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Fatehpur News: कोविड के मरीज सात दिन से पहले ही फिट
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फतेहपुर। कोविड के मरीज सात दिन से पहले ही फिट हो रहे हैं। ये जिला स्वास्थ्य विभाग से जारी रिपोर्ट के आंकड़ों से स्पष्ट होता, जबकि कोविड संक्रमित की कम से कम सात दिन उपचार की गाइड लाइन है। इसके बाद मरीज के परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आगे के उपचार के बारे में तय होता है।
अप्रैल महीने में 10 अप्रैल के बाद लगभग हर दिन कोविड मरीज दो से तीन की संख्या में मिले। स्वास्थ्य विभाग से जारी कोरोना अपडेट रिपोर्ट के अनुसार 11 अप्रैल को दो और 12 अप्रैल को एक सक्रिय केस मिला। 13, 14 अप्रैल को तीन-तीन कोरोना के मरीज मिले। 15 और 16 अप्रैल को दो-दो संक्रमित मिले। इसी तरह 17 अप्रैल को तीन और 18 अप्रैल को चार कोरोना मरीज की पहचान की गई। 19 अप्रैल को 03 और 20 अप्रैल को एक मरीज पॉजिटिव मिला। 21 अप्रैल को भी दो मरीज मिले हैं। इस तरह से 11 अप्रैल से लेकर 21 अप्रैल तक कुल 26 कोरोना पाजिटिव मरीज मिले चुके हैं। सभी मरीजों को होम आइसलेशन में भेजा गया है। कोविड गाइड लाइन के अनुसार कम से कम 7 दिनों तक मरीज को होम आइसोलेशन में रहकर उपचार करना ही है। इसके बाद ही 8वें दिन वह पॉजिटिव से निगेटिव रिपोर्ट के आधार पर होगा।
21 अप्रैल से पिछले सात दिन की गिनती की जाए, तो 13 अप्रैल तक के मरीज को फिट माना जा सकता है। इस आधार पर 14 से 20 अप्रैल तक कोविड गाइडलाइन के मुताबिक 18 मरीज संक्रमित होने चाहिए। लेकिन स्वास्थ्य विभाग से 21 अप्रैल को जारी कोरोना अपडेट रिपोर्ट में 16 संक्रमित की संख्या दर्शाई जा रही है। इससे पहले के दिनों में भी रिपोर्ट में सात दिन से पहले ही कोविड मरीजों को फिट दर्शाया गया है।
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नोडल अधिकारी डॉ. केके सिंह ने बताया कि कोविड की गाइड लाइन के अनुसार सात दिनों तक संक्रमित का उपचार करना है। इसके बाद मरीज की संतुष्टि और लक्षण के आधार पर आगे का उपचार किया जाता है। मरीज के ठीक नहीं होने पर उसका लगातार उपचार किया जाता है। मरीज को बुखार नहीं होता है और वह संतुष्ट होता है, तो उसे निगेटिव मान लिया जाता है। नोडल अधिकारी डॉ. केके सिंह के अनुसार नई गाइड लाइन में दोबारा टेस्ट करने का प्रावधान नहीं है। उन्होंने बताया कि कोविड के मरीजों की संख्या में कमी आई है और डिस्चार्ज की संख्या बढ़ी है।
पहले होता था आरटीपीसीआर दोनों कोविड काल के दौरान संक्रमित मरीजों को सात दिन की दवा किट दी जाती थी। उसके बाद उसके लक्षण के आधार पर आगे की सात दिनों की किट दी जाती थी। मरीज के ठीक होने पर उसका दोबारा आरटीपीसीआर किया जाता था। उसमें निगेटिव रिपोर्ट आने पर ही मरीज को फिट माना जाता था।
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अप्रैल महीने में 10 अप्रैल के बाद लगभग हर दिन कोविड मरीज दो से तीन की संख्या में मिले। स्वास्थ्य विभाग से जारी कोरोना अपडेट रिपोर्ट के अनुसार 11 अप्रैल को दो और 12 अप्रैल को एक सक्रिय केस मिला। 13, 14 अप्रैल को तीन-तीन कोरोना के मरीज मिले। 15 और 16 अप्रैल को दो-दो संक्रमित मिले। इसी तरह 17 अप्रैल को तीन और 18 अप्रैल को चार कोरोना मरीज की पहचान की गई। 19 अप्रैल को 03 और 20 अप्रैल को एक मरीज पॉजिटिव मिला। 21 अप्रैल को भी दो मरीज मिले हैं। इस तरह से 11 अप्रैल से लेकर 21 अप्रैल तक कुल 26 कोरोना पाजिटिव मरीज मिले चुके हैं। सभी मरीजों को होम आइसलेशन में भेजा गया है। कोविड गाइड लाइन के अनुसार कम से कम 7 दिनों तक मरीज को होम आइसोलेशन में रहकर उपचार करना ही है। इसके बाद ही 8वें दिन वह पॉजिटिव से निगेटिव रिपोर्ट के आधार पर होगा।
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21 अप्रैल से पिछले सात दिन की गिनती की जाए, तो 13 अप्रैल तक के मरीज को फिट माना जा सकता है। इस आधार पर 14 से 20 अप्रैल तक कोविड गाइडलाइन के मुताबिक 18 मरीज संक्रमित होने चाहिए। लेकिन स्वास्थ्य विभाग से 21 अप्रैल को जारी कोरोना अपडेट रिपोर्ट में 16 संक्रमित की संख्या दर्शाई जा रही है। इससे पहले के दिनों में भी रिपोर्ट में सात दिन से पहले ही कोविड मरीजों को फिट दर्शाया गया है।
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नोडल अधिकारी डॉ. केके सिंह ने बताया कि कोविड की गाइड लाइन के अनुसार सात दिनों तक संक्रमित का उपचार करना है। इसके बाद मरीज की संतुष्टि और लक्षण के आधार पर आगे का उपचार किया जाता है। मरीज के ठीक नहीं होने पर उसका लगातार उपचार किया जाता है। मरीज को बुखार नहीं होता है और वह संतुष्ट होता है, तो उसे निगेटिव मान लिया जाता है। नोडल अधिकारी डॉ. केके सिंह के अनुसार नई गाइड लाइन में दोबारा टेस्ट करने का प्रावधान नहीं है। उन्होंने बताया कि कोविड के मरीजों की संख्या में कमी आई है और डिस्चार्ज की संख्या बढ़ी है।
पहले होता था आरटीपीसीआर दोनों कोविड काल के दौरान संक्रमित मरीजों को सात दिन की दवा किट दी जाती थी। उसके बाद उसके लक्षण के आधार पर आगे की सात दिनों की किट दी जाती थी। मरीज के ठीक होने पर उसका दोबारा आरटीपीसीआर किया जाता था। उसमें निगेटिव रिपोर्ट आने पर ही मरीज को फिट माना जाता था।