फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   fathepur news,There was a ruckus, no one took the second day

गोवंशों को ठंड से बचाने और पेट भरने के लिए चारा का नहीं है इंतजाम

Sun, 16 Jan 2022 11:24 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jan 2022 11:24 PM IST
विज्ञापन
fathepur news,There was a ruckus, no one took the second day
वाहिदपुर गोशाला का निरीक्षण करते डीडीओ अशोक निगम व बीमार पड़े गोवंश। संवाद - फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। लक्ष्मणपुर करसूमा गोशाला में चार गोवंशों की मौत और 50 से अधिक गोवंशों के बीमार होने पर शनिवार को विहिप कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया था। इस पर अफसर मौके पर पहुंचे थे।
विज्ञापन

गोवंशों का इलाज कराने के साथ ही उनके खाने के लिए एक ट्राली भूसे का इंतजाम भी कराया गया लेकिन रविवार को दूसरे दिन कोई अधिकारी इन गोवंशों का हाल जानने नहीं पहुंचा।
विज्ञापन

सरकार गोवंशों के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इसके बाद भी गोशालाओं में भूख और ठंड से गोवंश मर रहे हैं। हालात ये हैं कि सरकारी गोशालाओं में मवेशियों को ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त टीन शेड तक नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

गोदाम में पर्याप्त मात्रा में भूसा भी नहीं है। इन गोवंशों को 24 घंटे में जिंदा रहने भर का चारा भी नहीं दिया जाता है। ऐसे में मवेशी बीमार पड़ जाते हैं और हफ्ता 15 दिन में उनकी मौत हो जाती है।
कमोवेश यह स्थिति सभी गोशालाओं की है। जिले के 38 गोशाला हैं, जिसमें ज्यादातर गोशाला ऐसी हैं, जिनमें रोज 10 से 11 हजार रुपये मवेशियों के चारे पर खर्च किए जाते हैं।
लक्ष्मणपुर करसूमा गोशाला में 441 गोवंश हैं। जिनके चारे के लिए रोजाना 13 रुपये खर्च होते हैं। इसके बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं है। शनिवार को यहां चार गोवंश मृत और 13 गंभीर बीमार मिले थे।
मृत गोवंशों के पोस्टमार्टम में उनके भूख से मरने की पुष्टि हुई थी। इस मामले में प्रभारी बीडीओ ने प्रधान कलावती, सचिव ललित गौतम और सुपरवाइजर सुरेश पर मुकदमा दर्ज कराया था।
इस हंगामे के बाद बीमार पड़े 13 मवेशियों को इलाज तो मिला, लेकिन रविवार को इन्हें देखने तक कोई नहीं पहुंचा। वहीं असोथर क्षेत्र के बेसड़ी गोशाला में रविवार को एक गोवंश की मौत हो गई। जबकि आठ गोवंश बीमार हैं।
शाह गोशाला में तीन नंदी बीमार
शाह। कस्बा की नंदी गोशाला में क्षमता से अधिक नंदी हैं। यहां पर तीन टीन शेड बने हैं और 84 नंदी हैं। पर्याप्त शेड न होने के कारण कड़ाके की ठंड में नंदी खुले आसमान के नीचे रात भर ठिठुरते रहते हैं।
यहां पर रविवार को तीन नंदी बीमार पड़ गए। इसी तरह बनरसी गोशाला में 90 मवेशी हैं। इनकी देखरेख में दो मजदूर लगाए गए हैं। गोशाला के गोदाम में थोड़ा भूसा है। इस पर पंचायत सचिव राजकुमार ने बताया भूसा एक हजार रुपये क्विंटल है। इस कारण से पराली खरीद कर मवेशियों का पेट भरना पड़ता है।
डीडीओ ने गोशाला की देखी व्यवस्था, सात मिले बीमार
बहुआ। जिला विकास अधिकारी अशोक निगम ने रविवार को क्षेत्र की वाहिदपुर गोशाला का निरीक्षण किया। यहां 256 गोवंशों में सात गोवंश बीमार मिले। डीडीओ ने पशु चिकित्सकों केे निर्देश दिया कि बीमार गोवंशों का इलाज किया जाए।

प्रधान और पंचायत सचिव से कहा कि गोवंश भूखे न रहें, इनको पर्याप्त भूसा दिया जाए। इसके बाद गोदाम का निरीक्षण किया। जहां पर करीब 10 क्विंटल भूसा मिला। प्रधान वीरेंद्र कुमार ने डीडीओ से कहा कि 30 रुपये में सिर्फ तीन किलो भूसा मिलता है। इसमें दो टाइम मवेशियों को कैसे चारा दिया जाए। समय से भुगतान भी नहीं किया जाता है।

लक्ष्मणपुर करसूमा गोशाला में बीमार पड़े गोवंश। संवाद

लक्ष्मणपुर करसूमा गोशाला में बीमार पड़े गोवंश। संवाद- फोटो : FATEHPUR

असोथर के बेसड़ी गोशाला में मृत पड़ा गोवंश। संवाद

असोथर के बेसड़ी गोशाला में मृत पड़ा गोवंश। संवाद- फोटो : FATEHPUR

अयाह गोशाला में चारा से खाली पड़ी नाद। संवाद

अयाह गोशाला में चारा से खाली पड़ी नाद। संवाद- फोटो : FATEHPUR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed