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Fatehpur News: मासूम से दुष्कर्म में उम्रकैद, 25 हजार अर्थदंड
Sat, 20 Jan 2024 03:13 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Sat, 20 Jan 2024 03:13 AM IST
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फतेहपुर। पांच साल की मासूम से दुष्कर्म करने वाले युवक को न्यायाधीश मो. अहमद खान की स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को अंतिम सुनवाई के बाद दोषी करार दिया गया। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजक देवेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 19 जनवरी 2020 को थरियांव थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले दंपती शहर आए थे। घर में बेटा और पांच साल बेटी थी। बच्ची को जसवंत लोधी ने नमकीन खिलाने का लालच दिया। उसे रुपये देकर नमकीन और खुद के लिए गुटखा मंगवाया। बच्ची सामान लेकर जसवंत के पास पहुंची। तो जसवंत घर के अंदर ले गया और दरवाजा बंद कर लिया। परिजन दोपहर बाद घर पहुंचे। वह बच्ची की तलाश में जुटे। बेटे से पूछताछ पर पता लगा कि वह जसवंत के घर में है। मां ने बेटे को जसवंत के घर से बेटी को बुलाने भेजा। दरवाजा बंद होने पर बेटा लौट आया। इसके बाद मां जसवंत के घर पहुंची। महिला के दरवाजा खटखटाने पर जसवंत घर से निकला और गालीगलौज कर भाग निकला। घर से बेहाल हालत में बेटी को पाया। बेटी ने मां को आपबीती बताई। पुलिस ने 20 जनवरी 2020 को मुकदमा दर्ज किया था और आरोपी को जेल भेजा था।
स्पेशल कोर्ट में अंतिम सुनवाई हुई। कोर्ट में सात गवाह पेश हुए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद जसवंत को दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 25 हजार अर्थदंड की धनराशि पीड़िता के परिवार को देने के आदेश किया।
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विशेष लोक अभियोजक देवेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 19 जनवरी 2020 को थरियांव थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले दंपती शहर आए थे। घर में बेटा और पांच साल बेटी थी। बच्ची को जसवंत लोधी ने नमकीन खिलाने का लालच दिया। उसे रुपये देकर नमकीन और खुद के लिए गुटखा मंगवाया। बच्ची सामान लेकर जसवंत के पास पहुंची। तो जसवंत घर के अंदर ले गया और दरवाजा बंद कर लिया। परिजन दोपहर बाद घर पहुंचे। वह बच्ची की तलाश में जुटे। बेटे से पूछताछ पर पता लगा कि वह जसवंत के घर में है। मां ने बेटे को जसवंत के घर से बेटी को बुलाने भेजा। दरवाजा बंद होने पर बेटा लौट आया। इसके बाद मां जसवंत के घर पहुंची। महिला के दरवाजा खटखटाने पर जसवंत घर से निकला और गालीगलौज कर भाग निकला। घर से बेहाल हालत में बेटी को पाया। बेटी ने मां को आपबीती बताई। पुलिस ने 20 जनवरी 2020 को मुकदमा दर्ज किया था और आरोपी को जेल भेजा था।
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स्पेशल कोर्ट में अंतिम सुनवाई हुई। कोर्ट में सात गवाह पेश हुए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद जसवंत को दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 25 हजार अर्थदंड की धनराशि पीड़िता के परिवार को देने के आदेश किया।
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