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Fatehpur News: रुपये लेकर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले चार दलाल छूटे

Sat, 05 Sep 2026 12:35 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2026 12:35 AM IST
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Four touts who obtained driving licenses in exchange for money have been released.
फतेहपुर। एआरटीओ कार्यालय में छापा के दौरान पकड़े गए 12 संदिग्धों में चार दलालों के खिलाफ बृहस्पतिवार रात प्राथमिकी दर्ज की गई। कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को चारों आरोपियों को मुचलके पर जमानत दे दी।
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पुलिस की जांच में सामने आया कि दलाल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने समेत अन्य कामों के नाम पर लोगों से रकम वसूलते थे। आरोपियों से बरामद चार मोबाइलों का डेटा रिकवर कराने के लिए पुलिस उन्हें विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजेगी।
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एआरटीओ कार्यालय में एडीएम विनय पांडेय और एएसपी ज्ञान प्रकाश राय की टीम ने छापा मारा था। यहां करीब 20 लोगों की चेकिंग की। इनमें से करीब 12 लोगों को पुलिस जांच के लिए कोतवाली ले गई। रानी काॅलोनी निवासी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव से 27 हजार 620 रुपये व एक मोबाइल, राधानगर थाने के परशुरामपुर निवासी विपिन कुमार साहू से 6050 रुपये व दो मोबाइल बरामद हुए।
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सथरियांव निवासी प्रदीप सिंह से 1020 रुपये व एक मोबाइल और सिविल लाइंस निवासी विनोद कुमार से 350 रुपये बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने बताया कि वे ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन समेत अन्य कामों के नाम पर लोगों से अधिक रुपये लेते हैं।
ज्यादातर काम ऑनलाइन होने के कारण वह लोगों से ऑनलाइन फार्म भरवाने के नाम पर भी अतिरिक्त रकम लेते हैं। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजकर डेटा रिकवर कराएगी। कोतवाल हेमंत मिश्रा ने बताया कि धोखाधड़ी का मामला जमानतीय होने की वजह से आरोपियों को मुचलके पर छोड़ा गया है।



शिकायतकर्ता नहीं होने से प्राथमिकी कमजोर
मामले में पुलिस वादी बनी है। प्राथमिकी में किसी शिकायतकर्ता का जिक्र नहीं किया गया है। शिकायतकर्ता नहीं होने से किससे रुपयों की वसूली की गई यह साबित करना पुलिस के लिए मुश्किल होगा। आरोपी बरामद रुपये और मोबाइल को अपना होने की बात कह सकते हैं। अधिवक्ताओं के मुताबिक इस तरह पुलिस की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी काफी कमजोर है। शायद यही वजह रही कि आरोपियों को कोर्ट तक नहीं ले जाया गया। इससे पहले भी डीएम व एडीएम एआरटीओ कार्यालय में छापा मार चुके हैं। तब प्राथमिकी एआरटीओ प्रशासन की ओर से दर्ज कराई गई थी।





55 से अधिक चर्चित दलालों से पुलिस दूर
एआरटीओ कार्यालय में दलाली का गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा है। वर्तमान में यहां करीब 55 से 60 दलाल सक्रिय बताए जाते हैं। इनके चेहरों से आम लोग भी परिचित हैं। कई दलालों ने कार्यालय के आसपास अपनी दुकानें तक खोल रखी हैं। इसके बावजूद पुलिस की कार्रवाई इन चर्चित दलालों तक नहीं पहुंच पा रही है। एआरटीओ कार्यालय के अधिकारी भले ही लोगों के सीधे आकर काम कराने का दावा करते हों लेकिन हकीकत इससे अलग है। कार्यालयी प्रक्रिया और नियमों का हवाला देकर लोगों को इतना उलझाया जाता है कि मजबूरी में उन्हें दलालों का सहारा लेना पड़ता है।
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