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तालाब की जमीन पर बने निर्माण को कराया ध्वस्त
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खागा। धाता ब्लाक के सरवनपुर नेदौरा गांव में हाईकोर्ट के आदेश पर एक तालाब की जमीन पर बने निर्माण को राजस्व टीम ने गिरा दिया।
तहसीलदार खागा शशिभूषण मिश्र ने बताया कि गांव के ही अजमुद्दीन ने तालाब की जमीन पर कब्जा कर लिया था। इसे लेकर तहसीलदार खागा की कोर्ट से 1995 में बेदखली का आदेश पारित हुआ था। इसके बाद भी तालाब से कब्जा नहीं हटाया गया। पिछले डेढ़ साल में कब्जेदार ने मकान का निर्माण करा लिया था। इसके विरोध में गांव के ही मोहम्मद गौस और करयाज अहमद ने बेदखली
आदेश को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसमें हाईकोर्ट ने निर्माण को ध्वस्त कराने के आदेश दिए। आदेश के अनुपालन में उनके द्वारा राजस्व टीम को पुलिस बल के साथ निर्माण ध्वस्त कराने के निर्देश दिए गए थे। राजस्व निरीक्षक विपिन यादव, लेखपाल जंगबहादुर और प्रेमचंद्र पटेल पुलिस बल के साथ गुरुवार को गांव पहुंचे और निर्माण को ध्वस्त करा दिया।
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तहसीलदार खागा शशिभूषण मिश्र ने बताया कि गांव के ही अजमुद्दीन ने तालाब की जमीन पर कब्जा कर लिया था। इसे लेकर तहसीलदार खागा की कोर्ट से 1995 में बेदखली का आदेश पारित हुआ था। इसके बाद भी तालाब से कब्जा नहीं हटाया गया। पिछले डेढ़ साल में कब्जेदार ने मकान का निर्माण करा लिया था। इसके विरोध में गांव के ही मोहम्मद गौस और करयाज अहमद ने बेदखली
आदेश को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसमें हाईकोर्ट ने निर्माण को ध्वस्त कराने के आदेश दिए। आदेश के अनुपालन में उनके द्वारा राजस्व टीम को पुलिस बल के साथ निर्माण ध्वस्त कराने के निर्देश दिए गए थे। राजस्व निरीक्षक विपिन यादव, लेखपाल जंगबहादुर और प्रेमचंद्र पटेल पुलिस बल के साथ गुरुवार को गांव पहुंचे और निर्माण को ध्वस्त करा दिया।
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