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फतेहपुर: कैंसर पीड़ित सराफ की मौत, 16 को हुए थे कोरोना पॉजिटिव, हैलट की रिपोर्ट में बताया था निगेटिव
Sun, 21 Mar 2021 12:48 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 21 Mar 2021 12:48 AM IST
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कानपुर हैलट
- फोटो : amar ujala
फतेहपुर के बिंदकी में मोहल्ला मीरकपुर निवासी कैंसर पीड़ित सराफा कारोबारी बृजेश कुमार उर्फ पप्पू (45) की शुक्रवार देर रात कानपुर के एक नर्सिंग होम में मौत हो गई। बृजेश की 16 मार्च को कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी, जबकि हैलट की रिपोर्ट में उसको निगेटिव बताया गया।
सराफा कारोबारी बृजेश कुमार शहर के मीरकपुर में रहते थे और पेट के कैंसर से पीड़ित थे। इनका कानपुर के एक हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। चिकित्सकों ने आपरेशन के लिए कहा तो बृजेश की कोरोना जांच कराई गई। लखनऊ पीजीआई से 16 मार्च को आई रिपोर्ट में वह पॉजिटिव निकले।
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सराफा कारोबारी बृजेश कुमार शहर के मीरकपुर में रहते थे और पेट के कैंसर से पीड़ित थे। इनका कानपुर के एक हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। चिकित्सकों ने आपरेशन के लिए कहा तो बृजेश की कोरोना जांच कराई गई। लखनऊ पीजीआई से 16 मार्च को आई रिपोर्ट में वह पॉजिटिव निकले।
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कोरोना संक्रमित होने पर हॉस्पिटल प्रबंधन ने जिला प्रशासन को सूचना देने के साथ ही मरीज को हैलट रेफर कर दिया। हैलट में शुक्रवार की शाम आई कोरोना रिपोर्ट में बृजेश निगेटिव बताया। इसके बाद परिजन हैलट के चिकित्सकों से परामर्श लेकर इन्हें एक नर्सिंग होम ले गए। जहां शुक्रवार की रात करीब 12 बजे बृजेश की मौत हो गई।
शनिवार को बृजेश का ओम घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिवार में पत्नी अंजू, बेटा यीशु (17) और आयुष (10) हैं। बड़े भाई की पहले मौत हो चुकी है और छोटा भाई अखिलेश दिव्यांग है। बृजेश कुमार के कारोबार में मामा देवीप्रसाद हाथ बंटाते थे।
जिले में कोरोना से 69 की जा चुकी है जान
साल भर पहले शुरू हुआ कोरोना संक्रमण का हमला अब तक जिले में 69 जिंदगियां निकल चुका है। नोडल अफसर डा. केके श्रीवास्तव ने बताया कि बृजेश की कुमार 16 मार्च को कानपुर के हास्पिटल में हुई जांच में कोरोना पॉजिटिव मिले थे। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने ऑपरेशन करने के बजाय मरीज को हैलट रेफर कर दिया था। जहां शुक्रवार शाम को कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने पर परिजन निजी अस्पताल ले गए थे। शुक्रवार देर रात उनकी मौत हो गई।
शनिवार को बृजेश का ओम घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिवार में पत्नी अंजू, बेटा यीशु (17) और आयुष (10) हैं। बड़े भाई की पहले मौत हो चुकी है और छोटा भाई अखिलेश दिव्यांग है। बृजेश कुमार के कारोबार में मामा देवीप्रसाद हाथ बंटाते थे।
जिले में कोरोना से 69 की जा चुकी है जान
साल भर पहले शुरू हुआ कोरोना संक्रमण का हमला अब तक जिले में 69 जिंदगियां निकल चुका है। नोडल अफसर डा. केके श्रीवास्तव ने बताया कि बृजेश की कुमार 16 मार्च को कानपुर के हास्पिटल में हुई जांच में कोरोना पॉजिटिव मिले थे। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने ऑपरेशन करने के बजाय मरीज को हैलट रेफर कर दिया था। जहां शुक्रवार शाम को कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने पर परिजन निजी अस्पताल ले गए थे। शुक्रवार देर रात उनकी मौत हो गई।