{"_id":"69162cae19107e788508ac6a","slug":"only-1600-bags-of-dap-for-2600-farmers-fertilizer-shortage-raises-concerns-fatehpur-news-c-217-1-fth1003-143915-2025-11-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: 26 सौ किसानों के लिए सिर्फ 1600 बोरी डीएपी, खाद की किल्लत से बढ़ी चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: 26 सौ किसानों के लिए सिर्फ 1600 बोरी डीएपी, खाद की किल्लत से बढ़ी चिंता
विज्ञापन
फोटो-31-धाता के बंद सहकारी समिति के बाहर खाद के इंतजार में बैठे किसान। संवाद
- फोटो : भेड़िये के हमले का शिकार बनी जाह्नवी।
धाता। साधन सहकारी समिति में इस बार डीएपी खाद की भारी कमी से किसान परेशान हैं। समिति में 2600 किसान पंजीकृत हैं जिनके लिए करीब 5200 बोरी डीएपी की आवश्यकता थी लेकिन अब तक सिर्फ 1600 बोरी ही उपलब्ध हो सकी है।
खाद की कमी के कारण अधिकांश किसानों को बोआई के चरम समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। किसानों का कहना है कि गेहूं की बोआई के बाद डीएपी की सबसे अधिक जरूरत होती है लेकिन इस बार मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हुई। पिछले साल इसी समय तक करीब 4000 बोरी खाद का वितरण हो चुका था।
अढौली के राकेश सिंह, पप्पू सिंह, हरसौली के भोला सिंह, ननका, और देवरी के राजू व प्रेम सिंह ने बताया कि बोआई का समय निकलता जा रहा है लेकिन समिति से खाद न मिलने से खेती प्रभावित हो रही है। कई किसानों ने डीएपी के स्थान पर अन्य उर्वरक डालकर बोआई की है लेकिन यूरिया की कमी से फसल की बढ़वार पर असर पड़ रहा है।
विज्ञापन
समिति के सचिव राम प्रताप सिंह ने बताया कि इस वर्ष 26 सौ किसानों के मुकाबले अब तक केवल 16 सौ बोरी डीएपी ही प्राप्त हुई है। ऊपरी स्तर पर लगातार मांग भेजी जा रही है ताकि जल्द ही सभी किसानों को खाद उपलब्ध कराई जा सके।
विज्ञापन
खाद की कमी के कारण अधिकांश किसानों को बोआई के चरम समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। किसानों का कहना है कि गेहूं की बोआई के बाद डीएपी की सबसे अधिक जरूरत होती है लेकिन इस बार मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हुई। पिछले साल इसी समय तक करीब 4000 बोरी खाद का वितरण हो चुका था।
विज्ञापन
अढौली के राकेश सिंह, पप्पू सिंह, हरसौली के भोला सिंह, ननका, और देवरी के राजू व प्रेम सिंह ने बताया कि बोआई का समय निकलता जा रहा है लेकिन समिति से खाद न मिलने से खेती प्रभावित हो रही है। कई किसानों ने डीएपी के स्थान पर अन्य उर्वरक डालकर बोआई की है लेकिन यूरिया की कमी से फसल की बढ़वार पर असर पड़ रहा है।
विज्ञापन
समिति के सचिव राम प्रताप सिंह ने बताया कि इस वर्ष 26 सौ किसानों के मुकाबले अब तक केवल 16 सौ बोरी डीएपी ही प्राप्त हुई है। ऊपरी स्तर पर लगातार मांग भेजी जा रही है ताकि जल्द ही सभी किसानों को खाद उपलब्ध कराई जा सके।

फोटो-31-धाता के बंद सहकारी समिति के बाहर खाद के इंतजार में बैठे किसान। संवाद- फोटो : भेड़िये के हमले का शिकार बनी जाह्नवी।