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उम्मीदों को झटका, रेल बजट में जिले के लिए कुछ नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Fri, 27 Feb 2015 12:37 AM IST
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दिल्ली-हावड़ा रूट के ‘ए’ श्रेणी के आदर्श रेलवे स्टेशन को रेल मंत्री सुरेश प्रभु के पहले रेल बजट ने जिले को निराश किया। न इस बड़ी लाइन से गुजरने वाली ट्रेनों के ठहराव बढ़े, न बिंदकी रोड रेलवे स्टेशन से इटावा के बीच नया ट्रैक बिछाने का रास्ता साफ हुआ और न ही रेल मुसाफिरों को स्थानीय स्तर बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने जैसी कोई बात इस बजट का हिस्सा बनीं।
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कानपुर सेंट्रल व इलाहाबाद जंक्शन के बीच स्थित फतेहपुर के आदर्श रेलवे स्टेशन से यात्रा करने वालों को इस बजट ने भी मायूस किया।
अर्से से की जा रही सियालह अजमेर-इबादत एक्सप्रेस, गरीब नवाज एक्सप्रेस, लोकमान्य अहमदाबाद एक्सप्रेस, ब्रम्ह्पुत्र-मगध एक्सप्रेस, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस, शिवगंगा एक्सप्रेस, सीमांचल एक्सप्रेस, महाबोधि एक्सप्रेस का ठहराव किए जाने की मांग पूरी नहीं हो सकी।
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शाम साढ़े छह बजे के बाद तो कानपुर सेंट्रल से फतेहपुर की ओर आने के लिए तूफान एक्सप्रेस भी नहीं मिलती है। जबकि इस समयावधि के बाद इलाहाबाद की ओर आने के लिए शिवगंगा व महाबोधि एक्सप्रेस की सेवाएं दी जा सकती हैं।
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क्या कहती है अवाम-
- ‘रेल बजट ने पूरी तरह से निराश किया है। एक भी बात इस बजट में जिले के हित में नहीं हुई है। यह एक बकवास रेल बजट है’। - राजेश मिश्रा, प्राइवेट जॉब।
- ‘आदर्श रेलवे स्टेशन का तमगा मिलने के बावजूद रेल सेवाएं दोयम दर्जे की ही मिल पा रही हैं। चंद ट्रेनों के ठहराव से रेल का सफर अब उबाऊ होता जा रहा है’। - एसपी शुक्ला, समाजसेवी।
- ‘रेल बजट में विकलांग हित की बात नहीं हुई। कानपुर, लखनऊ व इलाहाबाद की तरह फतेहपुर स्टेशन में विकलांगों के लिए रैंप की सुविधा तो दूर व्हीलचेयर तक मयस्सर नहीं है’। - प्रोफेसर मुजाहिद रजा, एमजी डिग्री कालेज
- ‘रेल किराया न बढ़ाया जाना ही इस बजट का खास है। जिले को बजट में कुछ भी नहीं मिला है। सेवाओं का हश्र किसी से छिपा नहीं रहा है’। - शत्रुघन सिंह, नागरिक
- ‘मोदी सरकार का यह बजट पूरी तरह से निराश करता है। फतेहपुर की सांसद के मंत्री होने के बावजूद यहां जनता को कुछ भी हाथ नहीं लगा है’। - राकेश चंद्र, एमएसटी होल्डर
- ‘रेल बजट को लेकर जो उम्मीदें थी वह फिर से चकनाचूर हो गईं। ए श्रेणी के रेलवे स्टेशन से मंजिल तलाशने वाली जनता को सही मायने में छला गया है’। - रामकेश सचान, व्यापारी
- ‘बिदकी रोड रेलवे स्टेशन से इटावा तक रेल लाइन बिछाने का बजट में जिक्र न होने से मायूसी हाथ लगी। नई ट्रेन न चलाए जाने से रेल का सफर पहले की तरह करना होगा’। - सुनीत सिंह डब्बू
- ‘रेल बजट में सुरक्षा को लेकर खास फोकस किया गया है। महिलाओं के लिए कोच की व्यवस्था के अलावा सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने से सुरक्षित यात्रा का सपना पूरा होगा’। - बृजेश यादव, जीआरपी थानेदार
क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि
- ‘जिले का मंत्रीमंडल में प्रतिनिधितत्व होने के बावजूद रेल बजट झुनझुना साबित हुआ है। सच तो यह है कि फतेहपुर की जनता की मांग को पूरी तरह से इस बजट में दरकिनार किया गया है’।
- राकेश सचान, पूर्व सांसद, सपा
- ‘ फिलहाल कहीं के लिए नई ट्रेन नहीं चलाई गई है। जब रेलवे नई ट्रेन चलाएगा तो जिले को भी नई ट्रेन मिलेगी और स्टेशन का उच्चीकरण कराया जाएगा।’ - साध्वी निरंजन ज्योति, केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री व सांसद, फतेहपुर