{"_id":"620aa5280bd05260352d60a7","slug":"fathepur-news-the-search-lasted-all-day-the-teenager-s-clue-was-not-found-fatehpur-news-knp6806585182","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाजीपुर गंग से भिटौरा घाट तक डूबी किशोरी की हुई खोज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाजीपुर गंग से भिटौरा घाट तक डूबी किशोरी की हुई खोज
विज्ञापन
जाल डालकर किशोरी को गंगा में खोजती पुलिस व गोताखोर। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
हुसैनगंज। गंगा नदी में डूबी किशोरी का 48 घंटे बाद सुराग नहीं लग सका है। स्थानीय गोताखोरों की टीम लगाकर पुलिस ने करीब 10 किलोमीटर तक खोजबीन कराई है।
थानाक्षेत्र के लौधोरा गांव निवासी राकेश लोधी की पुत्री कोमल (15) अपनी बड़ी बहन गुड़िया पत्नी रमेश के घर थानाक्षेत्र के हाजीपुर गंग एक सप्ताह पहले आई थी। वह रविवार दोपहर गांव किनारे गंगा घाट में कपड़े धोते समय फिसल गई थी।
गहराई में चले जाने के कारण वह डूब गई। सूचना पर थानाध्यक्ष सोमवार को मौके पर पहुंचे। पांच स्थानीय गोताखोरों की टीम लगाकर किशोरी की खोजबीन चालू कराई। गोताखोर नाव से जाल डालकर नदी में खोजबीन करते रहे।
हाजीपुर गंग से शमशान घाट भिटौरा तक गोताखोरों ने खोज की, लेकिन किशोरी का कोई सुराग नहीं लगा। उसका पता नहीं लगने पर मां, भाई, बहनों का हाल बेेहाल है।
वहीं बड़ी बहन गुड़िया खुद को कोसती दिखी। थानाध्यक्ष रणधीर बहादुर सिंह ने बताया कि किशोरी की खोजबीन की जा रही है। सुराग नहीं लगने पर एसडीआरएफ की मदद ली जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
थानाक्षेत्र के लौधोरा गांव निवासी राकेश लोधी की पुत्री कोमल (15) अपनी बड़ी बहन गुड़िया पत्नी रमेश के घर थानाक्षेत्र के हाजीपुर गंग एक सप्ताह पहले आई थी। वह रविवार दोपहर गांव किनारे गंगा घाट में कपड़े धोते समय फिसल गई थी।
गहराई में चले जाने के कारण वह डूब गई। सूचना पर थानाध्यक्ष सोमवार को मौके पर पहुंचे। पांच स्थानीय गोताखोरों की टीम लगाकर किशोरी की खोजबीन चालू कराई। गोताखोर नाव से जाल डालकर नदी में खोजबीन करते रहे।
विज्ञापन
हाजीपुर गंग से शमशान घाट भिटौरा तक गोताखोरों ने खोज की, लेकिन किशोरी का कोई सुराग नहीं लगा। उसका पता नहीं लगने पर मां, भाई, बहनों का हाल बेेहाल है।
वहीं बड़ी बहन गुड़िया खुद को कोसती दिखी। थानाध्यक्ष रणधीर बहादुर सिंह ने बताया कि किशोरी की खोजबीन की जा रही है। सुराग नहीं लगने पर एसडीआरएफ की मदद ली जाएगी।

कोमल की फाइल फोटो। संवाद- फोटो : FATEHPUR
विज्ञापन