{"_id":"5f47f5938ebc3e17653c6114","slug":"new-education-policy-in-fatehpur-fatehpur-news-knp579213045","type":"story","status":"publish","title_hn":"नई शिक्षानीति में गुणवत्ता, समानता, वहनीय शिक्षा का समावेश- प्रो. के सेंथिल, डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय महिला महाविद्यालय में दो दिवसीय वेबिनार के पहले दिन शिक्षाविदों ने रखी राय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नई शिक्षानीति में गुणवत्ता, समानता, वहनीय शिक्षा का समावेश- प्रो. के सेंथिल, डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय महिला महाविद्यालय में दो दिवसीय वेबिनार के पहले दिन शिक्षाविदों ने रखी राय
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फतेहपुर में डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय महिला महाविद्यालय में गुरुवार को नेशनल एजूकेशन पॉलिसी 2020 रेकनिंग न्यू हाईट्स फॉर हायर एजूकेशन विषय पर दो दिवसीय वेबिनार की शुरुआत हुई। वेबिनार के उद्घाटन सत्र में अलगप्पा विश्वविद्यालय कराइकुडी तमिलनाडु के शिक्षाविद प्रो. के. सेंथिल ने कहा कि 29 जुलाई 2020 को केंद्र सरकार से जारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में उत्तरदायित्व, समानता, गुणवत्ता, शिक्षा की समान पहुंच है।
महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. अपर्णा मिश्रा ने कहा कि नई शिक्षा नीति से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सकारात्मक बदलावों की अपेक्षा है। स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर प्रवेश एवं विकास के नियमों में लचीलापन, पाठ्यक्रम का पुनर्निर्माण, अन्त: अनुशासनात्मक अध्ययन, क्रेडिट ट्रांसफर पॉलिसी एवं डिजिटल एकेडमिक बैंक आदि नई शिक्षा नीति के कुछ ऐसे बिंदु हैं, जो उच्च शिक्षा के उच्च आचार, उच्च संस्कार और उच्च व्यवहार सुनिश्चित करेंगे। वेबिनार के ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. प्रशांत द्विवेदी ने वेबिनार का थीम प्रस्तुत की।
वेबिनार के प्रथम तकनीकी सत्र के रिसोर्स पर्सन कानपुर के प्रतिष्ठित विक्रमाजीत सिंह और सनातन धर्म महाविद्यालय के प्रसिद्ध साहित्यकार एवं शिक्षाविद डॉ. राकेश शुक्ल ने कहा कि इस नीति के माध्यम से उच्च शिक्षा में मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदल कर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है। अब उच्च शिक्षा के लिए यह एक ही रेग्युलेटरी बॉडी होगी।
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दूसरे सत्र में महाराजा बिजली पासी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अंग्रेजी प्राध्यापिका डॉ. श्वेता मिश्रा ने नेशनल एजूकेशन पॉलिसी विषय पर प्रजेंटेशन देते हुए स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक संभावित बदलावों पर चर्चा की। द्वितीय रिसोर्स पर्सन डॉ. वंस गोपाल, असिस्टेन्ट प्रोफेसर, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्वी चित्रकूट ने नई शिक्षा नीति 2020 की विस्तृत व्याख्या की।
वेबिनार में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो, एके भाघी, डॉ. उत्तम कुमार शुक्ल, डॉ. प्रबिता त्रिपाठी, डॉ. सुधा यादव, कार्यक्रम संयोजिका डॉ. शकुंतला डॉ. सरिता गुप्ता, डॉ. गुलशन सक्सेना, डॉ. शोभा सक्सेना, डॉ. मीरा पाल, डॉ. लक्ष्मीना भारती, विदेह वर्मा, डॉ. रमेश बाबू, डॉ. उत्तम कुमार शुक्ल, डॉ. रेखा वर्मा, डॉ. प्रतिमा गुप्ता, डॉ. अजय कुमार, बसंत कुमार मौर्य, अशोक कश्यप, शोभा शर्मा, इस्तयाक अहमद शामिल हुए।
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महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. अपर्णा मिश्रा ने कहा कि नई शिक्षा नीति से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सकारात्मक बदलावों की अपेक्षा है। स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर प्रवेश एवं विकास के नियमों में लचीलापन, पाठ्यक्रम का पुनर्निर्माण, अन्त: अनुशासनात्मक अध्ययन, क्रेडिट ट्रांसफर पॉलिसी एवं डिजिटल एकेडमिक बैंक आदि नई शिक्षा नीति के कुछ ऐसे बिंदु हैं, जो उच्च शिक्षा के उच्च आचार, उच्च संस्कार और उच्च व्यवहार सुनिश्चित करेंगे। वेबिनार के ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. प्रशांत द्विवेदी ने वेबिनार का थीम प्रस्तुत की।
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वेबिनार के प्रथम तकनीकी सत्र के रिसोर्स पर्सन कानपुर के प्रतिष्ठित विक्रमाजीत सिंह और सनातन धर्म महाविद्यालय के प्रसिद्ध साहित्यकार एवं शिक्षाविद डॉ. राकेश शुक्ल ने कहा कि इस नीति के माध्यम से उच्च शिक्षा में मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदल कर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है। अब उच्च शिक्षा के लिए यह एक ही रेग्युलेटरी बॉडी होगी।
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दूसरे सत्र में महाराजा बिजली पासी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अंग्रेजी प्राध्यापिका डॉ. श्वेता मिश्रा ने नेशनल एजूकेशन पॉलिसी विषय पर प्रजेंटेशन देते हुए स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक संभावित बदलावों पर चर्चा की। द्वितीय रिसोर्स पर्सन डॉ. वंस गोपाल, असिस्टेन्ट प्रोफेसर, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्वी चित्रकूट ने नई शिक्षा नीति 2020 की विस्तृत व्याख्या की।
वेबिनार में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो, एके भाघी, डॉ. उत्तम कुमार शुक्ल, डॉ. प्रबिता त्रिपाठी, डॉ. सुधा यादव, कार्यक्रम संयोजिका डॉ. शकुंतला डॉ. सरिता गुप्ता, डॉ. गुलशन सक्सेना, डॉ. शोभा सक्सेना, डॉ. मीरा पाल, डॉ. लक्ष्मीना भारती, विदेह वर्मा, डॉ. रमेश बाबू, डॉ. उत्तम कुमार शुक्ल, डॉ. रेखा वर्मा, डॉ. प्रतिमा गुप्ता, डॉ. अजय कुमार, बसंत कुमार मौर्य, अशोक कश्यप, शोभा शर्मा, इस्तयाक अहमद शामिल हुए।