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आजमपुर गढ़वा प्रधान व पंचायत सचिव की होगी जांच
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फतेहपुर। प्रदेश सरकार के समग्र ग्राम विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह ने आजमपुर गढ़वा प्रधान व पंचायत सचिव के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। ग्राम पंचायत निधि की धनराशि का बंदरबांट करने और लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने में वसूली की शिकायत हुई थी। सीडीओ से इसकी जांच रिपोर्ट मांगी गई है।
अमौली ब्लाक के आजमपुर गढ़वा निवासी रामखेलावन ने प्रधान रामबाबू और पंचायत सचिव के खिलाफ ग्राम्य विकास विभाग एवं समग्र ग्राम विकास मंत्री से को शिकायत दर्ज कराई थी। आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, तालाब खुदाई, हाट कुक, मनरेगा व राज्यवित्त, 14वें वित्त की धनराशि का बंदरबांट करने की बात कही गई थी। शिकायतकर्ता रामखेलावन का कहना है कि ग्राम पंचायत निधि की धनराशि 2016 से अब तक कहां
कितनी खर्च की गई है। उसकी जांच कराई जाए। ग्राम प्रधान के पास एक बीघा कृषि योग्य जमीन है। इसके अलावा प्रधान के पास आय का दूसरा जरिया नहीं है। बीते पांच साल में प्रधान व पंचायत सचिव ने जो धनराशि अर्जित की है, उसकी जांच कराकर वसूली कराई जाए। सीडीओ सत्यप्रकाश का कहना है कि प्रधान व पंचायत सचिव की जांच का आदेश मिला है। जांच पूरी होने के बाद आरोप की हकीकत का पता चलेगा।
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अमौली ब्लाक के आजमपुर गढ़वा निवासी रामखेलावन ने प्रधान रामबाबू और पंचायत सचिव के खिलाफ ग्राम्य विकास विभाग एवं समग्र ग्राम विकास मंत्री से को शिकायत दर्ज कराई थी। आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, तालाब खुदाई, हाट कुक, मनरेगा व राज्यवित्त, 14वें वित्त की धनराशि का बंदरबांट करने की बात कही गई थी। शिकायतकर्ता रामखेलावन का कहना है कि ग्राम पंचायत निधि की धनराशि 2016 से अब तक कहां
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कितनी खर्च की गई है। उसकी जांच कराई जाए। ग्राम प्रधान के पास एक बीघा कृषि योग्य जमीन है। इसके अलावा प्रधान के पास आय का दूसरा जरिया नहीं है। बीते पांच साल में प्रधान व पंचायत सचिव ने जो धनराशि अर्जित की है, उसकी जांच कराकर वसूली कराई जाए। सीडीओ सत्यप्रकाश का कहना है कि प्रधान व पंचायत सचिव की जांच का आदेश मिला है। जांच पूरी होने के बाद आरोप की हकीकत का पता चलेगा।
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