{"_id":"5f7dc4fd8ebc3e1a27222d85","slug":"e-stamping-fatehpur-news-knp5869777121","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनपद में ई-स्टापिंग को बढ़ावा देने के लिए एडीएम ने की समीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनपद में ई-स्टापिंग को बढ़ावा देने के लिए एडीएम ने की समीक्षा
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जनपद में ई-स्टांपिंग को बढ़ावा देने के लिए अपर जिलाधिकारी पप्पू गुप्ता ने सहायक महानिरीक्षक निबंधन सुभाष चंद्र, तीनों तहसीलों के उप निबंधकों की बैठक बुलाई। जिसमें ई-स्टांप को बढ़ावा दिए जाने को लेकर चर्चा की गई।
कलक्ट्रेट में आयोजित बैठक में स्टॉक होल्डिंग के ई-स्टांपिंग नोडल अधिकारी अनुभव खन्ना और सहायक नोडल अधिकारी निर्भय प्रताप सिंह उपस्थित हुए।
बैठक को संबोधित करते हुए एडीएम पप्पू गुप्ता ने कहा कि फरवरी माह से शुरू हुई ई स्टांपिंग लगातार तेजी से बढ़ती जा रही है। जिससे चालू वर्ष में अब तक 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के ई-स्टांप जारी हो चुके हैं।
नोडल अधिकारी अनुभव खन्ना ने बताया कि 52 स्टांप विक्रेताओं ने ई स्टांप प्राधिकृत संग्रह के लिए आवेदन किया था। जिसमें 28 ने अपनी सेवाएं देना प्रारंभ कर दिया है। सदर तहसील में 10, बिंदकी में 13 और खागा में 5 स्टांप विक्रेता अधिकृत रूप से ई-स्टांप का काम कर रहे हैं।
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एआईजी स्टांप सुभाषचंद्र मिश्र ने बताया कि ई-स्टापिंग से कागजी काम में तो कमी आई ही है, साथ ही स्टांप की फर्जीवाड़े की भी संभावनाएं खत्म हो गई हैं। बैठक में एडीएम ने तीनों तहसीलो में ई-स्टापिंग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
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कलक्ट्रेट में आयोजित बैठक में स्टॉक होल्डिंग के ई-स्टांपिंग नोडल अधिकारी अनुभव खन्ना और सहायक नोडल अधिकारी निर्भय प्रताप सिंह उपस्थित हुए।
बैठक को संबोधित करते हुए एडीएम पप्पू गुप्ता ने कहा कि फरवरी माह से शुरू हुई ई स्टांपिंग लगातार तेजी से बढ़ती जा रही है। जिससे चालू वर्ष में अब तक 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के ई-स्टांप जारी हो चुके हैं।
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नोडल अधिकारी अनुभव खन्ना ने बताया कि 52 स्टांप विक्रेताओं ने ई स्टांप प्राधिकृत संग्रह के लिए आवेदन किया था। जिसमें 28 ने अपनी सेवाएं देना प्रारंभ कर दिया है। सदर तहसील में 10, बिंदकी में 13 और खागा में 5 स्टांप विक्रेता अधिकृत रूप से ई-स्टांप का काम कर रहे हैं।
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एआईजी स्टांप सुभाषचंद्र मिश्र ने बताया कि ई-स्टापिंग से कागजी काम में तो कमी आई ही है, साथ ही स्टांप की फर्जीवाड़े की भी संभावनाएं खत्म हो गई हैं। बैठक में एडीएम ने तीनों तहसीलो में ई-स्टापिंग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।