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दुष्कर्म के दोषी को दस साल का सश्रम कारावास
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फतेहपुर। युवती से दुष्कर्म के मामले में अपर जिला जज कमलकांत श्रीवास्तव की अदालत ने दोषी को दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
घटना 28 अक्तूबर 2014 को शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मुहल्ले में हुई थी। पीड़िता अपने घर में अकेले थी और टीवी देख रही थी। पड़ोसी रिश्तेदार के घर आया ललौली थाने के बनरसी गांव निवासी जय कुमार उर्फ राजू छत के रास्ते से कमरे में दाखिल हो गया। उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी होने पर पीड़िता के पिता कोतवाली पहुंचे लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद तकरीबन पांच महीने तक परेशान होने के बाद उन्होंने 20 मार्च 2015 को कोर्ट से 156(3) के जरिए आदेश लाकर एफआईआर करवाई थी। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कमलकांत श्रीवास्तव कर रहे थे। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव ने अदालत के समक्ष कई गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए। सोमवार को अपर जिला जज कमलकांत श्रीवास्तव ने सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव की दलीलों की सुनवाई करते हुए पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी जयकुमार उर्फ राजू को दस साल सश्रम कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड का जुर्माना लगाया। अर्थदंड का भुगतान न करने पर आरोपी एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने आरोपी के जुर्माने की रकम से पांच हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है। अदालत का आदेश आने के बाद अभियुक्त को जेल भेज दिया गया। हालांकि घटना के बाद से आरोपी जमानत पर रिहा था।
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घटना 28 अक्तूबर 2014 को शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मुहल्ले में हुई थी। पीड़िता अपने घर में अकेले थी और टीवी देख रही थी। पड़ोसी रिश्तेदार के घर आया ललौली थाने के बनरसी गांव निवासी जय कुमार उर्फ राजू छत के रास्ते से कमरे में दाखिल हो गया। उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी होने पर पीड़िता के पिता कोतवाली पहुंचे लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद तकरीबन पांच महीने तक परेशान होने के बाद उन्होंने 20 मार्च 2015 को कोर्ट से 156(3) के जरिए आदेश लाकर एफआईआर करवाई थी। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कमलकांत श्रीवास्तव कर रहे थे। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव ने अदालत के समक्ष कई गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए। सोमवार को अपर जिला जज कमलकांत श्रीवास्तव ने सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव की दलीलों की सुनवाई करते हुए पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी जयकुमार उर्फ राजू को दस साल सश्रम कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड का जुर्माना लगाया। अर्थदंड का भुगतान न करने पर आरोपी एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने आरोपी के जुर्माने की रकम से पांच हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है। अदालत का आदेश आने के बाद अभियुक्त को जेल भेज दिया गया। हालांकि घटना के बाद से आरोपी जमानत पर रिहा था।
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