फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   Less cash, was not in high demand by the salary

कैश कम, मांग ज्यादा होने से नहीं निकली पगार

Fri, 02 Dec 2016 12:24 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर Updated Fri, 02 Dec 2016 12:24 AM IST
विज्ञापन
Less cash, was not in high demand by the salary
मुख्यालय स्थित यूनियन बैंक में भी रुपये निकालने की जद्दोजहद में जुटे लोग। - फोटो : Amar ujala
पांच सौ और हजार के नोट बंद होने के बाद नए व चलन वाले नोट हासिल करने की जुगत में लाइन लगाने वाली जनता की दिक्कतें बरकरार हैं। कैश कम है, जबकि मांगा ज्यादा। इस कारण चारों तरफ हाहाकार मचा है। ग्रामीण इलाकों में बैंकों के बाहर लंबी-लंबी लाइनेें लगी हैं। सरकारी और गैर सरकारी लोेग एक लाइन में लगे नजर आए। बैक की विंडो से निराश हुए ज्यादातर ग्राहकों को एटीएम से भी धन निकालने का मौका नहीं मिल सका। आधे से ज्यादा एटीएम बूथ तालाबंदी का शिकार रहे।  
विज्ञापन

नकदी संकट के 23 वें दिन महीने की पहली तारीख वेतनभोगियों व कामगारों को निराश करने वाली साबित रही। आरबीआई के सरकारी मुुलाजिमों के लिए अलग से काउंटर खोले जाने के दावे खोखले साबित हुए। ज्यादातर बैंकों की तिजोरियां खाली होने से लाइन लगाने वालों की जेब में रुपया नहीं पहुंच सका। पहली बार ऐसा हुआ जब सरकारी मुलाजिम एक साथ सेलरी नहीं निकाल सके।
विज्ञापन


हर महीने की पहली तारीख को वेतनभोगियों और कामगारों को सैलरी मिलने का इंतजार रहता है। इस बार एकाउंट में सेलरी पहुंचने के बाद ज्यादातर को निकालने का मौका नहीं मिल सका। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, ओरियंटल कामर्स बैंक में भुगतान को लाइनें लगीं लेकिन कुछ देर में कैश खत्म हो जाने पर लोग बैरंग लौटने लगे। विकास विभाग के एक मुलाजिम ने बताया कि वह बैंक गए तो उन्हें आम लोगों की लाइन में लगना पड़ा। दो घंटे तक खड़े रहने के बाद जब नंबर आया तो पता चला कि कैश ही नहीं बचा है। ऐसा ही दर्द शिक्षा विभाग के एक मुलाजिम की बातचीत में झलका।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुलाजिम के मुताबिक बैंक में अलग से काउंटर की व्यवस्था नहीं रही जिससे धक्का-मुक्की का शिकार होना पड़ा। इसके बाजवूद हाथ में तनख्वाह का रुपया नहीं आ सका। लीड बैंक मैनेजर एसएस तोमर ने बताया कि जिले की बैकों के पास पर्याप्त स्टाफ न होने की वजह से सरकारी कर्मचारियों के लिए अलग से काउंटर की व्यवस्था ज्यादातर शाखाओं में नहीं की जा सकी। तमाम ऐसी बैंक हैं जिनमें स्टाफ के नाम पर दो या फिर तीन कर्मी हैं।  यही वजह रही कि ग्रामीण क्षेत्रों में अलग से काउंटर खोले जाने का काम पूरी तरह से नहीं हो सका। पर्याप्त कैश न आने से भी पहला दिन अफरातफरी के नाम रहा। जितना कैश बैंकों के पास था वह दोपहर होते होते फुर्र हो गया। एलडीएम की माने तो अभी कम से कम सप्ताह भर हालात सामान्य होने के आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed