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एम्बुलेंस में हुआ प्रसव, दोनों सुरक्षित
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विजयीपुर। धाता ब्लाक के खैरई गांव से प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल जा रही महिला को रास्ते में ही प्रसव हो गया। आशा बहू और एंबुलेंस कर्मियों ने प्रसव कराया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां दोनों का स्वास्थ्य जांचा गया।
खैरई गांव निवासी अमृतलाल की पत्नी केसनइया देवी गर्भवती थी। रविवार सुबह पौने छह बजे उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो परिजनों ने 108 नंबर पर सूचना दी। विजयीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की एंबुलेंस महिला को लेने गांव पहुंची।
एंबुलेंस कर्मी गांव की आशा के साथ महिला को लेकर अस्पताल आ रहे थे। रास्ते में महिला को प्रसव पीड़ा तेज हुई तो उसकी हालत बिगड़ने लगी। यह देख एंबुलेंस चालक अजय सिंह व मेडिकल टेक्नीशियन आशीष कुमार ने गाड़ी को रोक दिया।
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आशा बहू रीता देवी ने सूझबूझ के साथ महिला का प्रसव एंबुलेंस में कराया। महिला ने एक लड़के को जन्म दिया। इसके बाद एंबुलेंस दोनों को लेकर पौली स्वास्थ्य केंद्र पहुंची।
जहां उनका स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। इसमें दोनों स्वस्थ व सुरक्षित मिले। चिकित्साधिकारी डॉ.वीके पांडेय ने बताया कि अधिक पीड़ा होने के कारण स्टाफ को रास्ते में ही गाड़ी रोककर प्रसव कराना पड़ा। जच्चा, बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।
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खैरई गांव निवासी अमृतलाल की पत्नी केसनइया देवी गर्भवती थी। रविवार सुबह पौने छह बजे उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो परिजनों ने 108 नंबर पर सूचना दी। विजयीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की एंबुलेंस महिला को लेने गांव पहुंची।
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एंबुलेंस कर्मी गांव की आशा के साथ महिला को लेकर अस्पताल आ रहे थे। रास्ते में महिला को प्रसव पीड़ा तेज हुई तो उसकी हालत बिगड़ने लगी। यह देख एंबुलेंस चालक अजय सिंह व मेडिकल टेक्नीशियन आशीष कुमार ने गाड़ी को रोक दिया।
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आशा बहू रीता देवी ने सूझबूझ के साथ महिला का प्रसव एंबुलेंस में कराया। महिला ने एक लड़के को जन्म दिया। इसके बाद एंबुलेंस दोनों को लेकर पौली स्वास्थ्य केंद्र पहुंची।
जहां उनका स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। इसमें दोनों स्वस्थ व सुरक्षित मिले। चिकित्साधिकारी डॉ.वीके पांडेय ने बताया कि अधिक पीड़ा होने के कारण स्टाफ को रास्ते में ही गाड़ी रोककर प्रसव कराना पड़ा। जच्चा, बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।