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Fatehpur News: डीआईओएस के बाबू ने 10 लाख हड़पे
Mon, 06 May 2024 03:13 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Mon, 06 May 2024 03:13 AM IST
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- शिक्षा विभाग के ही कर्मी से ठगी, बाबू के खिलाफ दूसरा मुकदमा हुआ दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। डीआईओएस कार्यालय में तैनात रहे प्रधान लिपिक के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर शिक्षा विभाग में नौकरी का झांसा देकर युवक से 10 लाख रुपये हड़पने का मुकदमा दर्ज हुआ है। बाबू के खिलाफ शनिवार को भी नौकरी का झांसा देकर 15 लाख की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था।
खागा कोतवाली जीटी रोड निवासी रमेश सिंह शिक्षा विभाग के कर्मचारी हैं। उन्होंने डीआईओएस कार्यालय में तत्कालीन प्रधान सहायक सत्यप्रकाश वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। सत्यप्रकाश मुरादाबाद कोतवाली रोड हिमगिरी कालोनी निवासी है। रमेश सिंह ने एफआईआर में बताया कि सत्यप्रकाश वर्मा से उसकी जान-पहचान थी।
बाबू ने शिक्षा विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। उसने अपने एक रिश्तेदार की नौकरी की बातचीत की। सत्यप्रकाश ने पहले एक लाख रुपये मांगे। बाकी नौ लाख रुपये काम होने पर देने की बात तय हुई। उसने सत्य प्रकाश वर्मा के खाते में एक लाख रुपये जमा किया। नौकरी के बारे में बातचीत पर कोराना महामारी की वजह बताई।
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अगस्त 2023 को आरोपी ने काम होने का आश्वासन देकर नौ लाख रुपये ले लिए। स्टांपपेपर पर लिखापढ़ी की। दूसरे महीने सत्यप्रकाश वर्मा से मुलाकात की। उसने प्रयागराज स्थानांतरण होना बताया। कुछ और समय मांगा। इसके बाद सत्यप्रकाश से संपर्क नहीं हो सका। शनिवार को भी बाबू के खिलाफ प्रतापगढ़ के पदमेश ने शिक्षा विभाग में नौकरी का झांसा देकर 15 लाख की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। डीआईओएस कार्यालय में तैनात रहे प्रधान लिपिक के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर शिक्षा विभाग में नौकरी का झांसा देकर युवक से 10 लाख रुपये हड़पने का मुकदमा दर्ज हुआ है। बाबू के खिलाफ शनिवार को भी नौकरी का झांसा देकर 15 लाख की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था।
खागा कोतवाली जीटी रोड निवासी रमेश सिंह शिक्षा विभाग के कर्मचारी हैं। उन्होंने डीआईओएस कार्यालय में तत्कालीन प्रधान सहायक सत्यप्रकाश वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। सत्यप्रकाश मुरादाबाद कोतवाली रोड हिमगिरी कालोनी निवासी है। रमेश सिंह ने एफआईआर में बताया कि सत्यप्रकाश वर्मा से उसकी जान-पहचान थी।
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बाबू ने शिक्षा विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। उसने अपने एक रिश्तेदार की नौकरी की बातचीत की। सत्यप्रकाश ने पहले एक लाख रुपये मांगे। बाकी नौ लाख रुपये काम होने पर देने की बात तय हुई। उसने सत्य प्रकाश वर्मा के खाते में एक लाख रुपये जमा किया। नौकरी के बारे में बातचीत पर कोराना महामारी की वजह बताई।
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अगस्त 2023 को आरोपी ने काम होने का आश्वासन देकर नौ लाख रुपये ले लिए। स्टांपपेपर पर लिखापढ़ी की। दूसरे महीने सत्यप्रकाश वर्मा से मुलाकात की। उसने प्रयागराज स्थानांतरण होना बताया। कुछ और समय मांगा। इसके बाद सत्यप्रकाश से संपर्क नहीं हो सका। शनिवार को भी बाबू के खिलाफ प्रतापगढ़ के पदमेश ने शिक्षा विभाग में नौकरी का झांसा देकर 15 लाख की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था।