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मत हो परेशान, सूची में नाम पर बनेगा गोल्डन कार्ड
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फतेहपुर। आयुष्मान भारत योजना के चयनित परिवारों को गोल्डन कार्ड के लिए भटकने की जरूरत नहीं है। योजना को रफ्तार देने को स्वास्थ्य विभाग ने कॉमन सर्विस सेंटरों को जिम्मेदारी सौंपी है। जिस पर मंगलवार से अमल शुरू हो गया।
ब्लॉक स्तर पर गठित सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) की टीमों ने विशेष अभियान के तहत चयनित परिवारों की कुंडी खटखटाई। तीस रुपये का बीमा शुल्क जमा कराके गोल्डनकार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी कराई।
सालाना पांच लाख रुपये का बीमित परिवार को मुफ्त इलाज की सुविधा चिह्नित अस्पतालों में मुहैया कराने वाली इस योजना की जिले में रफ्तार बेहद कम है। जिले में इस योजना के लिए दो लाख आठ हजार 733 परिवार चयनित किए गए हैं।
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चूंकि किसी परिवार में पांच तो किसी में सात सदस्य होते हैं। इस लिहाज से जिले में कम से कम 10 लाख गोल्डन कार्ड बनाए जाने की दरकार है। अभी तक एक लाख 27 हजार के आसपास ही गोल्डन कार्ड बन सके हैं।
जिस कारण बड़ी संख्या में योजना के चयनित परिवारों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया को सहज बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार से कॉमन सर्विस सेंटर का सहारा लिया है।
हरेक ब्लॉक के लिए दो दो टीमें गठित की गईं हैं। सीएससी की टीम ने अभियान के तहत गोल्डन कार्ड बनाने की शुरुआत की। नोडल अफसर डॉ. संजय कुमार ने बताया कि आशा बहू के साथ यह काम शुरू किया गया है।
महज तीस रुपये का बीमा भुगतान करके वर्ष 2011 की सूची में शामिल रहे बीपीएल परिवार योजना का लाभ उठा सकते हैं।
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ब्लॉक स्तर पर गठित सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) की टीमों ने विशेष अभियान के तहत चयनित परिवारों की कुंडी खटखटाई। तीस रुपये का बीमा शुल्क जमा कराके गोल्डनकार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी कराई।
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सालाना पांच लाख रुपये का बीमित परिवार को मुफ्त इलाज की सुविधा चिह्नित अस्पतालों में मुहैया कराने वाली इस योजना की जिले में रफ्तार बेहद कम है। जिले में इस योजना के लिए दो लाख आठ हजार 733 परिवार चयनित किए गए हैं।
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चूंकि किसी परिवार में पांच तो किसी में सात सदस्य होते हैं। इस लिहाज से जिले में कम से कम 10 लाख गोल्डन कार्ड बनाए जाने की दरकार है। अभी तक एक लाख 27 हजार के आसपास ही गोल्डन कार्ड बन सके हैं।
जिस कारण बड़ी संख्या में योजना के चयनित परिवारों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया को सहज बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार से कॉमन सर्विस सेंटर का सहारा लिया है।
हरेक ब्लॉक के लिए दो दो टीमें गठित की गईं हैं। सीएससी की टीम ने अभियान के तहत गोल्डन कार्ड बनाने की शुरुआत की। नोडल अफसर डॉ. संजय कुमार ने बताया कि आशा बहू के साथ यह काम शुरू किया गया है।
महज तीस रुपये का बीमा भुगतान करके वर्ष 2011 की सूची में शामिल रहे बीपीएल परिवार योजना का लाभ उठा सकते हैं।