में एटा जिले का मूल निवासी विनोद बी लाल ने विदेशी फंडिंग के बारे में अनभिज्ञता जताई। एसआईटी बैंक खातों की जांच कर फंडिंग का पता लगाने में जुटी है। धर्मांतरण करने वाले हिंदुओं की संख्या भी नहीं बता सका है। एसआईटी सीओ वीर सिंह ने बताया कि निदेशक से पूछताछ कर बयान दर्ज किए गए हैं। बयान के अनुसार चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
जिले में पादरी ढिल्लो नेटवर्क का सरगना
एसआईटी की पूछताछ में सामने आया कि देवीगंज स्थित प्रेस बिटीरियन चर्च का पादरी विमल कुमार ढिल्लो ने शुआट्स के कुलपति और निदेशक के इशारे पर धर्मांतरण का जाल फैला रखा था। उसने धर्मांतरण की चलाई जा रही मुहिम के तहत वर्ल्ड विजन संस्था, ब्राडवेल मिशन हाॅस्पिटल और चर्चों के प्रमुख लोगों को शामिल कर रखा था। संस्थाओं के जरिए लोगों का ब्रेनवॉश किया जाता था। पादरी मूल रूप से बिहार प्रांत के आरा जिले का रहने वाला है। उसे शुआट्स से ही चर्च पर तैनाती के साथ मासिक तनख्वाह और धर्मांतरण के लिए फंडिंग मिलती थी। शुआट्स ने करीब एक दशक पहले प्रेस बिटेरियन चर्च में पादरी की तैनाती की थी। धर्मांतरण के मुकदमों में पादरी फरार चल रहा है। उसकी संपत्ति कुर्क के आदेश भी कोर्ट ने किए हैं।