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ट्रेन की चपेट में आकर दो बहनों की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
Updated Sun, 31 Jan 2016 12:42 AM IST
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रेल की पटरियां लांघकर बहन के घर जा रहे पिता के पीछे दौड़
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रहीं दो मासूम बच्चियां ट्रेन से कट गईं, पिता को पता तक नहीं चला।
गांववालों की भीड़ जुटने पर घटना की जानकारी हुई तो परिजनों में कोहराम मच
गया। दिल दहला देने वाली यह घटना शनिवार सुबह 8 बजे कल्याणपुर थाना क्षेत्र
में बिंदकी रेलवे क्रासिंग के पास हुई। परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम न
कराके अंतिम संस्कार कर दिया।
कल्याणपुर थाना क्षेत्र में बिंदकी रेलवे क्रासिंग के दोनों ओर हरसिंगपुर गांव बसा है। जहां हादसा हुआ, वहां क्रासिंग नहीं है। यहां राकेश उर्फ ननकू रैदास परिवार के साथ रहते हैं। परिजनों के मुताबिक शनिवार सुबह ननकू दूसरी ओर रह रही अपनी बहन राधा के घर जाने के लिए निकला। उसे पता नहीं था कि दो बेटियां नैना (5) व नैन्सी (3) भी पीछे आ रही हैं।
ननकू रेल पटरी पार कर रहा था कि दोनों बच्चियां कानपुर की ओर से आ रही संगम एक्सप्रेस से कट गईं। ननकू को तब चला जब वह राधा के घर के पास पहुंच गया। बदहवास हाल में वह, राधा और दूसरी तरफ से उसकी पत्नी रेल पटरी की ओर दौड़े। बच्चियों के क्षत-विक्षत शव पहचानना मुश्किल हो रहा था।
थोड़ी देर में तमाम ग्रामीण घटनास्थल पर आ पहुंचे। जिसने भी देखा, उसकी आंखों से आंसू छलक आए। ग्रामीण यहां अंडरब्रिज बनाने की मांग लगातार करते आ रहे हैं। उनमें इस बात को लेकर खासा गुस्सा था कि मांग के बावजूद यहां अंडरब्रिज नहीं बनवाया गया और फिर हादसा हो गया।
सूचना पर चौडगरा चौकी इंचार्ज सनुज यादव मौके पर पहुंचे। परिजनों ने पोस्टमार्टम के लिए पुलिस को शव देने से साफ मना कर दिया। बहुत कोशिश के बाद भी पुलिस शव नहीं ले सकी। दोनों बहनों के शरीरों के टुकड़े इकट्ठा कर पति-पत्नी ने गठरी में रखे और आनन-फानन चंद्रिका माता गंगा घाट गुनीर में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
कल्याणपुर थाना क्षेत्र में बिंदकी रेलवे क्रासिंग के दोनों ओर हरसिंगपुर गांव बसा है। जहां हादसा हुआ, वहां क्रासिंग नहीं है। यहां राकेश उर्फ ननकू रैदास परिवार के साथ रहते हैं। परिजनों के मुताबिक शनिवार सुबह ननकू दूसरी ओर रह रही अपनी बहन राधा के घर जाने के लिए निकला। उसे पता नहीं था कि दो बेटियां नैना (5) व नैन्सी (3) भी पीछे आ रही हैं।
ननकू रेल पटरी पार कर रहा था कि दोनों बच्चियां कानपुर की ओर से आ रही संगम एक्सप्रेस से कट गईं। ननकू को तब चला जब वह राधा के घर के पास पहुंच गया। बदहवास हाल में वह, राधा और दूसरी तरफ से उसकी पत्नी रेल पटरी की ओर दौड़े। बच्चियों के क्षत-विक्षत शव पहचानना मुश्किल हो रहा था।
थोड़ी देर में तमाम ग्रामीण घटनास्थल पर आ पहुंचे। जिसने भी देखा, उसकी आंखों से आंसू छलक आए। ग्रामीण यहां अंडरब्रिज बनाने की मांग लगातार करते आ रहे हैं। उनमें इस बात को लेकर खासा गुस्सा था कि मांग के बावजूद यहां अंडरब्रिज नहीं बनवाया गया और फिर हादसा हो गया।
सूचना पर चौडगरा चौकी इंचार्ज सनुज यादव मौके पर पहुंचे। परिजनों ने पोस्टमार्टम के लिए पुलिस को शव देने से साफ मना कर दिया। बहुत कोशिश के बाद भी पुलिस शव नहीं ले सकी। दोनों बहनों के शरीरों के टुकड़े इकट्ठा कर पति-पत्नी ने गठरी में रखे और आनन-फानन चंद्रिका माता गंगा घाट गुनीर में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।