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Fatehpur News: कुत्ता काटने के मरीजों की संख्या 30 फीसदी बढ़ी
Mon, 04 Mar 2024 12:52 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Mon, 04 Mar 2024 12:52 AM IST
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फोटो - 07- जिला अस्पताल में बच्चे को टीका लगाते स्वास्थ्यकर्मी।
- जिला अस्पताल में रोजाना आ रहे 25 से अधिक मरीज
संवाद न्यूज एजेेंसी
फतेहपुर। कुत्ता काटने के मरीजों में करीब 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ। रोजाना अस्पताल में टीका लगवाने के लिए 25 से अधिक मरीज आ रहे हैं। डॉक्टरों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।
सदर अस्पताल में पिछले वर्ष नवंबर और दिसंबर में कुत्ते काटने के रोजाना करीब 15 से 18 मरीज एंटी-रैबीज का टीका लगवाने आते थे, लेकिन इन दिनों 25 से अधिक मरीज आ रहे हैं। अस्पताल के डॉ. राजकरन ने बताया कि ठंड के मौसम में कुत्ते हमलावर होकर कई बार काट लेते हैं। डॉक्टर ने बताया कि बच्चों और किशोर के साथ अधिकतर यह घटनाएं होती हैं। अस्पताल में टीका लगवाने वाले मरीजों में बच्चों की संख्या अधिक है। कुत्ते के काटने से रैबीज बीमारी का खतरा रहता है और यह एक जानलेवा रोग है। टीकाकरण ही इसका बचाव है। अस्पताल मेें एंटी रैबीज की 820 वायल हैं। एक वायल में पांच डोज होती हैं। डॉक्टर ने लोगों को सावधानी बरतने का निर्देश दिया है।
कुत्ता काटने पर बचान के लिए यह करें
- घाव को साबुन और साफ पानी से तुरंत धोएं।
- स्प्रिट, अल्कोहल और घरेलू एंटीसेप्टिक का इस्तेमाल करें।
- घाव पर मिर्च, सरसों का तेल न लगाएं, अंधविश्वास से बचें।
- चिकित्सक से परामर्श लें, निकटतम क्लीनिक पर जाएं।
- समय-समय पर पालतू जानवरों का टीकाकरण करवाएं।
- टीकाकरण की सभी डोज समय पर लगवाएं।
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- जिला अस्पताल में रोजाना आ रहे 25 से अधिक मरीज
संवाद न्यूज एजेेंसी
फतेहपुर। कुत्ता काटने के मरीजों में करीब 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ। रोजाना अस्पताल में टीका लगवाने के लिए 25 से अधिक मरीज आ रहे हैं। डॉक्टरों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।
सदर अस्पताल में पिछले वर्ष नवंबर और दिसंबर में कुत्ते काटने के रोजाना करीब 15 से 18 मरीज एंटी-रैबीज का टीका लगवाने आते थे, लेकिन इन दिनों 25 से अधिक मरीज आ रहे हैं। अस्पताल के डॉ. राजकरन ने बताया कि ठंड के मौसम में कुत्ते हमलावर होकर कई बार काट लेते हैं। डॉक्टर ने बताया कि बच्चों और किशोर के साथ अधिकतर यह घटनाएं होती हैं। अस्पताल में टीका लगवाने वाले मरीजों में बच्चों की संख्या अधिक है। कुत्ते के काटने से रैबीज बीमारी का खतरा रहता है और यह एक जानलेवा रोग है। टीकाकरण ही इसका बचाव है। अस्पताल मेें एंटी रैबीज की 820 वायल हैं। एक वायल में पांच डोज होती हैं। डॉक्टर ने लोगों को सावधानी बरतने का निर्देश दिया है।
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कुत्ता काटने पर बचान के लिए यह करें
- घाव को साबुन और साफ पानी से तुरंत धोएं।
- स्प्रिट, अल्कोहल और घरेलू एंटीसेप्टिक का इस्तेमाल करें।
- घाव पर मिर्च, सरसों का तेल न लगाएं, अंधविश्वास से बचें।
- चिकित्सक से परामर्श लें, निकटतम क्लीनिक पर जाएं।
- समय-समय पर पालतू जानवरों का टीकाकरण करवाएं।
- टीकाकरण की सभी डोज समय पर लगवाएं।