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Fatehpur News: हाईवे पर अंडरपास न होने से लगाते हैं लंबा चक्कर

Tue, 30 Jan 2024 03:22 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर Updated Tue, 30 Jan 2024 03:22 AM IST
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Due to lack of underpass on the highway, one has to take long detours.
फोटो - 18 - थरियांव कस्बे के समीप हाईवे पर डिवाइडर पार करता बाइक सवार। संवाद
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- थरियांव क्षेत्र में हाईवे पर 12 किलोमीटर के दायरे में सिर्फ दो अंडरपास बने हैं
- क्षेत्र से सटे ग्रामीण रोजाना डिवाइडर पार कर गलत लेन से करते हैं आवाजाही

संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। छह लेन वाले हाईवे हाईवे-दो पर थरियांव कस्बे के दोनों ओर 12 किलोमीटर तक कट व अंडरपास न होने से क्षेत्रीय लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ती है। इसके अलावा कस्बे के हिस्से में आनेवाले हाईवे पर आवागमन के लिए सिर्फ दो अंडरपास हैं इससे लोग रोजाना डिवाइडर पार कर गलत लेन से आवाजाही करते हैं। नतीजतन हर दिन कोई ने कोई हादसा होता है।
कस्बे से प्रयागराज की ओर चार किलोमीटर तक एक भी कट नहीं हैं। इस दौरान हाईवे से सटे भारतपुर, टेक्सारी बुजुर्ग, ईमादपुर और करियामऊ गांव के लोगों को काफी परेशान का सामना करना पड़ता है। वहीं, कस्बे से कानपुर की ओर आठ किलोमीटर तक हाईवे से सटे जयसिंहपुर, सनगांव, भदाेईया, उसरैना, दनियालपुर, कोडरपुर, दिहुली और बहिलापुर गांव मौजूद हैं। यहां के लोग भी रोजाना कस्बे में पहुंचने के लिए गलत लेन का सहारा लेते हैं। पिछले दिनों कई बार इस कारण हादसे हुए हैं।
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लोगों का कहना है कि लंबा चक्कर काटने से बचने के लिए हाईवे पर आबादी वाले हिस्से में अंडरपास बनने चाहिए। अंडरपास निर्माण के लिए कई बार मौखिक व लिखित में संबंधित अधिकारियों से मांग भी की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अंडरपास बनने से 20 से ज्यादा गांवों के लोगों को आवागमन में लंबा चक्कर भी नहीं काटना पड़ेगा और समय भी बचेगा।
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ग्रामीण बोले
19 - दिहुली गांव के रहने वाले सुनील साहू ने बताया कि रोजाना वह हाईवे पर गलत लेन में चल कर थरियांव पहुंचते हैं। हाईवे पर कट व अंडरपास न होने के कारण मजबूरी में लंबा चक्कर लगाकर आना-जानापड़ता है।
20 -भदोईया गांव निवासी राकेश ने बताया कि हाईवे पर गंतव्य तक पहुंचने के लिए रोजाना उन्हें करीब पांच किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। जो कि काफी लंबा पड़ता है। कट व अंडरपास न होने से अक्सर जोखिम के साथ सफर करना पड़ता है।

----कोट----
छह लेन वाले हाईवे पर कट बनाने का प्रावधान नहीं है। हालांकि अंडरपास का काम चल रहा है। अन्य अंडरपास बन जाने के बाद लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। - प्रेमसागर, मैनेजर एनएचएआई।
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