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मानसूनी पहली झमाझम बारिश से शहर पानी-पानी
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फतेहपुर। झमाझम बारिश में नगर पालिका की नाले नालियों की सिल्ट सफाई व्यवस्था की पोल खुल दी। दो दिन से हो रही बारिश से शहर पानी-पानी हो गया। अफसरों के आवास से लेकर शहर की मुख्य सड़कों पर घुटने तक पानी भर गया। कई स्थानों पर जलभराव की भयावह स्थिति को देखते हुए नगर पालिका ने डीजल पंपिंग सेट लगाकर जलनिकासी शुरू कराई है।
नगर पालिका ने बारिश में जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करनेे के लिए 35 नालों की सिल्ट सफाई के लिए 90 लाख की धनराशि खर्च की है। टेंडर प्रक्रिया में ढाई फीट तक चौड़ाई वाले नालों की सिल्ट सफाई शामिल है। इससे कम चौड़ाई वाले नाले और नालियों की सिल्ट सफाई नगर पालिका ने अपने स्तर से कराई है। 18 मई से शुरू हुई सिल्ट सफाई जुलाई के पहले सप्ताह तक चली, लेकिन परिणाम यह रहा कि बारिश में शहर की प्रमुख सड़कों के साथ आबादी के मध्य के पानी भर गया। प्रशासनिक अधिकारियों के आवासों के अंदर तक पानी घुस गया। खलील नगर मोहल्ले की सड़कों पर घुटने तक पानी भर गया।
शहर के गंगानगर, सैयदबाड़ा, गढ़ीवा, निबहरा, आबूनगर रेडइया, तुराबअली के पुरवा की सड़कों पर घुटनों तक पानी भरा हुआ है। इनके अलावा शिक्षण संस्थाएं जलभराव से खासा प्रभावित हुई हैं। आईटीआई, जीजीआईसी, जीआईसी, निरंकारी बालिका इंटर कॉलेज, चर्म विद्यालय, एएस इंटर कॉलेज परिसर बारिश के पानी से लबालब हैं। मुख्य सड़क ताबेंश्वर चौराहे और बिंदकी बस स्टैंड के पास जलभराव में बाइकें आधी डूब गईं।
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शहर में जलभराव की ऐसी स्थिति तब देखने को मिली जब नगर पालिका ने 90 लाख की भारी भरकम धनराशि खर्च करके नालों की सफाई कराई थी और जलभराव न होने का दावा किया था।
फतेहपुर। झमाझम बारिश से अधिकारियों के आवास तक में पानी भर गया। कलक्ट्रेट और खलील नगर की स्थिति दयनीय हो गई। घरों के दरवाजे के बाहर घुटने तक पानी भरा। स्थिति को देखते हुए नगर पालिका ने आनन फानन छह डीजल पंपिंग सेटों की व्यवस्था कर जलनिकासी के प्रयास शुरू किए। सबसे पहले अपर एसडीएम प्रहलाद सिंह के आवास में पंपिंग सेट लगाया गया। दो पंपिंग सेट खलील नगर मोहल्ले का पानी निकालने के लिए लगाए गए। इसी प्रकार अन्य कई मोहल्लों में पंपिंग सेट लगाने का काम चल रहा था। चेयरमैन प्रतिनिधि हाजी रजा ने कहा कि पिछड़ा शहर है। पूरी आबादी अव्यवस्थित तरीके से बसी है। ऐसे में उचित जलनिकासी की व्यवस्था चाहते हुए भी नगर पालिका नहीं कर पाती है। इसका स्थायी विकल्प सीवर लाइन बनने के बाद ही हो पाएगा। फिर नगर पालिका जलनिकासी के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है।
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नगर पालिका ने बारिश में जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करनेे के लिए 35 नालों की सिल्ट सफाई के लिए 90 लाख की धनराशि खर्च की है। टेंडर प्रक्रिया में ढाई फीट तक चौड़ाई वाले नालों की सिल्ट सफाई शामिल है। इससे कम चौड़ाई वाले नाले और नालियों की सिल्ट सफाई नगर पालिका ने अपने स्तर से कराई है। 18 मई से शुरू हुई सिल्ट सफाई जुलाई के पहले सप्ताह तक चली, लेकिन परिणाम यह रहा कि बारिश में शहर की प्रमुख सड़कों के साथ आबादी के मध्य के पानी भर गया। प्रशासनिक अधिकारियों के आवासों के अंदर तक पानी घुस गया। खलील नगर मोहल्ले की सड़कों पर घुटने तक पानी भर गया।
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शहर के गंगानगर, सैयदबाड़ा, गढ़ीवा, निबहरा, आबूनगर रेडइया, तुराबअली के पुरवा की सड़कों पर घुटनों तक पानी भरा हुआ है। इनके अलावा शिक्षण संस्थाएं जलभराव से खासा प्रभावित हुई हैं। आईटीआई, जीजीआईसी, जीआईसी, निरंकारी बालिका इंटर कॉलेज, चर्म विद्यालय, एएस इंटर कॉलेज परिसर बारिश के पानी से लबालब हैं। मुख्य सड़क ताबेंश्वर चौराहे और बिंदकी बस स्टैंड के पास जलभराव में बाइकें आधी डूब गईं।
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शहर में जलभराव की ऐसी स्थिति तब देखने को मिली जब नगर पालिका ने 90 लाख की भारी भरकम धनराशि खर्च करके नालों की सफाई कराई थी और जलभराव न होने का दावा किया था।
फतेहपुर। झमाझम बारिश से अधिकारियों के आवास तक में पानी भर गया। कलक्ट्रेट और खलील नगर की स्थिति दयनीय हो गई। घरों के दरवाजे के बाहर घुटने तक पानी भरा। स्थिति को देखते हुए नगर पालिका ने आनन फानन छह डीजल पंपिंग सेटों की व्यवस्था कर जलनिकासी के प्रयास शुरू किए। सबसे पहले अपर एसडीएम प्रहलाद सिंह के आवास में पंपिंग सेट लगाया गया। दो पंपिंग सेट खलील नगर मोहल्ले का पानी निकालने के लिए लगाए गए। इसी प्रकार अन्य कई मोहल्लों में पंपिंग सेट लगाने का काम चल रहा था। चेयरमैन प्रतिनिधि हाजी रजा ने कहा कि पिछड़ा शहर है। पूरी आबादी अव्यवस्थित तरीके से बसी है। ऐसे में उचित जलनिकासी की व्यवस्था चाहते हुए भी नगर पालिका नहीं कर पाती है। इसका स्थायी विकल्प सीवर लाइन बनने के बाद ही हो पाएगा। फिर नगर पालिका जलनिकासी के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है।