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निरीक्षण में तार-तार मिलीं स्वास्थ्य सेवाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Wed, 04 Feb 2015 12:12 AM IST
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जिले की रेडियोलाजी विभाग की सेवाएं मंगलवार को हुई पड़ताल में हाशिए पर नजर आईं। एसीएमओे की पड़ताल में सदर अस्पताल के रेडियोलाजिस्ट छह दिन से गायब बताए गए, तो जिला महिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड रूम में गंदगी के साथ सुविधाओं का टोटा सामने आया।
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हकीकत से वाकिफ हुए एसीएमओ ने उपरोक्त बिंदुओं को नोटिस में लेते हुए दोनों अस्पतालों के सीएमएस को सेवाएं मुहैया कराने के लिए निर्देशित किया।
एसीएमओ डॉ. एलआर सचान ने सबसे पहले सदर अस्पताल का रुख किया। यहां पर रेडियोलाजिस्ट नहीं मिले। रेडियोलाजिस्ट के नदारद रहने की बाबत सीएमएस भी उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। एसीएमओ ने सीएमएस से रेडियोलाजिस्ट विभाग की सेवाओं पर खास गौर करने की बात कहते हुए मौके पर मौजूद कुछेक मरीज और उनके तीमारदारों से बात भी की। सोमवार को ही नई आई कलर डापलर अल्ट्रासाउंड मशीन का एसीएमओ ने निरीक्षण किया।
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इसके बाद उन्होंने जिला महिला अस्पताल में पिछले साल से चालू हुई अल्ट्रासाउंड सेवा का जायजा लिया। यहां पर उन्हें गंदगी दिखाई दी। वॉश बेसिन में गंदगी देख कर भड़के जांच अधिकारी का माथा अल्ट्रासाउंड कराने के दौरान उपयोग में लाई जाने वाली मेज को देख कर और ठनक गया।
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मेज पर गद्दा आदि न बिछा होने पर यहां की सीएमएस डॉ. रेखारानी से व्यवस्थाएं चौकचौबंद करने की बात कही। इस दौरान कुछेक लोगों ने अल्ट्रासाउंड के नाम पर उगाही का आरोप लगाया, लेकिन पड़ताल में किसी प्रकार की वसूली के संकेत नहीं मिले।
एएसीएमओ डॉ. एलआर सचान ने बताया कि सदर अस्पताल के रेडियोलाजिस्ट के न होने से विभागीय रिकार्ड की हकीकत साफ नहीं हो सकी है। सीएमएस भी इस मामले में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जबकि महिला अस्पताल में लचर सेवाएं व सुविधाओं में कटौती मिली है।