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Fatehpur News: दहेज उत्पीड़न और हत्या में दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा
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फतेहपुर। दहेज उत्पीड़न और हत्या के मामले में दोषी पति को न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश हरिप्रकाश गुप्ता की अदालत ने बृहस्पतिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के बरुहा गांव निवासी भाई दयाराम ने नौ मार्च 2019 को थाने में लिखित सूचना दी कि उसकी बहन सविता की शादी आठ वर्ष पूर्व बहादुरपुर निवासी अमरपाल के साथ हुई थी। बहनोई दहेज के लिए बहन पीटता था।
आठ मार्च की रात बहन की बहनोई ने हत्या कर दी। इसमें एक और व्यक्ति भी शामिल है। भाई ने बताया कि पड़ोसियों ने उसे फोन के जरिये सूचना दी। मौके पर जाकर देखा तो बांस के सहारे फंसी रस्सी बहन के गले में बंधी थी।
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पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना की और चार्जशीट न्यायालय में पेश की। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश दोषी पति अमरपाल को धारा 498-ए में दो वर्ष की सजा और पांच हजार जुर्माना जबकि धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। मामले की सुनवाई के दौरान छह गवाह पेश किए गए।
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गाजीपुर थाना क्षेत्र के बरुहा गांव निवासी भाई दयाराम ने नौ मार्च 2019 को थाने में लिखित सूचना दी कि उसकी बहन सविता की शादी आठ वर्ष पूर्व बहादुरपुर निवासी अमरपाल के साथ हुई थी। बहनोई दहेज के लिए बहन पीटता था।
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आठ मार्च की रात बहन की बहनोई ने हत्या कर दी। इसमें एक और व्यक्ति भी शामिल है। भाई ने बताया कि पड़ोसियों ने उसे फोन के जरिये सूचना दी। मौके पर जाकर देखा तो बांस के सहारे फंसी रस्सी बहन के गले में बंधी थी।
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पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना की और चार्जशीट न्यायालय में पेश की। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश दोषी पति अमरपाल को धारा 498-ए में दो वर्ष की सजा और पांच हजार जुर्माना जबकि धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। मामले की सुनवाई के दौरान छह गवाह पेश किए गए।