{"_id":"6521aaef975caab7220eeaa5","slug":"dont-go-alone-take-us-with-you-saying-the-husband-also-broke-his-breath-fatehpur-news-c-217-1-sknp1021-4926-2023-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"अकेले न जाव, हमहूं का साथ लेत चलो: कहकर पति ने भी तोड़ा दम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अकेले न जाव, हमहूं का साथ लेत चलो: कहकर पति ने भी तोड़ा दम
विज्ञापन
सुरेश चंद्र शर्मा
हुसैनगंज। पत्नी की मौत के बाद पति पत्नी के अंतिम दर्शन करते समय रोते बिलखते बोला कि अकेले न जाव, हमहूं का साथ लेत चलो। यह कहकर पति बेहोश हो गया और देखते ही देखते वृद्ध की भी सांसें थम गईं। घटना भिटौरा ब्लाक के हसऊपुर गांव की है। पति-पति की एक साथ अर्थी उठी देखकर गांव में हर किसी की आखें नम हो गईं।
हसऊपर गांव निवासी बरगदीदीन विश्वर्मा (101) की पत्नी रामपती (98) काफी दिन से बीमार थीं। शुक्रवार सुबह रामपती की मौत हो गई। करीब 11 बजे परिजन रामपती के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। पत्नी के पास में बैठते ही पति रोते बोला तुम अकेले न जाव, हमहूं का साथ लेत चलो। यह कहते ही वृद्ध अचेत हो गए। कुछ देर बाद ही वृद्ध पति की भी सांसे थम गई।
दंपती की मौत के बाद गांव में मातम छा गया। पत्नी का अंतिम संस्कार रोक दिया गया। दंपती का बड़ा बेटा प्रेमबाबू कानपुर में मजदूरी करता है और दूसरे नंबर का बेटा राजेंद्र दुबई में रहता है। छोटा बेटा सुरेश जालंधर में मजदूरी करता है। मां की मौत की खबर पर दो भाई तो गए थे। पिता की अचानक मौत के बाद प्रेमबाबू भी रात में दुबई से गांव आ गए। शनिवार को सुबह करीब 10 बजे गाजे बाजे के साथ पति-पत्नी की अर्थी एक साथ निकाली गई। यह दृश्य देख गांव के हर किसी की आंखें नम हो गईं। भीगी आंखों से महिलाओं ने पत्नी को भाग्यशाली कहकर पति के साथ जाने की सराहना करती रहीं। रविवार दोपहर नरौली गंगा घाट पर अगल-बगल बने शेड में दंपती की चिताएं लगाई गईं। छोटे बेटे सुरेश ने माता-पिता को मुखाग्नि दी। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
हुसैनगंज। पत्नी की मौत के बाद पति पत्नी के अंतिम दर्शन करते समय रोते बिलखते बोला कि अकेले न जाव, हमहूं का साथ लेत चलो। यह कहकर पति बेहोश हो गया और देखते ही देखते वृद्ध की भी सांसें थम गईं। घटना भिटौरा ब्लाक के हसऊपुर गांव की है। पति-पति की एक साथ अर्थी उठी देखकर गांव में हर किसी की आखें नम हो गईं।
हसऊपर गांव निवासी बरगदीदीन विश्वर्मा (101) की पत्नी रामपती (98) काफी दिन से बीमार थीं। शुक्रवार सुबह रामपती की मौत हो गई। करीब 11 बजे परिजन रामपती के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। पत्नी के पास में बैठते ही पति रोते बोला तुम अकेले न जाव, हमहूं का साथ लेत चलो। यह कहते ही वृद्ध अचेत हो गए। कुछ देर बाद ही वृद्ध पति की भी सांसे थम गई।
विज्ञापन
दंपती की मौत के बाद गांव में मातम छा गया। पत्नी का अंतिम संस्कार रोक दिया गया। दंपती का बड़ा बेटा प्रेमबाबू कानपुर में मजदूरी करता है और दूसरे नंबर का बेटा राजेंद्र दुबई में रहता है। छोटा बेटा सुरेश जालंधर में मजदूरी करता है। मां की मौत की खबर पर दो भाई तो गए थे। पिता की अचानक मौत के बाद प्रेमबाबू भी रात में दुबई से गांव आ गए। शनिवार को सुबह करीब 10 बजे गाजे बाजे के साथ पति-पत्नी की अर्थी एक साथ निकाली गई। यह दृश्य देख गांव के हर किसी की आंखें नम हो गईं। भीगी आंखों से महिलाओं ने पत्नी को भाग्यशाली कहकर पति के साथ जाने की सराहना करती रहीं। रविवार दोपहर नरौली गंगा घाट पर अगल-बगल बने शेड में दंपती की चिताएं लगाई गईं। छोटे बेटे सुरेश ने माता-पिता को मुखाग्नि दी। (संवाद)
विज्ञापन