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पुलिस की तीसरी आंख में मोतियाबिंद
ब्यूरो, अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Sat, 27 Feb 2016 12:10 AM IST
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सर्किट टीवी कैमरे लगे हैं। पर, इनमें अधिकतर को मोतियाबिंद हो गया है।
बीते दिनों हुई सनसनीखेज वारदातों की जांच में यह बात उजागर हुई। पुलिस
अधीक्षक ने इन कैमरों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। वैसे, कई बार
कैमरों को सुधारने का काम भी हुआ है लेकिन लगातार सही रखरखाव न होने से यह
खराब हो जाते हैं। यही वजह है कि लूट, चोरी, टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम
देने के बाद बदमाश निकल जाते हैं और पुलिस हाथ मलती रह जाती है। एसपी
कलानिधि नैथानी के आदेश पर टीएसआई को कैमरों को दुरुस्त कराने की
जिम्मेदारी दी गई है। कै मरों के इंजीनियर को लेकर टीएसआई ने निरीक्षण किया
और दुरुस्त करवाने का काम शुरू कराया है। फिलहाल कैमरों की हालत पर आशीष
दीक्षित की एक रिपोर्ट।
व्यस्त चौराहा, व्यवस्था धड़ाम
शहर का व्यस्ततम चौराहे ज्वालागंज और चौक बाजार के कै मरे सीधे कोतवाली से आपरेट होते हैं। इन स्थानों पर अक्सर घटनाएं होती है। कोतवाली रोड पर बैंक होने पर टप्पेबाजी, लूटपाट भी होती है। यहां का मॉनीटरिंग सिस्टम धूल फांक रहा है। यहां के सारे सीसीटीवी कैमरे धड़ाम पड़े हैं। जांच में पता चला कि मॉनीटर रूम से कैमरों की ओर जाने वाली केबिल ही कटी पड़ी है।
ऐसी आंख जो एक ही ओर देखती
जिला कारागार गेट के बाहर मूवमेंट वाला सीसीटीवी कै मरा लगाया गया है। कै मरे की मॉनीटरिंग जेल से दस कदम पर स्थित पुलिस चौकी से की जाती है। कै मरे की टीएफटी कुछ दिनों पहले चालू की गई है। मॉनीटरिंग सिस्टम में चार स्थानों का जायजा लिया जा सकता है लेकिन बाकी सभी जगहें टीएफटी पर नहीं दिखाई देती है। कारागार परिसर के बाहर ही लटकता हुआ कै मरा ही चालू है। चौबीस घंटे आपरेट करने के लिए चौकी में इनवर्टर की भी व्यवस्था नहीं है। बिजली होने पर तो चालू रहता है, बाकी समय पर बंद हो जाता है।
बाकरगंज में तीन में दो चालू
शहर के बाकरगंज पुलिस चौकी में लगा कैमरा ही सही सलामत है। यहां पर चारों कोनों पर पुलिस की तीसरी आंख लगी है लेकिन एक कैमरा बिगड़ा हुआ है। सिस्टम की मॉनीटरिंग करने वाला कोई नहीं दिखा। घनी आबादी के बीच की सर्राफा बाजार चौक से जुड़ी हुई पुलिस चौकी है। अगर किसी को सिस्टम की निगरानी में बैठाया जाए तो तमाम शरारतीतत्वों की धरपकड़ पुलिस कर सकती है। 11 अप्रैल को पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर व्यापारियों की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद यहां का कै मरा दुरुस्त कराया गया था।
यहां तो महीनों से फुंकी केबिल
सुरक्षा के दृष्टि से महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। इस कैमरे का आपरेटिंग सिस्टम जीआरपी थाने से होता है। कई महीनों से रेलवे स्टेशन पर लगा कै मरा शोपीस बनकर रह गया है। यहां के कै मरे की केबिल कई महीनों से फुंकी पड़ी है। इसी वजह से कैमरा चालू नहीं है।
व्यस्त चौराहा, व्यवस्था धड़ाम
शहर का व्यस्ततम चौराहे ज्वालागंज और चौक बाजार के कै मरे सीधे कोतवाली से आपरेट होते हैं। इन स्थानों पर अक्सर घटनाएं होती है। कोतवाली रोड पर बैंक होने पर टप्पेबाजी, लूटपाट भी होती है। यहां का मॉनीटरिंग सिस्टम धूल फांक रहा है। यहां के सारे सीसीटीवी कैमरे धड़ाम पड़े हैं। जांच में पता चला कि मॉनीटर रूम से कैमरों की ओर जाने वाली केबिल ही कटी पड़ी है।
ऐसी आंख जो एक ही ओर देखती
जिला कारागार गेट के बाहर मूवमेंट वाला सीसीटीवी कै मरा लगाया गया है। कै मरे की मॉनीटरिंग जेल से दस कदम पर स्थित पुलिस चौकी से की जाती है। कै मरे की टीएफटी कुछ दिनों पहले चालू की गई है। मॉनीटरिंग सिस्टम में चार स्थानों का जायजा लिया जा सकता है लेकिन बाकी सभी जगहें टीएफटी पर नहीं दिखाई देती है। कारागार परिसर के बाहर ही लटकता हुआ कै मरा ही चालू है। चौबीस घंटे आपरेट करने के लिए चौकी में इनवर्टर की भी व्यवस्था नहीं है। बिजली होने पर तो चालू रहता है, बाकी समय पर बंद हो जाता है।
बाकरगंज में तीन में दो चालू
शहर के बाकरगंज पुलिस चौकी में लगा कैमरा ही सही सलामत है। यहां पर चारों कोनों पर पुलिस की तीसरी आंख लगी है लेकिन एक कैमरा बिगड़ा हुआ है। सिस्टम की मॉनीटरिंग करने वाला कोई नहीं दिखा। घनी आबादी के बीच की सर्राफा बाजार चौक से जुड़ी हुई पुलिस चौकी है। अगर किसी को सिस्टम की निगरानी में बैठाया जाए तो तमाम शरारतीतत्वों की धरपकड़ पुलिस कर सकती है। 11 अप्रैल को पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर व्यापारियों की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद यहां का कै मरा दुरुस्त कराया गया था।
यहां तो महीनों से फुंकी केबिल
सुरक्षा के दृष्टि से महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। इस कैमरे का आपरेटिंग सिस्टम जीआरपी थाने से होता है। कई महीनों से रेलवे स्टेशन पर लगा कै मरा शोपीस बनकर रह गया है। यहां के कै मरे की केबिल कई महीनों से फुंकी पड़ी है। इसी वजह से कैमरा चालू नहीं है।