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भाजपा से निकाले गए पूर्व विधायक आदित्य पांडेय
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Fri, 19 Aug 2016 01:47 AM IST
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पूर्व विधायक आदित्य पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
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भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व विधायक आदित्य पांडेय को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। गुरुवार को पार्टी जिलाध्यक्ष दिनेश बाजपेई ने निष्कासन पत्र दिखाया, जिसे प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य की ओर से भेजा गया है। इसमें पूर्व विधायक पर अमर्यादित कार्यशैली एवं अनुशासनहीनता के आरोप लगाए गए हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश बाजपेयी ने बताया कि प्रदेश संगठन के पास पूर्व विधायक आदित्य पांडेय की कई शिकायतें पहुंची थीं। इसी की छानबीन कराने के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने यह निर्णय लिया है।
बता दें कि जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र के निवासी आदित्य पांडेय बसपा कार्यकाल में विधायक थे। इसके बाद बसपा छोड़ इन्होंने 2012 में भाजपा का दामन थाम लिया। सूत्रों के मुताबिक इनकी पत्नी ममता पांडेय को भाजपा टिकट दे रही थी, लेकिन यह खुद टिकट चाह रहे थे। बाद में पार्टी ने पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शुक्ला को टिकट दे दिया था, वह चुनाव हार गए थे। तभी से आदित्य पांडेय व उनकी पत्नी भाजपा में ही थे। इनकी पत्नी अमौली ब्लाक प्रमुख रह चुकी हैं।
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दूसरी ओर निष्कासित पूर्व विधायक आदित्य का कहना है कि उनका संगठन के किसी भी व्यक्ति से किसी तरह का कोई मतभेद नहीं है। वर्तमान समय में जिले में पूरा संगठन सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति चला रही हैं, उन्हें पैर न छूने की सजा मिली है। निष्कासन पूरी तरह से सांसद के दिशा निर्देश से प्रेरित है।
उन्होंने विधानसभा चुनाव 2017 में जहानाबाद, बिंदकी, अयाह शाह सीटों पर भाजपा को उसकी हैसियत का आभास कराएंगे। किस दल का दामन थामेंगे, इस सवाल के जवाब में बताया कि एक दो दिन बाद अपने शुभचिंतकों से रायशुमारी करके ठोस निर्णय लेंगे। इसमें किसी तरह की कोई जल्दबाजी नहीं करेंगे। भाजपा में शामिल होने का निर्णय जल्दबाजी का था, यहां पर चार साल का अरसा उन्होंने घुटन के बीच बिताया है।
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भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश बाजपेयी ने बताया कि प्रदेश संगठन के पास पूर्व विधायक आदित्य पांडेय की कई शिकायतें पहुंची थीं। इसी की छानबीन कराने के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने यह निर्णय लिया है।
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बता दें कि जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र के निवासी आदित्य पांडेय बसपा कार्यकाल में विधायक थे। इसके बाद बसपा छोड़ इन्होंने 2012 में भाजपा का दामन थाम लिया। सूत्रों के मुताबिक इनकी पत्नी ममता पांडेय को भाजपा टिकट दे रही थी, लेकिन यह खुद टिकट चाह रहे थे। बाद में पार्टी ने पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शुक्ला को टिकट दे दिया था, वह चुनाव हार गए थे। तभी से आदित्य पांडेय व उनकी पत्नी भाजपा में ही थे। इनकी पत्नी अमौली ब्लाक प्रमुख रह चुकी हैं।
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दूसरी ओर निष्कासित पूर्व विधायक आदित्य का कहना है कि उनका संगठन के किसी भी व्यक्ति से किसी तरह का कोई मतभेद नहीं है। वर्तमान समय में जिले में पूरा संगठन सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति चला रही हैं, उन्हें पैर न छूने की सजा मिली है। निष्कासन पूरी तरह से सांसद के दिशा निर्देश से प्रेरित है।
उन्होंने विधानसभा चुनाव 2017 में जहानाबाद, बिंदकी, अयाह शाह सीटों पर भाजपा को उसकी हैसियत का आभास कराएंगे। किस दल का दामन थामेंगे, इस सवाल के जवाब में बताया कि एक दो दिन बाद अपने शुभचिंतकों से रायशुमारी करके ठोस निर्णय लेंगे। इसमें किसी तरह की कोई जल्दबाजी नहीं करेंगे। भाजपा में शामिल होने का निर्णय जल्दबाजी का था, यहां पर चार साल का अरसा उन्होंने घुटन के बीच बिताया है।