{"_id":"5dd2e6b98ebc3e548b2b02a4","slug":"park-badhaal-fatehpur-news-knp526677618","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेल के इंतजाम नहीं: बड़े पार्क बदहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेल के इंतजाम नहीं: बड़े पार्क बदहाल
विज्ञापन
फतेहपुर। शहरी बच्चों को खेलकूद के लिए न तो स्थान है और न ही इंतजाम। बड़े पार्क (खाली पड़े मैदान) निजी हाथों में हैं लिहाजा वहां उनकी हुकूमत चलती है। जब चाहा खेलने दिया, जब चाहा भगा दिया। पालिका से सुंदरीकरण के लिए बने पार्क घूमने व बैठने के लिए तो हैं लेकिन खेलकूद लायक नहीं। शहर के बीच सिविल लाइंस में खाली पड़े यूसुफ क्लब में ताला बंद है। गांधी पार्क भी पथरीला हो चला है। शहर का इकलौता स्पोर्ट्स स्टेडियम शहर के बाहरी मुहाने पर बना है, जहां आसपास के लोग तो पहुंच सकते हैं लेकिन आम शहरी नहीं।
बता दें कि शहर से भी कई खेल प्रतिभाएं निखर सकती हैं। नित नए आयाम गढ़ सकती हैं पर, मूलभूत सुविधाओं के अभाव में उनका हुनर गलियों और छोटे मैदानों की हद भी पार नहीं कर पाता। फुटबाल, वालीबाल, हॉकी, क्रिकेट को छोड़िए छोटी सी जगह में खेले जा सकने वाले बैडमिंटन तक के लिए सुविधा नहीं हैं। शहर में बैडमिंटन खिलाड़ियों की भी अच्छी खासी संख्या है। खेल प्रेमियों के लिए एकमात्र स्पोर्ट्स स्टेडियम जगह है। जहां बैडमिंटन प्रेमी कॉमन हाल में खेलने पहुंचते हैं। इस कॉमन हाल की दुर्दशा का आलम यह है कि यहां न तो जमीन सुरक्षित है औ न ही छत। फर्श उखड़ चुकी है और छत भी जर्जर है।
स्पोर्ट्स स्टेडियम में इतनी जगह है कि यहां प्रदेश स्तर की बैडमिंटन प्रतियोगिता कराई जा सकती है। हमारा प्रयास है कि खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा और सुविधाएं दे सकें। इसके लिए शीघ्र ही एस्टीमेट तैयार कर बजट की मांग की जाएगी। जिससे स्टेडियम में कम से कम प्रदेश स्तरीय बैडमिंटन कोर्ट तैयार हो सके। बच्चों के खेलकूद की भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
विज्ञापन
- संजीव सिंह, जिलाधिकारी
विज्ञापन
बता दें कि शहर से भी कई खेल प्रतिभाएं निखर सकती हैं। नित नए आयाम गढ़ सकती हैं पर, मूलभूत सुविधाओं के अभाव में उनका हुनर गलियों और छोटे मैदानों की हद भी पार नहीं कर पाता। फुटबाल, वालीबाल, हॉकी, क्रिकेट को छोड़िए छोटी सी जगह में खेले जा सकने वाले बैडमिंटन तक के लिए सुविधा नहीं हैं। शहर में बैडमिंटन खिलाड़ियों की भी अच्छी खासी संख्या है। खेल प्रेमियों के लिए एकमात्र स्पोर्ट्स स्टेडियम जगह है। जहां बैडमिंटन प्रेमी कॉमन हाल में खेलने पहुंचते हैं। इस कॉमन हाल की दुर्दशा का आलम यह है कि यहां न तो जमीन सुरक्षित है औ न ही छत। फर्श उखड़ चुकी है और छत भी जर्जर है।
विज्ञापन
स्पोर्ट्स स्टेडियम में इतनी जगह है कि यहां प्रदेश स्तर की बैडमिंटन प्रतियोगिता कराई जा सकती है। हमारा प्रयास है कि खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा और सुविधाएं दे सकें। इसके लिए शीघ्र ही एस्टीमेट तैयार कर बजट की मांग की जाएगी। जिससे स्टेडियम में कम से कम प्रदेश स्तरीय बैडमिंटन कोर्ट तैयार हो सके। बच्चों के खेलकूद की भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
विज्ञापन
- संजीव सिंह, जिलाधिकारी