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जब डीएम के हस्तक्षेप पर हुई थर्मल स्क्रीनिंग
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फतेहपुर। लुधियाना से प्रतापगढ़ जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन सिग्नल न मिलने से यहां रेलवे स्टेशन पर खड़ी हो गई। 27 श्रमिक उतर गए। तब तक ट्रेन को सिग्नल मिला और वह आगे बढ़ गई। ऐसे में उतरे सभी लोगों को आरपीएफ ने अपनी कस्टडी में ले लिया डीएम के हस्तक्षेप पर सभी के थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई इसके बाद उन्हें गंतव्य को भेजा गया।
यह श्रमिक स्पेशल ट्रेन दोपहर 12:22 पर सिग्नल न मिलने पर फतेहपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर रुकी। ट्रेन के रुकते ही तीन कूपे में सवार 27 प्रवासी मजदूर नीचे उतरे। यह सभी रेलवे स्टेशन से निकालना चाहते थे लेकिन रेलवे पुलिस की संजीदगी के चलते इस पर कामयाब नहीं हो सके। आरपीएफ ने सभी 27 सवारियों को बिठा लिया और पूरे प्रकरण की जानकारी डीएम संजीव सिंह को दी । डीएम ने तहसीलदार डॉक्टर संतराज सिंह को मामले सूचना देने के साथ स्वास्थ्य विभाग और रोडवेज को अलर्ट किया। इसी के कुछ देर बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम रेलवे स्टेशन आ पहुंची। टीम ने रोके गए प्रवासियों को एक-एक करके बुला कर उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की। इस प्रक्रिया के साथ ही प्रवासियों को लंच पैकेट मुहैया कराए गए और रोडवेज की बस से रायबरेली रवाना किया गया। प्रवासियों में कुछ अजुहा के भी रहने वाले थे। आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रवीण सिंह ने बताया कि सिग्नल ना होने की वजह से गाड़ी रुकी थी जो 2 मिनट बाद गंतव्य की ओर रवाना हो गई। उसी बीच यह लोग उतर चुके थे।
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यह श्रमिक स्पेशल ट्रेन दोपहर 12:22 पर सिग्नल न मिलने पर फतेहपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर रुकी। ट्रेन के रुकते ही तीन कूपे में सवार 27 प्रवासी मजदूर नीचे उतरे। यह सभी रेलवे स्टेशन से निकालना चाहते थे लेकिन रेलवे पुलिस की संजीदगी के चलते इस पर कामयाब नहीं हो सके। आरपीएफ ने सभी 27 सवारियों को बिठा लिया और पूरे प्रकरण की जानकारी डीएम संजीव सिंह को दी । डीएम ने तहसीलदार डॉक्टर संतराज सिंह को मामले सूचना देने के साथ स्वास्थ्य विभाग और रोडवेज को अलर्ट किया। इसी के कुछ देर बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम रेलवे स्टेशन आ पहुंची। टीम ने रोके गए प्रवासियों को एक-एक करके बुला कर उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की। इस प्रक्रिया के साथ ही प्रवासियों को लंच पैकेट मुहैया कराए गए और रोडवेज की बस से रायबरेली रवाना किया गया। प्रवासियों में कुछ अजुहा के भी रहने वाले थे। आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रवीण सिंह ने बताया कि सिग्नल ना होने की वजह से गाड़ी रुकी थी जो 2 मिनट बाद गंतव्य की ओर रवाना हो गई। उसी बीच यह लोग उतर चुके थे।
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