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लक्ष्य 170 का, बने 36 सोकपिट
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अमौली। परिषदीय विद्यालयों में जल संचयन के लिए बनने वाले सोकपिट बनाने में लापरवाही बरती जा रही है। हालात ये हैं कि लक्ष्य 170 के सापेक्ष अब तक मात्र 36 सोकपिट ही बनकर तैयार हो पाए हैं।
बारिश जल संचयन करने के लिए भले ही शासन व प्रशासन लाख प्रयास करने का दावा करें, लेकिन हकीकत ये है कि जल संचयन के प्रति सरकारी कर्मचारी गंभीर नहीं है। स्थिति ये है कि पैसा मिलने के बाद भी परिषदीय विद्यालयों में सोकपिट नहीं बन सके हैं। ऐसे में बारिश का पानी बहा जा रही है।
विभागीय सूत्रों की माने तो परिषदीय विद्यालयों में रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सोकपिट बनाने की योजना अभी तक योजना मूर्ति रूप नहीं ले पाई है। ब्लाक क्षेत्र में कुल 224 प्राथमिक विद्यालय हैं।
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इनमें 178 में सोकपिट बनाने का लक्ष्य था, लेकिन 170 की ही आईडी जनरेट हो सकी है। इनमें भी बमुश्किल 36 सोकपिट ही बन सके हैं। बीडीओ केके कमल ने बताया कि बारिश के कारण कार्य बाधित रहा है। अब काम प्रगति पर है। चालू महीने में सभी स्कूलों में सोकपिट बन कर तैयार हो जाएंगे।
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बारिश जल संचयन करने के लिए भले ही शासन व प्रशासन लाख प्रयास करने का दावा करें, लेकिन हकीकत ये है कि जल संचयन के प्रति सरकारी कर्मचारी गंभीर नहीं है। स्थिति ये है कि पैसा मिलने के बाद भी परिषदीय विद्यालयों में सोकपिट नहीं बन सके हैं। ऐसे में बारिश का पानी बहा जा रही है।
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विभागीय सूत्रों की माने तो परिषदीय विद्यालयों में रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सोकपिट बनाने की योजना अभी तक योजना मूर्ति रूप नहीं ले पाई है। ब्लाक क्षेत्र में कुल 224 प्राथमिक विद्यालय हैं।
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इनमें 178 में सोकपिट बनाने का लक्ष्य था, लेकिन 170 की ही आईडी जनरेट हो सकी है। इनमें भी बमुश्किल 36 सोकपिट ही बन सके हैं। बीडीओ केके कमल ने बताया कि बारिश के कारण कार्य बाधित रहा है। अब काम प्रगति पर है। चालू महीने में सभी स्कूलों में सोकपिट बन कर तैयार हो जाएंगे।