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... और खड़ी हो गईं 102 एंबुलेंस सेवा
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फतेहपुर। सेवा प्रदाता कंपनी जीवीके ईएमआरआई के रवैए से नाराज कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया। विरोध के पहले चक्र में 102 एंबुलेंस सेवा को जहां का तहां खड़ा कर दिया गया है। 108 व 102 एंबुलेंस कर्मियों का कहना है, तीन दिन में लंबित मांगों का हल नहीं निकलता है तो फिर 108 एंबुलेंस भी खड़ी कर दी जाएंगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत जिले में 32 एंबुलेंस 108 नंबर की हैं और 35 एंबुलेंस, 102 नबंर की हैं। तीन एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस भी हैं। एंबुलेंस सेवा से 263 ईएमटी व पायलट जुड़े हैं। जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108 और 102 एएलएस एंबुलेंस संघ के बैनर तले सोमवार को 102 एंबुलेंस के कर्मियों ने गाड़ियों को जहां का तहां खड़ा करके विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया। जिला मुख्यालय में जिलाध्यक्ष अवनीश
पांडेय की अगुवाई में विरोध किया गया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि कंपनी कभी भी समय से मानदेय का भुगतान नहीं करती है। उस पर भी कटौती की जाती है। ग्रेच्युटी की रकम में धोखाधड़ी की जा रही है। पीएफ की रकम को लेकर भी कुछ ऐसी ही स्थिति है। तीन दिन के अंदर कोई हल नहीं निकलता है तो हाईकमान के फैसले पर 108 एंबुलेंस सेवा को भी बंद कर दिया जाएगा। बिंदकी सीएचसी मेें भी प्रदर्शन करके सेवा प्रदाता कंपनी के खिलाफ आवाज बुलंद की। विरोध प्रर्दशन के दौरान राजेश कुशवाहा, मनोज श्रीवास्तव, मोहम्मद अफरोज, वंदना, रेनू, अमित, राहुल, विपिन, रामजीत, बृजेंद्र मौजूद रहे।
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फतेहपुर। सेवा प्रदाता कंपनी के खिलाफ 102 एंबुलेंस सेवा खड़ी हो जाने से प्रसव पीड़िताओं को कुछ देर के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। 102 एंबुलेंस सेवा बंद होने पर कुछ सीरियस केस 108 एंबुलेंस सेवा से अस्पताल पहुंचाए गए। जिला महिला अस्पताल में भी एक प्रसव पीड़िता को 108 एंबुलेंस से लाया गया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि गंभीर प्रसव पीड़िताओं के केस हैंडल करने का निर्णय लिया गया है।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत जिले में 32 एंबुलेंस 108 नंबर की हैं और 35 एंबुलेंस, 102 नबंर की हैं। तीन एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस भी हैं। एंबुलेंस सेवा से 263 ईएमटी व पायलट जुड़े हैं। जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108 और 102 एएलएस एंबुलेंस संघ के बैनर तले सोमवार को 102 एंबुलेंस के कर्मियों ने गाड़ियों को जहां का तहां खड़ा करके विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया। जिला मुख्यालय में जिलाध्यक्ष अवनीश
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पांडेय की अगुवाई में विरोध किया गया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि कंपनी कभी भी समय से मानदेय का भुगतान नहीं करती है। उस पर भी कटौती की जाती है। ग्रेच्युटी की रकम में धोखाधड़ी की जा रही है। पीएफ की रकम को लेकर भी कुछ ऐसी ही स्थिति है। तीन दिन के अंदर कोई हल नहीं निकलता है तो हाईकमान के फैसले पर 108 एंबुलेंस सेवा को भी बंद कर दिया जाएगा। बिंदकी सीएचसी मेें भी प्रदर्शन करके सेवा प्रदाता कंपनी के खिलाफ आवाज बुलंद की। विरोध प्रर्दशन के दौरान राजेश कुशवाहा, मनोज श्रीवास्तव, मोहम्मद अफरोज, वंदना, रेनू, अमित, राहुल, विपिन, रामजीत, बृजेंद्र मौजूद रहे।
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फतेहपुर। सेवा प्रदाता कंपनी के खिलाफ 102 एंबुलेंस सेवा खड़ी हो जाने से प्रसव पीड़िताओं को कुछ देर के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। 102 एंबुलेंस सेवा बंद होने पर कुछ सीरियस केस 108 एंबुलेंस सेवा से अस्पताल पहुंचाए गए। जिला महिला अस्पताल में भी एक प्रसव पीड़िता को 108 एंबुलेंस से लाया गया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि गंभीर प्रसव पीड़िताओं के केस हैंडल करने का निर्णय लिया गया है।