{"_id":"60abf73c8ebc3e137f11b3f8","slug":"fatehpur-news-gehu-khareed-fatehpur-news-knp630235073","type":"story","status":"publish","title_hn":"सवा ग्यारह लाख का बिचौलियों ने किया खेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सवा ग्यारह लाख का बिचौलियों ने किया खेल
विज्ञापन
असोथर। कस्बा के हाटशाखा क्रय केंद्र में गेहूं खरीद के नाम पर जमकर धांधली हुई। राजस्व टीम की जांच में 22 ऐसे बिचौलियों के नाम सामने आए हैं जिन्होंने तीन हजार क्विंटल से अधिक गेहूं किसानों से लेकर क्रय केंद्र में बेचा।
बिचौलियों ने जिस दाम में गेहूं खरीदा और बेचा उससे करीब 11 लाख 25 हजार रुपये का मुनाफा हुआ। राजस्व विभाग की टीम इन 22 बिचौलियों के नाम के साथ जांच रिपोर्ट डीएम को देने की तैयारी कर रही है।
एसडीएम प्रमोद झा की छापेमारी के बाद असोथर खरीद केंद्र में हो रही धांधली सामने आई थी। सरकारी खरीद केंद्र की बोरियां और उनमें भरा गेहूं पकड़ा गया था। तीन लोगों पर विभाग ने एफआईआर भी दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
क्रय केंद्र में बिचौलियों के इस घपले को देखते हुए डीएम अपूर्वा दुबे ने असोथर क्रय केंद्र के लिए टीम गठित की। एक लेखपाल व एक राजस्व निरीक्षक को क्रय केंद्र में लगाया। साथ ही रोज कोई न कोई अधिकारी क्रय केंद्र का निरीक्षण कर रहा है।
शनिवार से लगाए गए राजस्व निरीक्षक भानचंद्र मौर्य का कहना है कि जो 22 बिचौलिया चिन्हित किए गए हैं, वह अब तीन हजार क्विंटल से अधिक गेहूं क्रय केंद्र में बेच चुके हैं। किसानों से 1600 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीद की गई और उन्हीं किसानों की खतौनी, पंजीयन नंबर पर क्रय केंद्र में तौल कराई। किसान को 1600 रुपये क्विंटल के हिसाब से रुपये दिए गए।
जबकि इस गेहूं को सरकारी रेट 1975 रुपये प्रति क्विंटल पर बेच दिया। यानी प्रति क्विंटल बिचौलियों को 375 रुपये का फायदा हुआ। इस हिसाब से तीन हजार क्विंटल गेहूं पर इन लोगों ने 11 लाख 25 हजार रुपये कमाए। जो फायदा किसानों को होना था वह बिचौलियों ने कमाया।
राजस्व निरीक्षक ने बताया कि जांच में 22 बिचौलियों के नाम सामने आए हैं। इनकी सूची तैयार करके उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। साथ ही जब तक खरीद केंद्र में ड्यूटी रहेगी, बिचौलियों को नहीं घुसने दिया जाएगा।
विज्ञापन
बिचौलियों ने जिस दाम में गेहूं खरीदा और बेचा उससे करीब 11 लाख 25 हजार रुपये का मुनाफा हुआ। राजस्व विभाग की टीम इन 22 बिचौलियों के नाम के साथ जांच रिपोर्ट डीएम को देने की तैयारी कर रही है।
विज्ञापन
एसडीएम प्रमोद झा की छापेमारी के बाद असोथर खरीद केंद्र में हो रही धांधली सामने आई थी। सरकारी खरीद केंद्र की बोरियां और उनमें भरा गेहूं पकड़ा गया था। तीन लोगों पर विभाग ने एफआईआर भी दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
क्रय केंद्र में बिचौलियों के इस घपले को देखते हुए डीएम अपूर्वा दुबे ने असोथर क्रय केंद्र के लिए टीम गठित की। एक लेखपाल व एक राजस्व निरीक्षक को क्रय केंद्र में लगाया। साथ ही रोज कोई न कोई अधिकारी क्रय केंद्र का निरीक्षण कर रहा है।
शनिवार से लगाए गए राजस्व निरीक्षक भानचंद्र मौर्य का कहना है कि जो 22 बिचौलिया चिन्हित किए गए हैं, वह अब तीन हजार क्विंटल से अधिक गेहूं क्रय केंद्र में बेच चुके हैं। किसानों से 1600 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीद की गई और उन्हीं किसानों की खतौनी, पंजीयन नंबर पर क्रय केंद्र में तौल कराई। किसान को 1600 रुपये क्विंटल के हिसाब से रुपये दिए गए।
जबकि इस गेहूं को सरकारी रेट 1975 रुपये प्रति क्विंटल पर बेच दिया। यानी प्रति क्विंटल बिचौलियों को 375 रुपये का फायदा हुआ। इस हिसाब से तीन हजार क्विंटल गेहूं पर इन लोगों ने 11 लाख 25 हजार रुपये कमाए। जो फायदा किसानों को होना था वह बिचौलियों ने कमाया।
राजस्व निरीक्षक ने बताया कि जांच में 22 बिचौलियों के नाम सामने आए हैं। इनकी सूची तैयार करके उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। साथ ही जब तक खरीद केंद्र में ड्यूटी रहेगी, बिचौलियों को नहीं घुसने दिया जाएगा।