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नहरों से पानी गायब, किसान चिंतित
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Sat, 21 May 2016 01:07 AM IST
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फसल
- फोटो : अमर उजाला
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फसलों की बुआई, सिंचाई में पानी की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। खरीफ की फसल में धान की नर्सरी तैयार करने का समय आ गया है। अभी तक नहर की शाखाएं सूखी पड़ी हैं। जिले की प्रमुख रामगंगा, निचली गंगा नहर में सिर्फ डेढ़-दो फिट की ऊंचाई में पानी चल रहा है। जो रजबहा, माइनर के हेड से पानी बाहर नहीं आ रहा है। गर्मी में खेत की मिट्टी को ठंडा करने के लिए किसान पलेवा नहीं कर पा रहे हैं।
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कभी प्रकृति की मार तो कभी प्रशासन की मार से किसान उभरने का नाम नहीं ले रहा है। रबी के बाद खरीफ की एक-एक फसलें तबाह हो रही हैं। किसानों की मेहनत और खाद, बीज की लागत भी नहीं निकल पा रही है। रबी की फसल बर्बाद होने के बाद एक फिर किसान धान के बुआई की तैयारी करने लगा है।
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खेतों में गोबर की खाद डालने के बाद मिट्टी को ठंडा करने के लिए पलेवा की जरूरत है। किसानों की जरूरत के समय एक बार फिर नहरों से पानी गायब है। नहरों में खरीफ फसल का रोस्टर एक अप्रैल से शुरू हो जाता है। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से अभी तक न तो रोस्टर बना और न ही नहर की शाखाओं में पानी दिखाई दे रहा है।
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निचली गंगा, रामगंगा नहर की तली में मात्र दो फुट पानी है। जो रजबहा, माइनरों के हेड से पानी नहीं निकल रहा है। किसान 15 मई से धान की नर्सरी डालने की तैयारी में लग जाता है। खेत में नर्सरी डालने के पहले गर्मी में मिट्टी को ठंडा करने के लिए पलेवा किया जाता है। नहर के कुलाबों से पानी न निकलने की वजह से किसान खेतों का पलेवा नहीं कर पा रहे हैं।
बिंदकी क्षेत्र के मील 37 से रामगंगा, निचली गंगा नहर में निर्धारित रोस्टर के मुताबिक पानी दिया जाता है। 900 क्यूसेक क्षमता वाली नहर में इस समय मात्र 158 क्यूसेक पानी चल रहा है। जो रजबहा, माइनर के स्केप से ऊपर नहीं है।
धान की नर्सरी डालने के पहले किसान खेत को अच्छी तरह से ठंडा कर लें। गरम मिट्टी और तेज धूप के मौसम से धान के बीज में अंकुर नहीं निकलेगा और नर्सरी खराब हो जाएगी। किसान नर्सरी डालने के समय शाम को ही खेत में पानी भरें और सुबह धूप निकलने के पहले खेत से पूरा पानी निकाल दें।-रविकांत सिंह, जिला कृषि अधिकारी
सूखे की वजह से ऊपर से ही पानी नहीं मिल रहा है। फतेहपुर सीमा पर जिले को 255 क्यूसेक पानी मिल रहा है। मील 37 तक आने में कुछ शाखाओं में बंट जाता है। रोस्टर के मुताबिक नहर में पानी के लिए अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखा गया है।- वैभव सिंह, अधिशासी अभियंता, निचली गंगा नहर