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एक स्क्रिप्ट से मिली पहचान..दूसरी से जेल की सलाखें
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पुलिस हिरासत में योगमाया के हत्यारोपी इंद्रमोहन व नेहा वर्मा। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
खागा। भोजपुरी फिल्मों में कहानियां लिखने वाले कूरा गांव के इंद्रमोहन की कहानी का आलम यह रहा कि उसने आरोपी नेहा को अपनी कलम से एक पहचान दिलाई और दूसरी कहानी से जेल की सलाखें।
पुलिस ने जांच के बाद सोमवार को आरोपी इंद्रमोहन व उसकी प्रेमिका नेहा वर्मा को जेल भेज दिया। जबकि उसकी पत्नी योगमाया का रविवार शाम ही परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था।
गुलरिहनपर मजरे कूरा में शनिवार की रात इंद्रमोहन की पत्नी योगमाया कमरे में सो रही। उसकी हत्या भोजपुरी फिल्मों की अभिनेत्री नेहा वर्मा ने हंसिया से गला काटकर कर दी।
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मृतका के भाई सत्यप्रकाश ने इंद्रमोहन व नेहा के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। उसका आरोप था कि दहेज के साथ ही इंद्रमोहन व नेहा के बीच चल रहे प्रेम-प्रसंग का बहन योगमाया विरोध कर रही थी।
पुलिस ने मौके से इंद्रमोहन व नेहा वर्मा को हिरासत में लिया था। दोनों को दहेज हत्या के आरोप में जेल भेज दिया है। इंद्रमोहन ने बताया कि नेहा और उसकी मुलाकात 25 नवंबर 2019 में मुंडेरा कला जिला महाराजगंज में आकाश सिंह के आवास पर हुई थी।
नेहा वर्मा उस समय भोजपुरी फिल्मों में आने के लिए प्रयासरत थी। जबकि वह भोजपुरी फिल्म में थोड़ी पहचान बना चुका था। दो साल से वह नेहा के संपर्क में था।
उसने हाल ही में पश्चाताप फिल्म में नेहा वर्मा को साइड रोल दिलाया था। फिल्म का प्रोमो यू ट्यूब पर आ चुका है लेकिन फिल्म रिलीज नहीं हुई है। उसने बताया कि सबसे पहले उसने देहाती लखैरा के नाम से एक कहानी लिखी थी।
एक कहानी के लिए योगमाया ने गिरवी रखे थे जेवर
इंद्रमोहन जब फिल्म लाइन में अपनी किस्मत अजमा रहा था तो एक फिल्म की रिलीज के लिए उसे पैसे लगाने थे। पैसा नहीं होने के कारण योगमाया ने अपने कुछ जेवर गिरवी रखकर उसे 15 हजार रुपये दिए थे। इस पैसे से उसने फिल्म रिलीज में आ रही अड़चन को खत्म किया और फिल्म रिलीज हुईं। यह फिल्म फतेहपुर के सदाशिव थियेटर में भी लगी थी।
नेहा के गले पर मिले नाखून के निशान
जेल भेजने से पहले पुलिस ने बताया कि नेहा के दोनों हाथों में हंसिया से जख्म हुए हैं। इतना ही नहीं उसके गले में नाखून से खरोंच के निशान भी बने हुए हैं। उसकी निशानदेही पर खून से सनी सलवार भी बरामद की गई है। यह सबूत नेहा की दरिदंगी का पुख्ता प्रमाण है। हत्या के समय योगमाया ने नेहा की गर्दन पकड़कर विरोध किया होगा, जिससे नाखून के निशान वहां आ गए।
खुद को बेकसूर साबित करने के लिए बुनी दृश्यम जैसी कहानी
खागा। वर्ष 2015 में आई बालीवुड की फिल्म दृश्यम तो अपने जरूर देखी होगी। इसमें फिल्म के नायक अजय देवगन (विजय सलगावकर) ने अपने परिवार को पुलिस को बचाने के लिए एक कहानी बनाई थी। वह फिल्म में अपनी कहानी में सफल भी रहता है।
कुछ ऐसी ही कहानी भोजपुरी फिल्मों में कहानी लिखने वाले इंद्रमोहन ने भी लिखी। फर्क इतना था कि वह फिल्मी पुलिस थी और यहां मामला हकीकत का था।
फिल्म में पुलिस के हर सवाल का जवाब अभिनेता ने दिया, लेकिन इंद्रमोहन और उसकी प्रेमिका नेहा खागा पुलिस के एक भी सवाल का जवाब नहीं दे सके और रटी-रटाई बात दोहराते रहे।
शनिवार की सुबह हत्या की योजना बनने के बाद इंद्रमोहन अपने भाई जंगबहादुर के साथ सुबह साढे़ छह बजे घर से लखनऊ जाने के लिए निकला था। गांव से वह पैदल नंदापुर तक आया।
इसके बाद ई-रिक्शा से खागा। खागा से उसने रोडवेज की लोहिया वाहिनी बस पकड़ी और फिर हसवां (ससुराल) में उतर गया। उसने भाई को फतेहपुर भेज दिया।
वह अपनी ससुराल सुल्तानपुर गांव मजरे अबदुल्लापुर घूरी पहुंचा। जहां से कपड़े बदले और परिजनों को बताया कि वह लखनऊ फिल्म की रिलीज संबंधी मामलों को लेकर जा रहा है।
ससुराल से वह फतेहपुर गया और फिर लखनऊ चला गया। रात में वापसी के समय जब उसे करीब साढ़े दस बजे नेहा ने घटना की जानकारी दी तो वह सीधे खागा न आकर हसवां में उतर गया और अपने साले विद्यासागर को फोन करके बुलाया।
उसने बताया कि घर में कोई बात हुई है। फिर दोनों बाइक से गांव पहुंचे, जबकि उसका भाई, इस घटना के बाद पीछे-पीछे गांव पहुंचा। यह बातें इंद्रमोहन ने जेल जाने से पहले बताई हैं।
इंद्रमोहन की फिल्मी कहानी पर उठे सवाल
- लखनऊ जाने के लिए निकला इंद्रमोहन सबसे पहले अपनी ससुराल पहुंचा और कपड़े बदले, जबकि आमतौर पर लोग महत्वपूर्ण काम के लिए निकलते हैं तो पूरी तैयारी से जाते हैं। इंद्रमोहन का यह कदम इसलिए था ताकि ससुरालियों को यह लगे कि वह इस साजिश में नहीं था।
- घर से निकलने से पहले उसने योगमाया के भाई को बुलाया, ताकि वह भी इस बात का साक्षी बन सके कि इंद्रमोहन घटना की सुबह लखनऊ गया था।
- हत्या की खबर मिलने पर सीधे घर न आकर वह फिर से अपनी ससुराल में उतरकर साले विद्यासागर को बुलाया ताकि वह गवाह बन सके कि उसके बहनोई हत्याकांड में नहीं था, जबकि पत्नी की हत्या की खबर सुनकर कोई भी आनन-फानन में पहुंचता है।
- इंद्रमोहन ने घर से निकलने से पहले, ई-रिक्शा में बैठने, खागा बस स्टाप से कौन सी बस पकड़ने, रात में किस बस से वापस आने, कितने बजे ससुराल से साले को बुलाने आदि का एकदम सही समय रटा हुआ था, जो पुलिस के लिए सबूत से कम नहीं है।
- करीब 11 बजे सभी लोग गांव पहुंच गए लेकिन इसकी खबर रात को तीन बजे पुलिस को दी गई। इस दौरान परिजन आपस में क्या कहते सुनते रहे, पुलिस को कुछ नहीं बताया गया। हर चीज का सही समय बताने वाला इंद्रमोहन यहां पुलिस को सूचना देने का समय नहीं निर्धारित कर सका।
काल कोठरी देख प्यार से तोड़ा नाता
प्रेमिका के पत्नी की हत्या किए जाने और खुद इस हत्याकांड में पकड़े जाने से इंद्रमोहन ने अपनी मोहब्बत से भी नाता तोड़ लिया। इंद्रमोहन से जब पूछा गया कि वह नेहा के साथ कब से प्रेम संबंध में है तो उसने इस बात को नकार दिया। उसने कहा कि वह केवल उसके साथ फिल्मों में काम करती है और इससे अधिक कुछ नहीं है। ऐसा लगा कि सामने जेल की सलाखें देख उसने प्यार से नाता तोड़ लिया।
हत्या की दूसरी वजह नहीं मिली
इंद्रमोहन ने नेहा वर्मा से अपने प्रेम संबंध का इकरार नहीं किया लेकिन वह पुलिस को यह भी नहीं बता सका कि इसके अलावा नेहा उसकी पत्नी की हत्या क्यों करेगी। इंद्रमोहन ने अपनी पत्नी की हत्या का कसूरवार नेहा को जरूर ठहराया। पहले से तय कहानी के अनुसार न तो इंद्रमोहन ने पुलिस को कुछ बताया और न ही नेहा ने लेकिन मौके पर पुलिस की जांच और मिले प्रमाणों ने हत्याकांड की सच्चाई खुद व खुद बता दी।
भोजपुरी हीरोइन को देखने के लिए आए लोग
खागा कोतवाली में बंद मुख्य अभियुक्त नेहा वर्मा जो भोजपुरी फिल्मों में साइड रोल करती है। यह खबरें जब सोमवार को लोगों तक पहुंची तो वह कोतवाली के बाहर आकर चक्कर काटने लगे। 23 साल की उम्र में हत्या करने वाली इस युवती को देखने के लिए किसी न किसी बहाने से कोतवाली के अंदर पहुंचे और फिर वापस निकल गए। कुछ इसमें सफल हुए और कुछ असफल।
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पुलिस ने जांच के बाद सोमवार को आरोपी इंद्रमोहन व उसकी प्रेमिका नेहा वर्मा को जेल भेज दिया। जबकि उसकी पत्नी योगमाया का रविवार शाम ही परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था।
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गुलरिहनपर मजरे कूरा में शनिवार की रात इंद्रमोहन की पत्नी योगमाया कमरे में सो रही। उसकी हत्या भोजपुरी फिल्मों की अभिनेत्री नेहा वर्मा ने हंसिया से गला काटकर कर दी।
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मृतका के भाई सत्यप्रकाश ने इंद्रमोहन व नेहा के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। उसका आरोप था कि दहेज के साथ ही इंद्रमोहन व नेहा के बीच चल रहे प्रेम-प्रसंग का बहन योगमाया विरोध कर रही थी।
पुलिस ने मौके से इंद्रमोहन व नेहा वर्मा को हिरासत में लिया था। दोनों को दहेज हत्या के आरोप में जेल भेज दिया है। इंद्रमोहन ने बताया कि नेहा और उसकी मुलाकात 25 नवंबर 2019 में मुंडेरा कला जिला महाराजगंज में आकाश सिंह के आवास पर हुई थी।
नेहा वर्मा उस समय भोजपुरी फिल्मों में आने के लिए प्रयासरत थी। जबकि वह भोजपुरी फिल्म में थोड़ी पहचान बना चुका था। दो साल से वह नेहा के संपर्क में था।
उसने हाल ही में पश्चाताप फिल्म में नेहा वर्मा को साइड रोल दिलाया था। फिल्म का प्रोमो यू ट्यूब पर आ चुका है लेकिन फिल्म रिलीज नहीं हुई है। उसने बताया कि सबसे पहले उसने देहाती लखैरा के नाम से एक कहानी लिखी थी।
एक कहानी के लिए योगमाया ने गिरवी रखे थे जेवर
इंद्रमोहन जब फिल्म लाइन में अपनी किस्मत अजमा रहा था तो एक फिल्म की रिलीज के लिए उसे पैसे लगाने थे। पैसा नहीं होने के कारण योगमाया ने अपने कुछ जेवर गिरवी रखकर उसे 15 हजार रुपये दिए थे। इस पैसे से उसने फिल्म रिलीज में आ रही अड़चन को खत्म किया और फिल्म रिलीज हुईं। यह फिल्म फतेहपुर के सदाशिव थियेटर में भी लगी थी।
नेहा के गले पर मिले नाखून के निशान
जेल भेजने से पहले पुलिस ने बताया कि नेहा के दोनों हाथों में हंसिया से जख्म हुए हैं। इतना ही नहीं उसके गले में नाखून से खरोंच के निशान भी बने हुए हैं। उसकी निशानदेही पर खून से सनी सलवार भी बरामद की गई है। यह सबूत नेहा की दरिदंगी का पुख्ता प्रमाण है। हत्या के समय योगमाया ने नेहा की गर्दन पकड़कर विरोध किया होगा, जिससे नाखून के निशान वहां आ गए।
खुद को बेकसूर साबित करने के लिए बुनी दृश्यम जैसी कहानी
खागा। वर्ष 2015 में आई बालीवुड की फिल्म दृश्यम तो अपने जरूर देखी होगी। इसमें फिल्म के नायक अजय देवगन (विजय सलगावकर) ने अपने परिवार को पुलिस को बचाने के लिए एक कहानी बनाई थी। वह फिल्म में अपनी कहानी में सफल भी रहता है।
कुछ ऐसी ही कहानी भोजपुरी फिल्मों में कहानी लिखने वाले इंद्रमोहन ने भी लिखी। फर्क इतना था कि वह फिल्मी पुलिस थी और यहां मामला हकीकत का था।
फिल्म में पुलिस के हर सवाल का जवाब अभिनेता ने दिया, लेकिन इंद्रमोहन और उसकी प्रेमिका नेहा खागा पुलिस के एक भी सवाल का जवाब नहीं दे सके और रटी-रटाई बात दोहराते रहे।
शनिवार की सुबह हत्या की योजना बनने के बाद इंद्रमोहन अपने भाई जंगबहादुर के साथ सुबह साढे़ छह बजे घर से लखनऊ जाने के लिए निकला था। गांव से वह पैदल नंदापुर तक आया।
इसके बाद ई-रिक्शा से खागा। खागा से उसने रोडवेज की लोहिया वाहिनी बस पकड़ी और फिर हसवां (ससुराल) में उतर गया। उसने भाई को फतेहपुर भेज दिया।
वह अपनी ससुराल सुल्तानपुर गांव मजरे अबदुल्लापुर घूरी पहुंचा। जहां से कपड़े बदले और परिजनों को बताया कि वह लखनऊ फिल्म की रिलीज संबंधी मामलों को लेकर जा रहा है।
ससुराल से वह फतेहपुर गया और फिर लखनऊ चला गया। रात में वापसी के समय जब उसे करीब साढ़े दस बजे नेहा ने घटना की जानकारी दी तो वह सीधे खागा न आकर हसवां में उतर गया और अपने साले विद्यासागर को फोन करके बुलाया।
उसने बताया कि घर में कोई बात हुई है। फिर दोनों बाइक से गांव पहुंचे, जबकि उसका भाई, इस घटना के बाद पीछे-पीछे गांव पहुंचा। यह बातें इंद्रमोहन ने जेल जाने से पहले बताई हैं।
इंद्रमोहन की फिल्मी कहानी पर उठे सवाल
- लखनऊ जाने के लिए निकला इंद्रमोहन सबसे पहले अपनी ससुराल पहुंचा और कपड़े बदले, जबकि आमतौर पर लोग महत्वपूर्ण काम के लिए निकलते हैं तो पूरी तैयारी से जाते हैं। इंद्रमोहन का यह कदम इसलिए था ताकि ससुरालियों को यह लगे कि वह इस साजिश में नहीं था।
- घर से निकलने से पहले उसने योगमाया के भाई को बुलाया, ताकि वह भी इस बात का साक्षी बन सके कि इंद्रमोहन घटना की सुबह लखनऊ गया था।
- हत्या की खबर मिलने पर सीधे घर न आकर वह फिर से अपनी ससुराल में उतरकर साले विद्यासागर को बुलाया ताकि वह गवाह बन सके कि उसके बहनोई हत्याकांड में नहीं था, जबकि पत्नी की हत्या की खबर सुनकर कोई भी आनन-फानन में पहुंचता है।
- इंद्रमोहन ने घर से निकलने से पहले, ई-रिक्शा में बैठने, खागा बस स्टाप से कौन सी बस पकड़ने, रात में किस बस से वापस आने, कितने बजे ससुराल से साले को बुलाने आदि का एकदम सही समय रटा हुआ था, जो पुलिस के लिए सबूत से कम नहीं है।
- करीब 11 बजे सभी लोग गांव पहुंच गए लेकिन इसकी खबर रात को तीन बजे पुलिस को दी गई। इस दौरान परिजन आपस में क्या कहते सुनते रहे, पुलिस को कुछ नहीं बताया गया। हर चीज का सही समय बताने वाला इंद्रमोहन यहां पुलिस को सूचना देने का समय नहीं निर्धारित कर सका।
काल कोठरी देख प्यार से तोड़ा नाता
प्रेमिका के पत्नी की हत्या किए जाने और खुद इस हत्याकांड में पकड़े जाने से इंद्रमोहन ने अपनी मोहब्बत से भी नाता तोड़ लिया। इंद्रमोहन से जब पूछा गया कि वह नेहा के साथ कब से प्रेम संबंध में है तो उसने इस बात को नकार दिया। उसने कहा कि वह केवल उसके साथ फिल्मों में काम करती है और इससे अधिक कुछ नहीं है। ऐसा लगा कि सामने जेल की सलाखें देख उसने प्यार से नाता तोड़ लिया।
हत्या की दूसरी वजह नहीं मिली
इंद्रमोहन ने नेहा वर्मा से अपने प्रेम संबंध का इकरार नहीं किया लेकिन वह पुलिस को यह भी नहीं बता सका कि इसके अलावा नेहा उसकी पत्नी की हत्या क्यों करेगी। इंद्रमोहन ने अपनी पत्नी की हत्या का कसूरवार नेहा को जरूर ठहराया। पहले से तय कहानी के अनुसार न तो इंद्रमोहन ने पुलिस को कुछ बताया और न ही नेहा ने लेकिन मौके पर पुलिस की जांच और मिले प्रमाणों ने हत्याकांड की सच्चाई खुद व खुद बता दी।
भोजपुरी हीरोइन को देखने के लिए आए लोग
खागा कोतवाली में बंद मुख्य अभियुक्त नेहा वर्मा जो भोजपुरी फिल्मों में साइड रोल करती है। यह खबरें जब सोमवार को लोगों तक पहुंची तो वह कोतवाली के बाहर आकर चक्कर काटने लगे। 23 साल की उम्र में हत्या करने वाली इस युवती को देखने के लिए किसी न किसी बहाने से कोतवाली के अंदर पहुंचे और फिर वापस निकल गए। कुछ इसमें सफल हुए और कुछ असफल।