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फतेहपुरः किसानों ने विफल किया टिड्डी दल का हमला, सतर्कता से बची फसल
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धाता क्षेत्र में पहुंचा टिड्डी दल
- फोटो : FATEHPUR
धाता (फतेहपुर)। टिड्डियों के दल ने धाता क्षेत्र में फसलों पर हमला कर दिया। पहले से सक्रिय किसानों ने शोर मचा और बर्तन आदि बजाकर इन्हें खदेड़ दिया। अढ़ौली गांव के पास टिड्डी दो गुटों में बंट गए। एक चित्रकूट तो दूसरा कौशांबी की तरफ चला गया। जानकारी पर एसडीएम प्रह्लाद सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने निरीक्षण किया।
कौशांबी जिले की तरफ से सुबह नौ बजे धाता क्षेत्र में टिड्डी दल आता देख किसानों के होश उड़ गए। फसलों को बचाने के लिए किसान खेतों में खड़े होकर शोर करने लगे। कपड़ों को हिला कर भगाने का प्रयास किया जाने लगा। किसानों ने इन्हें भगाने के लिए बर्तन भी बजाए। शोरगुल से टिड्डी दो गुटों में बंट गए। एक घंटा तक खेतों और पेड़ों के ऊपर उड़ने के बाद एक दल यमुना नदी होकर चित्रकूट जिले की तरफ चला गया।
दूसरा कौशांबी की तरफ चला गया। खेत में पिपरमेंट काट रहे अढ़ौली के किसान रामनरेश ने कहा कि गनीमत रही की टिड्डी दल सुबह आया। सभी लोग खेत में थे। किसी और समय आते तो अड्डा बना लेते। टेकारी के अरुण सिंह ने बताया कि क्षेत्र के लोगों की सक्रियता से टिड्डी दल रुक नहीं सका। इनके लौटने का भय अभी भी है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी सत्येंद्र सिंह ने कहा कि किसानों को टिड्डियों को लेकर सक्रिय रहना होगा। कहीं भी टिड्डी दल दिखाई दे तो पटाखा छुड़ाएं। शोर मचा कर भगाने का प्रयास करें।
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कौशांबी जिले की तरफ से सुबह नौ बजे धाता क्षेत्र में टिड्डी दल आता देख किसानों के होश उड़ गए। फसलों को बचाने के लिए किसान खेतों में खड़े होकर शोर करने लगे। कपड़ों को हिला कर भगाने का प्रयास किया जाने लगा। किसानों ने इन्हें भगाने के लिए बर्तन भी बजाए। शोरगुल से टिड्डी दो गुटों में बंट गए। एक घंटा तक खेतों और पेड़ों के ऊपर उड़ने के बाद एक दल यमुना नदी होकर चित्रकूट जिले की तरफ चला गया।
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दूसरा कौशांबी की तरफ चला गया। खेत में पिपरमेंट काट रहे अढ़ौली के किसान रामनरेश ने कहा कि गनीमत रही की टिड्डी दल सुबह आया। सभी लोग खेत में थे। किसी और समय आते तो अड्डा बना लेते। टेकारी के अरुण सिंह ने बताया कि क्षेत्र के लोगों की सक्रियता से टिड्डी दल रुक नहीं सका। इनके लौटने का भय अभी भी है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी सत्येंद्र सिंह ने कहा कि किसानों को टिड्डियों को लेकर सक्रिय रहना होगा। कहीं भी टिड्डी दल दिखाई दे तो पटाखा छुड़ाएं। शोर मचा कर भगाने का प्रयास करें।
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