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Fatehpur News: मेडिकल कॉलेज की संबद्धता के बावजूद जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं बदहाल
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फोटो-37-जिला अस्पताल में औषधि वितरण कक्ष के सामने लगी तीमारदारों की भीड़। संवाद
फतेहपुर। मेडिकल कॉलेज की जिला अस्पताल से संबद्धता के बाद मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद जगी थी लेकिन जमीनी हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं। प्रतिदिन लगभग 1,500 से 2,000 मरीजों की ओपीडी वाले जिला अस्पताल में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के कारण व्यवस्थाएं बदहाल बनी हुई हैं। प्रशासन की सख्ती के बावजूद हालात में खास सुधार नहीं दिख रहा है।
जिला अस्पताल में 29 डॉक्टरों के पद सृजित हैं। वर्तमान में केवल 17 डॉक्टर ही तैनात हैं। मेडिकल कॉलेज से संबद्धता के बाद कुछ डॉक्टरों की ड्यूटी जिला अस्पताल में लगाई जाती है। नियमित डॉक्टरों की कमी के चलते दूर-दराज से आने वाले मरीजों और तीमारदारों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल में जांच, भर्ती और दवा वितरण जैसी सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। शासन स्तर पर शिकायत के बाद जांच और निरीक्षण होने पर कुछ समय के लिए व्यवस्थाएं सुधरती हैं, लेकिन बाद में स्थिति फिर पुराने ढर्रे पर लौट आती है।
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सीएमएस डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्टाफ की कमी से व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। बावजूद इसके उपलब्ध संसाधनों के सहारे बेहतर सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।
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जिला अस्पताल में 29 डॉक्टरों के पद सृजित हैं। वर्तमान में केवल 17 डॉक्टर ही तैनात हैं। मेडिकल कॉलेज से संबद्धता के बाद कुछ डॉक्टरों की ड्यूटी जिला अस्पताल में लगाई जाती है। नियमित डॉक्टरों की कमी के चलते दूर-दराज से आने वाले मरीजों और तीमारदारों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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अस्पताल में जांच, भर्ती और दवा वितरण जैसी सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। शासन स्तर पर शिकायत के बाद जांच और निरीक्षण होने पर कुछ समय के लिए व्यवस्थाएं सुधरती हैं, लेकिन बाद में स्थिति फिर पुराने ढर्रे पर लौट आती है।
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सीएमएस डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्टाफ की कमी से व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। बावजूद इसके उपलब्ध संसाधनों के सहारे बेहतर सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।