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चार अंतरराज्यीय एटीएम हैकर गिरफ्तार
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पुलिस हिरासत में आरोपी। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। कल्यानपुर पुलिस और स्वॉट टीम ने चार अंतर राज्यीय एटीएम हैकर पकड़े गए हैं। आरोपी मशीन को हैक करके रुपये निकालते हैं। इसके बाद संबंधित बैंक में रुपये नहीं निकलने का प्रार्थना पत्र देते हैं। मशीन हैक होने के कारण लेनदेन रद्द हो जाता है। जिसे दोबारा खाते में रकम पहुंच जाती है।
कल्यानपुर थाना क्षेत्र हाईवे से कार सवार आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस लाइन में एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि थानाध्यक्ष अनुरुद्घ कुमार द्विवेदी और स्वॉट प्रभारी विनोद मिश्रा की संयुक्त टीम ने सर्वेंद्र कुमार उर्फ बबलू निवासी 35 बटालियन पीएसी थाना चकेरी, अजय कुमार वर्मा निवासी 175 डी ब्लॉक एलआईजी कालोनी श्याम नगर थाना चकेरी, दीपक कुमार पासवान न्यू लाइन 35 बटालियन पीएसी चकेरी, जितेंद्र कुमार पासवान निवासी उमरा कोराई थाना मलवां को गिरफ्तार किया है। आरोपी दीपक मूल रूप से सैदपुर एंड हमीरपुर थाना अचलगंज जिला उन्नाव का रहने वाला है।
आरोपियों के पास से 21 एटीएम कार्ड, एक ग्रीन कार्ड, 89 हजार 480 रुपये मिले हैं। आरोपी सर्वेंद्र कुमार और अजय कुमार वर्मा के पास से एक-एक तमंचा भी मिला है। पुलिस ने कार सीज की है। आरोपी अजय वर्मा को 2019 में चकेरी पुलिस ने एटीएम मशीन हैक करने के मामले में पकड़ा था। एसपी ने टीम को 25 हजार का ईनाम दिया है।
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राधानगर में लगे एनसीआर एटीएम में की थी वारदात
आरोपी सवेंद्र ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि करीब एक साल पहले शहर के राधानगर इलाके में लगे एक कंपनी के एनसीआर एटीएम में घटना की थी। हालांकि उसने बैंक से रुपये नहीं मिलने की बात कही है। जिसकी पुलिस जांच कर रही है। आरोपी खांचेदार एटीएम मशीन को निशाना बनाते हैं। इस मशीन को एनसीआर एटीएम मशीन बोला जाता है।
इस तरह करते हैं मशीन को हैक
एटीएम मशीन से जब रुपये निकलते हैं, तब मशीन में हाथ लगाकर ट्रांजेक्शन को बाधित कर देते हैं। हाथ लगाने से मशीन के अंदर लगा सेंसर काम करना बंद कर देता है। इस दौरान रुपये मशीन से बाहर आ जाते हैं या फिर मशीन के मुहाने पर आ चुके होते हैं। रुपयों को खींचकर निकाल लेते हैं। उधर, ट्रांजेक्शन बाधित होने की वजह से रुपये नहीं मिलने की शिकायत बैंक में दर्ज कराते हैं। ट्रांजेक्शन फेल होना मानकर बैंक दोबारा उनके खाते में रकम डाल देती थी।
मुंबई, एमपी, छत्तीसगढ़ कार्यक्षेत्र
आरोपियों का मुंबई, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदिशा कार्य क्षेत्र है। इन क्षेत्रों में एनसीआर एटीएम काफी संख्या में लगे हैं। इसके अलावा यहां बैंकों से खाते में रुपये जल्दी भेज दिए जाते हैं। इसी वजह से इन राज्यों को आरोपियों ने चुन रखा है। आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में इन क्षेत्रों ही अधिकांश घटनाएं करना कबूल किया है।
परिचितों के एटीएम कार्ड का करते इस्तेमाल
आरोपी परिचितों, रिश्तेदारों के बैंक खातों और एटीएम कार्डों का घटनाओं को अंजाम देने में इस्तेमाल करते हैं। लोगों के बैंक खाते खुले होते हैं, लेकिन वह कम ही इस्तेेमाल करते हैं। उनका एटीएम कार्ड भी जारी रहता है। ऐसे ही परिचितों और रिश्तेदारों का आरोपी खाता नंबर और एटीएम कार्ड लेते हैं। उन खातों में ही पहले रुपये डालते हैं और बाद में एटीएम मशीन हैक कर निकाल लेते हैं। एटीएम इस्तेेमाल करने के एवज में कुछ रुपये खाताधारकों को देते हैं।
दो आरोपियों का जिले से पुराना नाता
आरोपी सर्वेंद्र मूल रूप से कल्यानपुर थाने के लहंगी गांव का रहने वाला है। उसके पिता मन्नीलाल पीएसी में हेड कांस्टेबल पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वहीं अजय वर्मा का भी पैतृक गांव खखरेरू है। दोनों परिवार कानपुर में सालों से रहते हैं। कोराईं उमरापुर का रहने वाला जीतेंद्र भी चकेरी थाना क्षेत्र में रहता है। आरोपी दीपक पासवान के चाचा पीएसी में जवान है। इस तरह से सवेंद्र और अजय का जिले से पुराना नाता है।
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कल्यानपुर थाना क्षेत्र हाईवे से कार सवार आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस लाइन में एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि थानाध्यक्ष अनुरुद्घ कुमार द्विवेदी और स्वॉट प्रभारी विनोद मिश्रा की संयुक्त टीम ने सर्वेंद्र कुमार उर्फ बबलू निवासी 35 बटालियन पीएसी थाना चकेरी, अजय कुमार वर्मा निवासी 175 डी ब्लॉक एलआईजी कालोनी श्याम नगर थाना चकेरी, दीपक कुमार पासवान न्यू लाइन 35 बटालियन पीएसी चकेरी, जितेंद्र कुमार पासवान निवासी उमरा कोराई थाना मलवां को गिरफ्तार किया है। आरोपी दीपक मूल रूप से सैदपुर एंड हमीरपुर थाना अचलगंज जिला उन्नाव का रहने वाला है।
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आरोपियों के पास से 21 एटीएम कार्ड, एक ग्रीन कार्ड, 89 हजार 480 रुपये मिले हैं। आरोपी सर्वेंद्र कुमार और अजय कुमार वर्मा के पास से एक-एक तमंचा भी मिला है। पुलिस ने कार सीज की है। आरोपी अजय वर्मा को 2019 में चकेरी पुलिस ने एटीएम मशीन हैक करने के मामले में पकड़ा था। एसपी ने टीम को 25 हजार का ईनाम दिया है।
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राधानगर में लगे एनसीआर एटीएम में की थी वारदात
आरोपी सवेंद्र ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि करीब एक साल पहले शहर के राधानगर इलाके में लगे एक कंपनी के एनसीआर एटीएम में घटना की थी। हालांकि उसने बैंक से रुपये नहीं मिलने की बात कही है। जिसकी पुलिस जांच कर रही है। आरोपी खांचेदार एटीएम मशीन को निशाना बनाते हैं। इस मशीन को एनसीआर एटीएम मशीन बोला जाता है।
इस तरह करते हैं मशीन को हैक
एटीएम मशीन से जब रुपये निकलते हैं, तब मशीन में हाथ लगाकर ट्रांजेक्शन को बाधित कर देते हैं। हाथ लगाने से मशीन के अंदर लगा सेंसर काम करना बंद कर देता है। इस दौरान रुपये मशीन से बाहर आ जाते हैं या फिर मशीन के मुहाने पर आ चुके होते हैं। रुपयों को खींचकर निकाल लेते हैं। उधर, ट्रांजेक्शन बाधित होने की वजह से रुपये नहीं मिलने की शिकायत बैंक में दर्ज कराते हैं। ट्रांजेक्शन फेल होना मानकर बैंक दोबारा उनके खाते में रकम डाल देती थी।
मुंबई, एमपी, छत्तीसगढ़ कार्यक्षेत्र
आरोपियों का मुंबई, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदिशा कार्य क्षेत्र है। इन क्षेत्रों में एनसीआर एटीएम काफी संख्या में लगे हैं। इसके अलावा यहां बैंकों से खाते में रुपये जल्दी भेज दिए जाते हैं। इसी वजह से इन राज्यों को आरोपियों ने चुन रखा है। आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में इन क्षेत्रों ही अधिकांश घटनाएं करना कबूल किया है।
परिचितों के एटीएम कार्ड का करते इस्तेमाल
आरोपी परिचितों, रिश्तेदारों के बैंक खातों और एटीएम कार्डों का घटनाओं को अंजाम देने में इस्तेमाल करते हैं। लोगों के बैंक खाते खुले होते हैं, लेकिन वह कम ही इस्तेेमाल करते हैं। उनका एटीएम कार्ड भी जारी रहता है। ऐसे ही परिचितों और रिश्तेदारों का आरोपी खाता नंबर और एटीएम कार्ड लेते हैं। उन खातों में ही पहले रुपये डालते हैं और बाद में एटीएम मशीन हैक कर निकाल लेते हैं। एटीएम इस्तेेमाल करने के एवज में कुछ रुपये खाताधारकों को देते हैं।
दो आरोपियों का जिले से पुराना नाता
आरोपी सर्वेंद्र मूल रूप से कल्यानपुर थाने के लहंगी गांव का रहने वाला है। उसके पिता मन्नीलाल पीएसी में हेड कांस्टेबल पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वहीं अजय वर्मा का भी पैतृक गांव खखरेरू है। दोनों परिवार कानपुर में सालों से रहते हैं। कोराईं उमरापुर का रहने वाला जीतेंद्र भी चकेरी थाना क्षेत्र में रहता है। आरोपी दीपक पासवान के चाचा पीएसी में जवान है। इस तरह से सवेंद्र और अजय का जिले से पुराना नाता है।