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जनसंख्या के असंतुलन पर जल्द होगा फैसला- स्वामी परमानंद महाराज
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फतेहपुर। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य व अखंड परमधाम मवई के युगपुरुष स्वामी परमानंद जी महाराज ने जनसंख्या असंतुलन के मसले पर जल्द फैसला आने की उम्मीद जताई है। कहा कि देश में एक कानून और एक सुविधा होनी चाहिए ताकि विषमता खत्म हो सके। वर्ण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार से इसे खत्म करने की बात कही। शहर के आईटीआई परिसर में हो रही श्रीमद् भागवत कथा में सोमवार की शाम स्वामी परमानंद जी महराज पहुंचे।
स्वागत-सत्कार के बाद संबोधन में उन्होंने कहा कि हम जातियों और पार्टियों में बंटकर मुगल शासक के गुलाम रहे। आपस में बंटकर अंग्रेजों के गुलाम रहे। एक चीज हो कि हम हिंदू हैं क्योंकि तुम अगर कुछ और हो तो हिंदुस्तान तुम्हारा नहीं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि कलियुग में वर्णाश्रम नहीं होना चाहिए। सरकार को वर्ण खत्म कर देने चाहिए क्योंकि जाति का माने चोट मारना। ऐसे में जाति को ही मिटा देना चाहिए। उन्होंने जाति पर बोलते हुए कहा कि पहले ब्राह़मण बना लेकिन काम नहीं चला तो क्षत्रिय बनाया गया। इससे भी काम नहीं चला तो वैश्य बना। जब इससे भी काम नहीं चला तो शूद्र बनाया गया। इन चारों वर्णों से काम नहीं चला तो धर्म बनाया गया। मेरा मानना है कि जातियों की जरूरत नहीं है क्योंकि हिंदू की जाति की जाति की जाति होती हैं। केजरीवाल, अग्रवाल, फुटबाल और बालीबाल जैसे शब्द बोलते हुए उन्होंने राजनीति पर कटाक्ष किए। कहा कि सच तो यह है कि हम पार्टियों के कारण निर्णय नहीं कर पाते हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य ने जनसंख्या के असंतुलन को रखते हुए जल्द ही सरकार के इस पर कुछ करने की बात कही। उन्होंने भव्य राम मंदिर के साथ अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाए जानेे और हिंदुओं के ज्यादा रहने से हर किसी केे बचने की बात कही। अखंड परमधाम मवई के उत्तराधिकारी ज्योर्तिमयानंद ने कहा कि आज वक्त आ गया है कि हिंदू संगठित हो। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य स्वामी परमानंद महाराज ने पर्यावरण पर सचेत किया। कहा, 10 से 15 साल बाद बया पक्षी का घोसला देखा है। जिस तरह से पशु पक्षी खत्म हो रहे हैं कहीं तुम भी खत्म न हो जाओ।
इस मौके पर मंच की कथा व्यास साध्वी निरंजन ज्योति, एसडीएम प्रमोद झा, डीएसपी कपिलदेव मिश्र भी मौजूद रहे।
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इनसेट-
पांच साल मेें बना दूंगा भारत को विश्व गुरू
स्वामी परमानंद महाराज ने कहा कि वह राम मंदिर दृष्टा बनना चाहते हैं। भारत को विश्व गुरू बनाने के लिए वह भगवान से सिर्फ पांच साल की उम्र मांगते हैं। उन्होंने कहा कि वह 1968 से राम मंदिर के लिए काम कर रहे हैं। वह ट्रस्ट में शामिल किए जाने से पहले से ही राम मंदिर के लिए लगे हैं। विवादित ढांचा गिरने की कल्पना नहीं की थी, गिर गया। जोर दिया कि राम मंदिर के साथ भ्रष्टाचार रूपी रावण को मारना होगा।
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इनसेट-
आश्रम की बजाय चुनाव देखते
स्वामी परमानंद महाराज ने कहा कि अब साधु संकट पैदा हो गया है। आश्रम को साधु नहीं मिल रहे हैं। कोई साधु नहीं बनना चाहता है। अब केवल चुनाव का टिकट मांगने के लिए ही साधु बनने को आते हैं। इनकी आश्रम की तरफ निगाह नहीं रहती है, इनका दिमाग चुनाव की ओर रहता है।
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स्वागत-सत्कार के बाद संबोधन में उन्होंने कहा कि हम जातियों और पार्टियों में बंटकर मुगल शासक के गुलाम रहे। आपस में बंटकर अंग्रेजों के गुलाम रहे। एक चीज हो कि हम हिंदू हैं क्योंकि तुम अगर कुछ और हो तो हिंदुस्तान तुम्हारा नहीं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि कलियुग में वर्णाश्रम नहीं होना चाहिए। सरकार को वर्ण खत्म कर देने चाहिए क्योंकि जाति का माने चोट मारना। ऐसे में जाति को ही मिटा देना चाहिए। उन्होंने जाति पर बोलते हुए कहा कि पहले ब्राह़मण बना लेकिन काम नहीं चला तो क्षत्रिय बनाया गया। इससे भी काम नहीं चला तो वैश्य बना। जब इससे भी काम नहीं चला तो शूद्र बनाया गया। इन चारों वर्णों से काम नहीं चला तो धर्म बनाया गया। मेरा मानना है कि जातियों की जरूरत नहीं है क्योंकि हिंदू की जाति की जाति की जाति होती हैं। केजरीवाल, अग्रवाल, फुटबाल और बालीबाल जैसे शब्द बोलते हुए उन्होंने राजनीति पर कटाक्ष किए। कहा कि सच तो यह है कि हम पार्टियों के कारण निर्णय नहीं कर पाते हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य ने जनसंख्या के असंतुलन को रखते हुए जल्द ही सरकार के इस पर कुछ करने की बात कही। उन्होंने भव्य राम मंदिर के साथ अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाए जानेे और हिंदुओं के ज्यादा रहने से हर किसी केे बचने की बात कही। अखंड परमधाम मवई के उत्तराधिकारी ज्योर्तिमयानंद ने कहा कि आज वक्त आ गया है कि हिंदू संगठित हो। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य स्वामी परमानंद महाराज ने पर्यावरण पर सचेत किया। कहा, 10 से 15 साल बाद बया पक्षी का घोसला देखा है। जिस तरह से पशु पक्षी खत्म हो रहे हैं कहीं तुम भी खत्म न हो जाओ।
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इस मौके पर मंच की कथा व्यास साध्वी निरंजन ज्योति, एसडीएम प्रमोद झा, डीएसपी कपिलदेव मिश्र भी मौजूद रहे।
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पांच साल मेें बना दूंगा भारत को विश्व गुरू
स्वामी परमानंद महाराज ने कहा कि वह राम मंदिर दृष्टा बनना चाहते हैं। भारत को विश्व गुरू बनाने के लिए वह भगवान से सिर्फ पांच साल की उम्र मांगते हैं। उन्होंने कहा कि वह 1968 से राम मंदिर के लिए काम कर रहे हैं। वह ट्रस्ट में शामिल किए जाने से पहले से ही राम मंदिर के लिए लगे हैं। विवादित ढांचा गिरने की कल्पना नहीं की थी, गिर गया। जोर दिया कि राम मंदिर के साथ भ्रष्टाचार रूपी रावण को मारना होगा।
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आश्रम की बजाय चुनाव देखते
स्वामी परमानंद महाराज ने कहा कि अब साधु संकट पैदा हो गया है। आश्रम को साधु नहीं मिल रहे हैं। कोई साधु नहीं बनना चाहता है। अब केवल चुनाव का टिकट मांगने के लिए ही साधु बनने को आते हैं। इनकी आश्रम की तरफ निगाह नहीं रहती है, इनका दिमाग चुनाव की ओर रहता है।