फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   Life imprisonment to 10 for killing five including three brothers

Fatehpur News: तीन भाइयों समेत पांच की हत्या में 10 को उम्रकैद

Fri, 09 Jun 2023 01:11 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jun 2023 01:11 AM IST
विज्ञापन
Life imprisonment to 10 for killing five including three brothers
फतेहपुर। तीन भाइयों समेत पांच की सामूहिक हत्या में अपर सत्र न्यायाधीश/पॉक्सो एक्ट कोर्ट के पीठासीन अधिकारी विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने 10 अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दो अभियुक्तों को 35-35 हजार और बाकी आठ को 30-30 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है। फैसला 31 साल बाद आया है। पीड़ित परिवार ने कोर्ट के फैसले को सराहा है।
विज्ञापन



जघन्य हत्याकांड खागा कोतवाली क्षेत्र के गांव पाई में 23 जुलाई 1992 को हुआ था। वादी श्याम बिहारी शुक्ला के पुत्र कमलाकांत उर्फ जुजलाल, नरेंद्र, भतीजा गिरिजाशंकर उर्फ बमशंकर, पौत्र ओमप्रकाश व गांव के रमाकांत की गोली से भूनकर और लाठी-डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई थी। वादी के पुत्र कृष्णऔतार व शिवब्रत, पीतांबर गंभीर रूप से घायल हुए थे। हत्या में कौशांबी जिला सैनी थाना क्षेत्र के कानमेई निवासी सगे भाई संतोष दुबे और दिनेश दुबे, झल्लर पंडित, पाई गांव के बड़कू सविता, चंद्रपाल उर्फ छोटकू, बूंदी पासवान, अंसार, निसार, मकबूल, इकबाल, सत्तार, रशीद, एजाज, लल्लू खान, लल्लू उर्फ ललकू सविता कुल 15 के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, बलवा की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। मुकदमा दौरान अभियुक्त झल्लर, बड़कू, बूंदी पासवान, मकबूल और रशीद की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन






सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि कोर्ट में सात जून को अंतिम सुनवाई की। कोर्ट ने जीवित 10 अभियुक्तों को दोषी करार दिया। कोर्ट ने गुरुवार को सारे आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक को 30-30 हजार अर्थदंड से दंडित किया है। आरोपी निसार और लल्लू के खिलाफ पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत चार्जशीट अलग दाखिल की थी। आर्म्स एक्ट में दोनों आरोपियों को 30 हजार के अलावा पांच-पांच हजार अतिरिक्त अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले में कुल सात गवाह पेश हुए। सामूहिक हत्याकांड की वजह श्याम बिहारी शुक्ला के पौत्र की हत्या थी। हत्याकांड में कौशांबी के संतोष दुबे समेत अन्य के खिलाफ युवक की हत्या कर शव गायब करने का मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसके बाद से संतोष पक्ष पैतृक गांव नेमानीपर मजरे कस्बा सोहन स्थित 80 बीघा जमीन जोत नहीं पा रहा था। इसी वजह सामूहिक हत्याएं की गई थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed