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चाचा-भतीजा की मौत पर हंगामा, रोड जाम
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Sat, 17 Sep 2016 12:39 AM IST
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मार्ग पर जाम लगाए भीड़
- फोटो : amarujala
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असोथर थाने के सिपाही की बाइक से घूम रहे चाचा-भतीजा की मौत पर शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। पुलिस जहां सड़क हादसा बता रही थी वहीं परिजन सिपाही को हत्या कर शव फेंकने का दोषी बता रहे थे। इसी बात पर कई बार नोकझोंक हुई। लिहाजा पांच घंटे सड़क जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया गया। बड़ी मुश्किल से सीओ निष्पक्ष जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई का भरोसा देकर बवाल खत्म कराने में सफल हुए।
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असोथर थानाक्षेत्र के टीकर गांव निवासी वीरेंद्र(26) और उसका भतीजा चंद्रशेखर(24) मजदूरी कर परिवार का पालन करते थे। परिजनों ने बताया कि थाने में तैनात सिपाही अनिल पटेल गुरुवार सुबह दोनों को अपने घर की पुताई कराने पुलिस लाइन ले गया था। रात में न आने पर परिजनों ने सोचा कि ज्यादा काम होने की वजह से रुक गए होंगे। शुक्रवार सुबह दोनों के शव खंती में मिलने का पता चला।
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वीरेंद्र के भाई रामकिशुन ने बताया कि पता चलने पर दोनाें शवों की शिनाख्त की। पुलिस ने बताया कि सिपाही अनिल पटेल के घर का काम खत्म कर दोनों शाम को वापस टीकर पहुंचे थे। रास्ते में मिले अनिल ने दोनों को मजदूरी दी और अपनी बाइक थाने में खड़ी करने के लिए दे दी और खुद कुएं से बरामद शव को पोस्टमार्टम हाउस रखवाने चला गया था। पुलिस के मुताबिक चाचा-भतीजे ने मीरपुर शराब ठेकेे में शराब पी। नशे में बाइक लेकर असोथर थाने जाते समय टीकर पुल मोड़ पर अनियंत्रित होकर खंदक में जा गिरे।
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हेलमेट न होने से सिर में चोटें आने से दोनों की मौत हो गई। इधर, पुलिस ने हंगामा देख दोनों शवों को टेंपो में लादा और पोस्टमार्टम हाउस लेकर चले गए। गुस्साए परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से सुबह साढ़े सात बजे थरियांव-असोथर मार्ग जाम कर दिया। शव को फिर से गांव लाने की मांग कर नारेबाजी करने लगे। पुलिस अफसरों के निर्देश पर शव को बहरामपुर नाका से लौटाकर टीकर गांव में परिजनों के हवाले कर दिया गया। अचानक आधे घंटे बाद ही साढ़े नौ बजे फिर परिजनों व ग्रामीणों ने जाम लगा दिया और मांग करने लगे कि सिपाही अनिल पटेल को सामने लाकर रिपोर्ट दर्ज की जाए।
बवाल बढ़ता देख इलाकाई पुलिस ने थरियांव, किशुनपुर, गाजीपुर थाने की फोर्स को भी बुला ली। लगभग 11 बजे पुलिस ने जबरन जाम खुलवाने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों के गाली-गलौच कर देने से फिर माहौल गर्मा गया। सीओ पुर्णेंदु कुमार ने पुलिस को बैकफुट करते हुए अगुवाई की और परिजनों को समझाना चाहा। लगभग सवा 12 बजे वह जांच और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा देने में सफल हो सके।
इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम हाउस भेजकर यातायात सामान्य कराया गया। सीओ का कहना है कि सिपाही टीकर क्षेत्र में ही तैनात है। प्रथमदृष्ट्या पता चला है कि वीरेंद्र पुलिस का मुखबिर था। जिस कारण पुताई की बात हुई थी। सिपाही ने अपनी बाइक थाने में ले जाने को दी थी। सिर्फ यही उसकी भूमिका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर छानबीन कर कार्रवाई की जाएगी।