{"_id":"6c15755e430062b097e038270aacad5f","slug":"due-to-staff-crisis-in-district-hospital-infant-ward-closed-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्मचारियों की कमी से जिला अस्पताल के शिशु वार्ड में लटका ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्मचारियों की कमी से जिला अस्पताल के शिशु वार्ड में लटका ताला
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Sun, 11 Jan 2015 12:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सदर अस्पताल सुविधाएं बढ़ाने के बजाए घटा रहा है। स्टाफ की कमी से अस्पताल की तीसरी मंजिल में संचालित शिशु वार्ड बंद करके महिला वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। अस्पताल में अस्थि सर्जिकल सुविधा पहले से ही बंद है।
विज्ञापन
सौ बेडों के अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण बरामदे में बेड डालकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। अव्यवस्था का आलम यह है कि मुख्य गेट पर चौकीदारों की तैनाती न होने से आवारा जानवर वार्डों के भीतर तक घूमते रहते हैं।
विज्ञापन
अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक एके मिश्रा ने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण समस्याएं आ रहीं हैं, ऊपर तक लिखा जा चुका है।
जिला अस्पताल में पुरुष, महिला और शिशु रोगी भर्ती करने के लिए तीन अलग-अलग वार्डों की व्यवस्था है। पहली मंजिल में पुरुष, दूसरी मंजिल में महिला तथा तीसरी मंजिल में शिशु वार्ड भर्ती होते रहे हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल प्रशासन ने शिशु वार्ड में ताला बंद करके महिला वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। इन रोगियों को भर्ती करने के लिए बरामते में अलग से बेड लगाकर रोगी भर्ती किए जा रहे हैं।
अस्पताल में अव्यवस्थाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। वार्ड के प्रवेश गेट में कर्मचारी मुस्तैद न रहने के कारण हर समय वार्ड में खासा जमघट लगा रहता है।
भीड होने के कारण भर्ती रोगियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चौबीस घंटे मिलने वाली बिजली आपूर्ति की सुविधा भी बंद हो चुकी है, जिससे चिकित्सीय व्यवस्था पर प्रभावित हो रही है।
एक्सरे और पैथालाजी में जांच का काम बाधित होने के कारण रोगियों का बाजार से एक्सरे और जांच आदि करानी पड़ रही हैं। इतना ही नहीं अस्थि सर्जिकल सुविधा सालों से बंद है। इससे संबंधित रोगियों को आनन फानन रेफर कर दिया जाता है।
कोट
स्टाफ की कमी के कारण शिशु वार्ड फिलहाल महिला वार्ड में शिफ्ट किया गया है। इसके अलावा शिशु वार्ड में कुछ मरम्मत का काम भी चल रहा है। अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी के कारण वार्ड गेट पर ड्यूटी नहीं लग पाती है। व्यवस्था में सुधार के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। एके मिश्रा, जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक ।